संक्षेप में खबर
Bangladesh में हिंदू टीचर के घर को जलाया गया, परिवार ने भागकर बचाई जान | Sylhet Violence के सिलहट जिले में हिंदू शिक्षक बीरेंद्र कुमार डेके के घर को आग लगाई गई कथित इस्लामी कट्टरपंथी समूह पर हमले का आरोप परिवार ने भागकर किसी तरह अपनी जान बचाई घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल 24 दिनों में हिंदुओं पर 9वां हमला भारत सरकार ने हालात पर गहरी चिंता जताई
Bangladesh में हिंदू टीचर के घर को जलाया गया, परिवार ने भागकर बचाई जान | Sylhet Violence में हिंदू टीचर के घर को आग के हवाले किया, परिवार ने भागकर बचाई जान
बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा एक बार फिर सामने आई है। सिलहट जिले में एक हिंदू स्कूल शिक्षक के घर को आग के हवाले कर दिया गया। इस हमले में शिक्षक और उनके परिवार ने किसी तरह भागकर अपनी जान बचाई। घटना ने पूरे इलाके में डर और दहशत का माहौल पैदा कर दिया है।
लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या बांग्लादेश में अब अल्पसंख्यक सुरक्षित हैं?
सिलहट में हिंदू शिक्षक को बनाया गया निशाना
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह घटना सिलहट जिले के गोवाईघाट उपजिला स्थित नंदिरगांव यूनियन के बहोर गांव की है। यहां रहने वाले स्कूल शिक्षक बीरेंद्र कुमार डेके के घर में कथित तौर पर एक इस्लामी कट्टरपंथी समूह ने आग लगा दी।
हमले के वक्त बीरेंद्र कुमार डेके और उनके परिवार के सदस्य घर के अंदर मौजूद थे। अचानक लगी आग के बाद परिवार ने जान बचाने के लिए घर छोड़कर भागना ही बेहतर समझा।
🚨Hindu home comes under attack again!
— Salah Uddin Shoaib Choudhury (@salah_shoaib) January 15, 2026
Islamists have once again set fire at the home of Birendra Kumar Dey alias "Jhunu Sir" (a teacher by profession) in Bahor village of Nandirgaon union in Gowainghat upazila of Sylhet district in Bangladesh. pic.twitter.com/MZRvHBuWpT
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ हमले का वीडियो
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि घर से आग की लपटें उठ रही हैं और आसपास अफरा-तफरी मची हुई है।
परिवार के सदस्य डर के मारे घर से निकलते हुए नजर आते हैं।
घटना के बाद न सिर्फ पीड़ित परिवार बल्कि पूरे गांव में भय और तनाव का माहौल बन गया है।
चार दिन पहले हिंदू ऑटो चालक की कर दी गई थी हत्या
यह कोई पहली घटना नहीं है। इसी हफ्ते की शुरुआत में फेनी जिले के दगनभुइयां उपजिला में एक हिंदू युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई थी।

27 वर्षीय ऑटो रिक्शा चालक समीर दास रविवार शाम घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। बाद में सोमवार को उसकी लाश जगतपुर गांव के एक खेत से बरामद हुई।
परिजनों और पुलिस के हवाले से बांग्लादेशी अखबार डेली मनोबकांठा ने बताया कि समीर की चाकू मारकर हत्या की गई थी।
24 दिनों में हिंदुओं पर 9वां हमला
चिंता की बात यह है कि पिछले 24 दिनों के भीतर हिंदू समुदाय पर यह 9वीं हिंसक घटना बताई जा रही है।
देश के अलग-अलग हिस्सों में हिंदुओं को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है।
इन घटनाओं ने बांग्लादेश की अंतरिम सरकार और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

भारत ने जताई गहरी चिंता
भारत सरकार ने 9 जनवरी को बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, खासकर हिंदुओं पर हो रहे हमलों को लेकर “परेशान करने वाला पैटर्न” बताया था।
भारत ने साफ कहा है कि वह हालात पर नजर बनाए हुए है और उम्मीद करता है कि बांग्लादेश सरकार सांप्रदायिक हिंसा की घटनाओं से सख्ती से निपटेगी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी इन घटनाओं को लेकर चिंता जाहिर की जा रही है।



