Air India की सैन फ्रांसिस्को-Delhi फ्लाइट की उलानबटार में इमरजेंसी लैंडिंग यात्रियों की बढ़ी धड़कनें
नई दिल्ली: भारत की प्रमुख विमानन कंपनी Air India की एक उड़ान AI174, जो सैन फ्रांसिस्को से कोलकाता होते हुए दिल्ली जा रही थी, ने मंगोलिया के उलानबटार एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग (Emergency Landing) की। यह घटना 2 नवंबर को हुई, जब विमान को तकनीकी खराबी के संदेह के चलते बीच रास्ते में उतरना पड़ा।
हालांकि राहत की बात यह है कि विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया और सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि “यह लैंडिंग पूरी तरह सावधानी के तौर पर की गई थी।”
तकनीकी गड़बड़ी का शक – तुरंत लिया गया सावधानी भरा फैसला
एयर इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार, AI174 फ्लाइट के क्रू को बीच उड़ान में तकनीकी समस्या का शक हुआ। विमान प्रशांत महासागर के ऊपर था और लंबी दूरी की उड़ान में किसी भी जोखिम से बचने के लिए पायलट ने सावधानीपूर्वक उलानबटार एयरपोर्ट की ओर रुख किया।
विमान की लैंडिंग पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रित रही। प्रवक्ता ने कहा –
“यह कदम यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियात के तौर पर उठाया गया। विमान को सुरक्षित रूप से मंगोलिया के उलानबटार में उतारा गया है और जांच टीम स्थिति का मूल्यांकन कर रही है।”
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कैसे हुआ आपातकालीन निर्णय – क्रू की तत्परता ने बचाई स्थिति
एयर इंडिया की इस फ्लाइट में करीब 200 से अधिक यात्री सवार थे। क्रू ने विमान में तकनीकी दिक्कत का संकेत मिलते ही कंट्रोल रूम से संपर्क किया और विमान के निकटतम सुरक्षित एयरपोर्ट की पहचान की।
उसी दौरान, उलानबटार एयरपोर्ट (Ulaanbaatar International Airport) से अनुमति ली गई, जहां तुरंत आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट कर दिया गया। विमान के उतरते ही फायर टेंडर, मेडिकल यूनिट और इंजीनियरिंग टीम तैयार खड़ी थी। सौभाग्य से, किसी भी तरह की अनहोनी नहीं हुई।
एयर इंडिया का आधिकारिक बयान – यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है
एयर इंडिया ने इस घटना के बाद एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया –
“2 नवंबर को सैन फ्रांसिस्को से कोलकाता होते हुए दिल्ली जा रहे AI174 विमान ने मंगोलिया के उलानबटार में सावधानी के तौर पर लैंडिंग की। फ्लाइट क्रू को बीच रास्ते में तकनीकी खराबी का शक हुआ, इसलिए यह निर्णय लिया गया। विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की और आवश्यक जांच की जा रही है।”
बयान में आगे कहा गया –
“हम यात्रियों को असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं। एयर इंडिया अपने पार्टनर्स के साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी यात्रियों को जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाए। हमारे लिए यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोपरि है।”
विमान की तकनीकी जांच जारी – विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची
एयर इंडिया की इंजीनियरिंग टीम और स्थानीय एविएशन अथॉरिटी की मदद से विमान की गहन जांच की जा रही है। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी दूरी की उड़ानों में “प्रिकॉशनरी लैंडिंग” एक सामान्य प्रक्रिया है, जो संभावित जोखिमों से बचने के लिए की जाती है।
सूत्रों ने बताया कि जांच में किसी इंजन या इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी कोई खराबी की पुष्टि नहीं हुई है।
मंगोलिया के उलानबटार में यात्रियों के लिए की गई विशेष व्यवस्था
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आपातकालीन लैंडिंग के बाद एयर इंडिया और मंगोलिया एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए विशेष इंतज़ाम किए। सभी यात्रियों को एयरपोर्ट के लाउंज और होटल में ठहराया गया, जबकि एयरलाइन ने खाने-पीने और संचार सुविधाओं की व्यवस्था की।
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा –
“हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि यात्रियों को हर संभव सुविधा मिले। सभी को जल्द से जल्द दिल्ली लाने की व्यवस्था की जा रही है।”
सुरक्षा के प्रति एयर इंडिया का बढ़ता फोकस
पिछले कुछ वर्षों में एयर इंडिया ने अपने विमानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई नए मानक लागू किए हैं। एयरलाइन ने कहा कि ऐसे हालात में “प्रिकॉशनरी लैंडिंग एक ज़िम्मेदार कदम” होता है, जो यात्रियों की जान की हिफाजत सुनिश्चित करता है।
एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया –
“हमारे पायलट और क्रू ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षित होते हैं। इस घटना में टीम की त्वरित सोच ने स्थिति को नियंत्रण में रखा।”
यात्रियों के अनुभव – डर से राहत तक का सफर
विमान में मौजूद कई यात्रियों ने बताया कि जब लैंडिंग की घोषणा हुई, तो कई लोग घबरा गए थे। एक यात्री ने कहा –
“हमें बताया गया कि विमान में तकनीकी दिक्कत का शक है, लेकिन क्रू का व्यवहार बेहद शांत था। इससे घबराहट कम हो गई।”
दूसरे यात्री ने कहा –
“विमान सुरक्षित उतरते ही सभी ने राहत की सांस ली। एयर इंडिया ने हमें तुरंत खाना, पानी और ठहरने की सुविधा दी। उनके व्यवहार से लगा कि हमारी सुरक्षा उनके लिए सबसे जरूरी थी।”
जांच रिपोर्ट के बाद ही दोबारा उड़ान भरेगा विमान
एयर इंडिया की इंजीनियरिंग टीम ने उलानबटार में ही विमान का निरीक्षण शुरू कर दिया है। जब तक तकनीकी टीम पूरी तरह संतुष्ट नहीं होती, तब तक यह विमान उड़ान नहीं भरेगा।
संभावना जताई जा रही है कि विमान की रिपेयरिंग पूरी होने के बाद या वैकल्पिक विमान की व्यवस्था से यात्रियों को दिल्ली भेजा जाएगा।
एयर इंडिया ने दी सुरक्षा पर स्पष्टता – सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है
एयर इंडिया ने जोर देकर कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को कोई नुकसान नहीं हुआ। बयान में यह भी कहा गया कि एयरलाइन अपने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करती है और हर स्थिति में जीरो-रिस्क पॉलिसी अपनाती है।
एविएशन एक्सपर्ट्स ने बताया – ‘सही फैसला लिया गया’
एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि एयर इंडिया का यह फैसला “साहसिक और जिम्मेदाराना” था। वरिष्ठ पायलट कैप्टन राकेश मेहरा ने कहा –
“तकनीकी शक के बावजूद विमान उड़ाते रहना सबसे बड़ा जोखिम होता है। उलानबटार में सुरक्षित लैंडिंग कर पायलट ने यात्रियों की जान बचाई। यही एक प्रशिक्षित टीम की पहचान है।”
सोशल मीडिया पर यात्रियों ने जताया भरोसा – एयर इंडिया पर और बढ़ा विश्वास
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इस घटना की खबर सामने आने के बाद कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर एयर इंडिया की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा –
“थोड़ी देर हुई, लेकिन सुरक्षा से बड़ी कोई बात नहीं। धन्यवाद Air India!”
दूसरे ने कहा –
“सैन फ्रांसिस्को से इतनी लंबी उड़ान के बीच अगर कोई गड़बड़ी का अंदेशा भी हो तो सतर्क रहना जरूरी है। एयर इंडिया की टीम को सलाम।”
Air India की फ्लाइट पर आफत, नहीं पूरी कर पाई दिल्ली से वाशिंगटन की यात्रा, वियाना में कराई गई लैंडिंग
Air India की एक इंटरनेशनल फ्लाइट एक बार फिर संकट में आ गई। दिल्ली से वाशिंगटन जा रही उड़ान संख्या AI-103 को तकनीकी खराबी के कारण ऑस्ट्रिया के वियाना में आपात स्थिति में उतारना पड़ा। फ्लाइट में मौजूद यात्रियों में घबराहट फैल गई, हालांकि सभी सुरक्षित हैं। एयरलाइन ने इस घटना की जांच शुरू कर दी है और यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। Air India की तकनीकी समस्याओं को लेकर यह एक और बड़ा मामला सामने आया है।
Air India की फ्लाइट में फिर संकट, दिल्ली-वाशिंगटन उड़ान की वियाना में इमरजेंसी लैंडिंग 20
एयर इंडिया के पैसेंजर्स की परेशानियां खत्म होने का नाम नहीं ले रहे हैं. 2 जुलाई को एक बार फिर दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट से अमेरिका के वाशिंगटन एयरपोर्ट के लिए उड़ी फ्लाइट AI103 अपना सफर पूरा नहीं कर पाई. इस फ्लाइट को वियाना में लैंड कराया गया, इसके बाद यह प्लेन तकनीकी खराबी के चलते आगे का सफर पूरा कर नहीं पाया. एयर इंडिया के प्लेन में आई तकनीकी खराबी के चलते वाशिंगटन से आईजीआई एयरपोर्ट के लिए उड़ान भरने वाले AI104 को भी कैंसिल करना पड़ गया.
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आईजीआई एयरपोर्ट से एयर इंडिया की फ्लाइट एआई-103 ने वॉशिंगटन डीसी जाने वाली उड़ान भरी थी.
फ्लाइट को मध्य रात्रि करीब 12:45 बजे टेकऑफ होना था, लेकिन ऑपरेशनल रीजन्स की वजह से रात्रि करीब 1:20 बजे उड़ान भर सकी. आपको बता दें कि इस उड़ान के लिए एयर इंडिया ने बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर प्लेन तैनात किया था. सुबह करीब 6:23 बजे यह फ्लाइट रिफ्यूलिंग के लिए वियाना एयरपोर्ट पर लैंड हुई. रिफ्यूलिंग के बाद प्लेन की जांच में तकनीकी खराबी पाई गई. जिसके बाद, इस प्लेन को वहीं रोक लिया गया. इसके बाद, वियाना से वॉशिंगटन की फ्लाइट को कैंसिल कर दिया गया. प्लेन में मौजूद सभी मुसाफिरों को वियाना में ही डिबोर्ड करा दिया गया. एयर इंडिया के अनुसार, जिन मुसाफिरों के पास वीजा-मुक्त प्रवेश की सुविधा थी या जिनके पास वैध शेंगेन वीजा था, उन्हें वियना में होटल में ठहराया गया. वहीं, जिन पैसेंजर्स के पास वियना में प्रवेश की अनुमति नहीं थी, उनको होटल में ठहराने के लिए ऑस्ट्रियाई अधिकारियों से बातचीत की गई है. आपको बता दें कि इस घटना का असर केवल दिल्ली-वाशिंगटन फ्लाइट तक सीमित नहीं रहा. एयर इंडिया ने वॉशिंगटन से दिल्ली आने वाले AI104 को भी रद्द कर दिया है.
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air india आखिरी सफर पर छलका दर्द: पायलट बेटे की विदाई में टूटे पिता, पत्नी की गोद में चार महीने के जुड़वा बच्चे
air india देश ने हाल ही में दो बड़े हवाई हादसों में अपने दो बहादुर पायलटों को खो दिया। एक ओर एयर इंडिया के विमान दुर्घटना में कैप्टन सुमित सभरवाल की शहादत, दूसरी ओर केदारनाथ में हेलीकॉप्टर क्रैश में कैप्टन राजवीर सिंह चौहान की दर्दनाक मौत ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया।
Air India आखिरी सफर में छलका दर्द: एयर इंडिया पायलट कैप्टन सुमित और हेलीकॉप्टर पायलट राजवीर की विदाई ने रुलाया देश 31
हाथ जोड़े पिता, बेटे की अर्थी के सामने रोते रहे
अहमदाबाद एयरपोर्ट पर एयर इंडिया फ्लाइट AI171 की दुर्घटना में शहीद हुए कैप्टन सुमित सभरवाल को उनके पिता पुष्करराज ने मुंबई में आखिरी विदाई दी। वो क्षण बेहद मार्मिक था जब एक बूढ़ा पिता हाथ जोड़कर अपने बेटे के पार्थिव शरीर को निहार रहा था, आंसुओं का सैलाब रुक नहीं रहा था।
वह दृश्य जिसने पूरे देश को भावुक कर दिया, एक कैमरे में कैद हुआ वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। कैप्टन सुमित के पिता की टूटी हुई आवाज़, कांपते हुए हाथ और आंखों में एक पिता का खोया सपना – यह किसी को भी अंदर तक हिला सकता है।
अंतिम दर्शन को उमड़ा जनसैलाब
कैप्टन सुमित का पार्थिव शरीर ताबूत में मुंबई लाया गया और पवई स्थित जल वायु विहार में अंतिम दर्शन के लिए रखा गया। बाद में चकला विद्युत शवदाह गृह में उनका अंतिम संस्कार किया गया।
वो 56 वर्षीय कैप्टन सुमित 8,200 घंटे की उड़ान का अनुभव रखते थे और हादसे के वक्त उनके साथ फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर भी मौजूद थे। इस हादसे में कुल 271 लोगों की जान गई, जिनमें 242 यात्री विमान में और 29 लोग मेडिकल कॉलेज परिसर में थे।
जयपुर में भी टूटा परिवार: पत्नी लेफ्टिनेंट कर्नल, 4 महीने पहले हुए थे जुड़वा बच्चे
दूसरी ओर, उत्तराखंड में केदारनाथ के पास बेल 407 हेलीकॉप्टर क्रैश में कैप्टन राजवीर सिंह चौहान की मौत हो गई। वह अक्टूबर 2024 से ‘आर्यन एविएशन’ के लिए उड़ान भर रहे थे। राजवीर की पत्नी, लेफ्टिनेंट कर्नल दीपिका चौहान, जो खुद सेना में अधिकारी हैं, ने रोते हुए अपने पति को अंतिम विदाई दी।
जब दीपिका के हाथों में कांपते हुए फूल थे
जयपुर में शास्त्री नगर स्थित घर पर राजवीर सिंह का पार्थिव शरीर लाया गया। दीपिका की आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे – वो एक सैनिक की पत्नी थीं, लेकिन उस वक्त सिर्फ एक पत्नी थीं जिसने अपने जीवन साथी को खो दिया था।
यह जानकर दिल और भी टूट जाता है कि दीपिका ने चार महीने पहले ही जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। आज वो अकेले उन बच्चों की जिम्मेदारी उठाने को मजबूर हैं।
दो हादसे, दो परिवार, एक जैसा दर्द
देश में पिछले हफ्ते हुए इन दो हादसों ने हजारों लोगों को हमेशा के लिए अपनों से दूर कर दिया। एक विमान हादसा जिसमें अंतरराष्ट्रीय यात्रा पर निकले यात्री शामिल थे और दूसरा हेलीकॉप्टर हादसा जो उत्तराखंड की पहाड़ियों में हुआ।
Air India आखिरी सफर में छलका दर्द: एयर इंडिया पायलट कैप्टन सुमित और हेलीकॉप्टर पायलट राजवीर की विदाई ने रुलाया देश 32
इन हादसों ने यह साफ कर दिया कि कितनी भी बड़ी तकनीक हो, एक छोटी सी लापरवाही कई परिवारों को तबाह कर सकती है।
शोक में डूबा देश, नेताओं से लेकर आम जनता तक ने जताया दुख
राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ बागडे, मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने भी हादसे पर शोक जताया है। सोशल मीडिया पर इन दोनों पायलटों की श्रद्धांजलि पोस्ट वायरल हो रही हैं।
DGCA और एयर इंडिया ने दिए जांच के आदेश
एयर इंडिया ने हादसे की जांच के लिए DGCA को सहयोग देने की बात कही है। साथ ही एक हेल्पलाइन नंबर 1800 5691 444 भी जारी किया गया है, ताकि परिजन और मित्र अपनों की जानकारी ले सकें।
आखिरी सफर पर दो पायलट और दर्द में डूबे उनके परिवार – देश के दो वीडियो जो हर किसी को रुला देंगे
अहमदाबाद और केदारनाथ में हुए दो बड़े हादसों ने देश को झकझोर कर रख दिया है। एक ओर थे कैप्टन सुमित सभरवाल, जिन्होंने एयर इंडिया की फ्लाइट AI171 को लंदन के लिए उड़ान भराई थी, लेकिन वह विमान अहमदाबाद एयरपोर्ट पर दुर्घटनाग्रस्त हो गया। दूसरी ओर थे रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल राजवीर सिंह चौहान, जो केदारनाथ में हेलीकॉप्टर दुर्घटना में शहीद हो गए। इन दोनों की अंतिम विदाई के दो वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हैं, जो हर किसी की आंखें नम कर रहे हैं।
पिता की आंखों में बेटे का अंतिम दर्शन
कैप्टन सुमित सभरवाल का पार्थिव शरीर जब मुंबई के पवई स्थित उनके घर पहुंचा, तो उनके बुजुर्ग पिता पुष्करराज हाथ जोड़कर अपने बेटे को अंतिम विदाई दे रहे थे। एक बाप के लिए यह सबसे बड़ा दुख होता है कि वह अपने बेटे का शव देखे। वीडियो में पुष्करराज अपने बेटे के ताबूत के सामने नतमस्तक खड़े थे और उनके आंसू थमने का नाम नहीं ले रहे थे। यह दृश्य इतना मार्मिक था कि सोशल मीडिया पर इसे देखकर हजारों लोग भावुक हो गए।
एयर इंडिया की फ्लाइट AI171, जिसमें 242 यात्री और चालक दल के सदस्य सवार थे, 12 जून को उड़ान भरने के कुछ देर बाद ही हादसे का शिकार हो गई। हादसे में 271 लोगों की मौत हुई, जिनमें सुमित सभरवाल और फर्स्ट ऑफिसर क्लाइव कुंदर भी शामिल थे। सुमित के पास 8200 घंटे का उड़ान अनुभव था।
पत्नी की गोद में चार महीने के जुड़वां बच्चे, और आंखों में आसुओं का सैलाब
राजस्थान के जयपुर निवासी रिटायर्ड लेफ्टिनेंट कर्नल राजवीर सिंह चौहान की अंतिम विदाई भी बेहद भावुक रही। जब उनकी पत्नी, लेफ्टिनेंट कर्नल दीपिका चौहान ने अपने पति को अंतिम विदाई दी, तो वहां मौजूद हर किसी की आंखें भर आईं। दीपिका खुद भारतीय सेना में अधिकारी हैं, और कुछ महीने पहले ही उन्होंने जुड़वां बच्चों को जन्म दिया था।
राजवीर सिंह चौहान उत्तराखंड के गौरीकुंड से केदारनाथ की ओर बेल 407 हेलीकॉप्टर उड़ा रहे थे, जो 15 जून को दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसे में सात लोगों की मौत हुई। राजवीर के पास सेना में 15 वर्षों का अनुभव था और वे विभिन्न भूभागों में उड़ान मिशन की अगुवाई कर चुके थे।
देश ने खो दिए दो वीर, परिवारों का टूटा सपना
इन दोनों हादसों ने न केवल देश को बल्कि दो परिवारों को हमेशा के लिए तोड़ दिया। कैप्टन सुमित के पिता अब अकेले रह गए हैं, और दीपिका को अपने जुड़वां बच्चों के साथ जीवन की लड़ाई अकेले लड़नी है।
अंतिम विदाई के दो वीडियो – एक देश, दो कहानियाँ
इन दोनों अंतिम संस्कार के वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गए हैं। लोगों ने इन पर दुख जताते हुए लिखा – “ये सिर्फ हादसे नहीं, पूरे देश की पीड़ा हैं।” दोनों पायलटों ने न सिर्फ अपनी ड्यूटी निभाई बल्कि अपने कर्तव्य के लिए जान भी कुर्बान कर दी।
एयर इंडिया में महिला पायलट के रूप में काम करने वाली 25 वर्षीय सृष्टि तुली की आत्महत्या का मामला सामने आने के बाद देशभर में सनसनी फैल गई है। मुंबई के मरोल क्षेत्र में अपने किराए के फ्लैट में सृष्टि ने डेटा केबल से फांसी लगाकर अपनी जान दे दी। इस घटना के बाद उनके प्रेमी आदित्य पंडित को पुलिस ने हिरासत में लिया है। आदित्य पर आरोप है कि उसने सृष्टि को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया और आत्महत्या के लिए उकसाया। यह घटना समाज में बढ़ते मानसिक तनाव और रिश्तों की जटिलता को उजागर करती है।
नॉन वेज खाने से रोकने का भी लगाया गया आरोप
सृष्टि के परिवारवालों ने आरोप लगाया है कि आदित्य उसे नॉन वेज खाना छोड़ने के लिए दबाव डालता था। इतना ही नहीं, वह गाली-गलौज और धमकियों के जरिए सृष्टि को परेशान करता था। दोनों की पहली मुलाकात दो साल पहले कमर्शियल पायलट कोर्स के दौरान हुई थी। इसके बाद उनका रिश्ता दोस्ती से बढ़कर प्रेम संबंधों तक पहुंचा। हालांकि, धीरे-धीरे उनके रिश्ते में खटास आने लगी। परिवार का कहना है कि सृष्टि आदित्य के बर्ताव से बेहद परेशान थी, लेकिन उसने कभी खुलकर अपनी पीड़ा नहीं बताई।
VIDEO | "She cannot commit suicide. She was a trained pilot and she cannot even think of taking such a step," says a relative of Srishti Tuli.
Srishti Tuli, a 25-year-old female pilot of Air India hanged herself with a data cable at her rented flat in Mumbai following which… pic.twitter.com/KlWLLHGxYl
घटना वाले दिन सृष्टि ने अपने बॉयफ्रेंड आदित्य को फोन कर कहा कि वह अपनी जान ले लेगी। उस समय आदित्य कार से दिल्ली की यात्रा कर रहा था। जैसे ही उसे यह बात पता चली, वह तुरंत मुंबई लौटा। फ्लैट पहुंचने पर उसने देखा कि दरवाजा अंदर से बंद है। काफी मशक्कत के बाद उसने चाबी बनाने वाले की मदद से दरवाजा खुलवाया। अंदर का नजारा बेहद दर्दनाक था। सृष्टि डेटा केबल से फंदे से लटकी हुई थी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
“वह आत्महत्या नहीं कर सकती”: रिश्तेदारों का बयान
सृष्टि के परिवार और रिश्तेदारों का कहना है कि वह मानसिक रूप से मजबूत और खुशमिजाज थी। उन्होंने दावा किया कि सृष्टि आत्महत्या जैसा कदम उठाने की सोच भी नहीं सकती। उनका कहना है कि आदित्य उसे अक्सर मानसिक रूप से परेशान करता था और कई बार सार्वजनिक रूप से अपमानित भी करता था। रिश्तेदारों के अनुसार, सृष्टि ने यह कदम आदित्य के लगातार दबाव और प्रताड़ना के कारण उठाया।
बॉयफ्रेंड के खिलाफ मामला दर्ज
पुलिस ने आदित्य पंडित के खिलाफ भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 108 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। इस मामले में कोर्ट ने आदित्य को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। पुलिस अब इस मामले की गहराई से जांच कर रही है और सृष्टि के परिवार से भी पूछताछ कर रही है।
परिवार ने की न्याय की मांग
सृष्टि के परिवार ने इस मामले में कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने पुलिस और न्यायालय से अपील की है कि दोषी को जल्द से जल्द सजा मिले। परिवार का कहना है कि सृष्टि को जिस मानसिक प्रताड़ना का सामना करना पड़ा, वह किसी भी व्यक्ति के लिए असहनीय था।
नई दिल्ली: विमानों को बम से उड़ाने की धमकियों का सिलसिला रुकने का नाम नहीं ले रहा है। एक बार फिर 85 विमानों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है, जिससे हड़कंप मच गया है। जिन विमानों को यह धमकियां मिली हैं, उनमें एयर इंडिया के 20, विस्तारा के 20, इंडिगो के 25, और अकासा के 20 विमान शामिल हैं। यह पहली बार नहीं है जब विमानों को ऐसी धमकियां मिली हैं। इससे पहले भी कई बार विमानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं।
285 विमानों पर बम की धमकी
देश में पिछले कुछ दिनों से लगातार विमानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल रही हैं। अब तक कुल 285 विमानों को ऐसी धमकियां दी जा चुकी हैं, जिसमें इन 85 विमानों को जोड़ लें। हालांकि, राहत की बात यह है कि किसी भी विमान में अब तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है, लेकिन इन धमकियों से विमान कंपनियों को काफी नुकसान उठाना पड़ रहा है और यात्रियों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
सरकार ने दिए जांच के आदेश
विमानों को रोजाना मिल रही बम की धमकियों को लेकर केंद्र सरकार भी गंभीर हो गई है। सिविल एविएशन मंत्रालय ने इन धमकियों को गंभीरता से लेते हुए जांच के आदेश दिए हैं। मंत्रालय के सूत्रों का कहना है कि लगातार ऐसी धमकियों के चलते विमानन कंपनियों को अब तक 500 करोड़ रुपये से अधिक का नुकसान हो चुका है।
एयरलाइंस को हो रहा बड़ा नुकसान
विमानों को धमकी मिलने के बाद सुरक्षा कारणों से उन्हें निर्धारित एयरपोर्ट के बजाय नजदीकी एयरपोर्ट पर उतारना पड़ता है। इसके चलते ईंधन की अधिक खपत होती है और फ्लाइट्स में देरी होती है। साथ ही, विमान की दोबारा जांच करनी पड़ती है और यात्रियों को होटलों में ठहराने, भोजन की व्यवस्था, और उन्हें उनके गंतव्य तक पहुंचाने के लिए भी एयरलाइंस कंपनियों को अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ता है। इमरजेंसी लैंडिंग के दौरान एयरपोर्ट को भी पार्किंग चार्ज देना पड़ता है, जिससे कुल मिलाकर विमानन कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ गया है।