Air India की सैन फ्रांसिस्को-Delhi फ्लाइट की उलानबटार में इमरजेंसी लैंडिंग यात्रियों की बढ़ी धड़कनें
नई दिल्ली: भारत की प्रमुख विमानन कंपनी Air India की एक उड़ान AI174, जो सैन फ्रांसिस्को से कोलकाता होते हुए दिल्ली जा रही थी, ने मंगोलिया के उलानबटार एयरपोर्ट पर आपातकालीन लैंडिंग (Emergency Landing) की। यह घटना 2 नवंबर को हुई, जब विमान को तकनीकी खराबी के संदेह के चलते बीच रास्ते में उतरना पड़ा।
हालांकि राहत की बात यह है कि विमान सुरक्षित रूप से लैंड कर गया और सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। एयर इंडिया ने बयान जारी कर कहा कि “यह लैंडिंग पूरी तरह सावधानी के तौर पर की गई थी।”
तकनीकी गड़बड़ी का शक – तुरंत लिया गया सावधानी भरा फैसला
एयर इंडिया के प्रवक्ता के अनुसार, AI174 फ्लाइट के क्रू को बीच उड़ान में तकनीकी समस्या का शक हुआ। विमान प्रशांत महासागर के ऊपर था और लंबी दूरी की उड़ान में किसी भी जोखिम से बचने के लिए पायलट ने सावधानीपूर्वक उलानबटार एयरपोर्ट की ओर रुख किया।
विमान की लैंडिंग पूरी तरह सुरक्षित और नियंत्रित रही। प्रवक्ता ने कहा –
“यह कदम यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एहतियात के तौर पर उठाया गया। विमान को सुरक्षित रूप से मंगोलिया के उलानबटार में उतारा गया है और जांच टीम स्थिति का मूल्यांकन कर रही है।”
Air India की सैन फ्रांसिस्को-Delhi फ्लाइट की उलानबटार में इमरजेंसी लैंडिंग तकनीकी खराबी के शक पर उतारा गया विमान 9
कैसे हुआ आपातकालीन निर्णय – क्रू की तत्परता ने बचाई स्थिति
एयर इंडिया की इस फ्लाइट में करीब 200 से अधिक यात्री सवार थे। क्रू ने विमान में तकनीकी दिक्कत का संकेत मिलते ही कंट्रोल रूम से संपर्क किया और विमान के निकटतम सुरक्षित एयरपोर्ट की पहचान की।
उसी दौरान, उलानबटार एयरपोर्ट (Ulaanbaatar International Airport) से अनुमति ली गई, जहां तुरंत आपातकालीन सेवाओं को अलर्ट कर दिया गया। विमान के उतरते ही फायर टेंडर, मेडिकल यूनिट और इंजीनियरिंग टीम तैयार खड़ी थी। सौभाग्य से, किसी भी तरह की अनहोनी नहीं हुई।
एयर इंडिया का आधिकारिक बयान – यात्रियों को हुई असुविधा के लिए खेद है
एयर इंडिया ने इस घटना के बाद एक आधिकारिक बयान जारी किया, जिसमें कहा गया –
“2 नवंबर को सैन फ्रांसिस्को से कोलकाता होते हुए दिल्ली जा रहे AI174 विमान ने मंगोलिया के उलानबटार में सावधानी के तौर पर लैंडिंग की। फ्लाइट क्रू को बीच रास्ते में तकनीकी खराबी का शक हुआ, इसलिए यह निर्णय लिया गया। विमान ने सुरक्षित लैंडिंग की और आवश्यक जांच की जा रही है।”
बयान में आगे कहा गया –
“हम यात्रियों को असुविधा के लिए खेद व्यक्त करते हैं। एयर इंडिया अपने पार्टनर्स के साथ मिलकर यह सुनिश्चित कर रही है कि सभी यात्रियों को जल्द से जल्द उनके गंतव्य तक पहुंचाया जाए। हमारे लिए यात्रियों और क्रू की सुरक्षा सर्वोपरि है।”
विमान की तकनीकी जांच जारी – विशेषज्ञों की टीम मौके पर पहुंची
एयर इंडिया की इंजीनियरिंग टीम और स्थानीय एविएशन अथॉरिटी की मदद से विमान की गहन जांच की जा रही है। तकनीकी विशेषज्ञों के अनुसार, लंबी दूरी की उड़ानों में “प्रिकॉशनरी लैंडिंग” एक सामान्य प्रक्रिया है, जो संभावित जोखिमों से बचने के लिए की जाती है।
सूत्रों ने बताया कि जांच में किसी इंजन या इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम की अनियमितता की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर अभी कोई खराबी की पुष्टि नहीं हुई है।
मंगोलिया के उलानबटार में यात्रियों के लिए की गई विशेष व्यवस्था
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आपातकालीन लैंडिंग के बाद एयर इंडिया और मंगोलिया एयरपोर्ट प्रशासन ने यात्रियों को असुविधा से बचाने के लिए विशेष इंतज़ाम किए। सभी यात्रियों को एयरपोर्ट के लाउंज और होटल में ठहराया गया, जबकि एयरलाइन ने खाने-पीने और संचार सुविधाओं की व्यवस्था की।
एयर इंडिया के प्रवक्ता ने कहा –
“हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि यात्रियों को हर संभव सुविधा मिले। सभी को जल्द से जल्द दिल्ली लाने की व्यवस्था की जा रही है।”
सुरक्षा के प्रति एयर इंडिया का बढ़ता फोकस
पिछले कुछ वर्षों में एयर इंडिया ने अपने विमानों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर कई नए मानक लागू किए हैं। एयरलाइन ने कहा कि ऐसे हालात में “प्रिकॉशनरी लैंडिंग एक ज़िम्मेदार कदम” होता है, जो यात्रियों की जान की हिफाजत सुनिश्चित करता है।
एयर इंडिया के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया –
“हमारे पायलट और क्रू ऐसी स्थितियों से निपटने के लिए नियमित रूप से प्रशिक्षित होते हैं। इस घटना में टीम की त्वरित सोच ने स्थिति को नियंत्रण में रखा।”
यात्रियों के अनुभव – डर से राहत तक का सफर
विमान में मौजूद कई यात्रियों ने बताया कि जब लैंडिंग की घोषणा हुई, तो कई लोग घबरा गए थे। एक यात्री ने कहा –
“हमें बताया गया कि विमान में तकनीकी दिक्कत का शक है, लेकिन क्रू का व्यवहार बेहद शांत था। इससे घबराहट कम हो गई।”
दूसरे यात्री ने कहा –
“विमान सुरक्षित उतरते ही सभी ने राहत की सांस ली। एयर इंडिया ने हमें तुरंत खाना, पानी और ठहरने की सुविधा दी। उनके व्यवहार से लगा कि हमारी सुरक्षा उनके लिए सबसे जरूरी थी।”
जांच रिपोर्ट के बाद ही दोबारा उड़ान भरेगा विमान
एयर इंडिया की इंजीनियरिंग टीम ने उलानबटार में ही विमान का निरीक्षण शुरू कर दिया है। जब तक तकनीकी टीम पूरी तरह संतुष्ट नहीं होती, तब तक यह विमान उड़ान नहीं भरेगा।
संभावना जताई जा रही है कि विमान की रिपेयरिंग पूरी होने के बाद या वैकल्पिक विमान की व्यवस्था से यात्रियों को दिल्ली भेजा जाएगा।
एयर इंडिया ने दी सुरक्षा पर स्पष्टता – सुरक्षा हमारी प्राथमिकता है
एयर इंडिया ने जोर देकर कहा कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी यात्री या क्रू सदस्य को कोई नुकसान नहीं हुआ। बयान में यह भी कहा गया कि एयरलाइन अपने यात्रियों की सुरक्षा को लेकर अंतरराष्ट्रीय मानकों का पालन करती है और हर स्थिति में जीरो-रिस्क पॉलिसी अपनाती है।
एविएशन एक्सपर्ट्स ने बताया – ‘सही फैसला लिया गया’
एविएशन विशेषज्ञों का मानना है कि एयर इंडिया का यह फैसला “साहसिक और जिम्मेदाराना” था। वरिष्ठ पायलट कैप्टन राकेश मेहरा ने कहा –
“तकनीकी शक के बावजूद विमान उड़ाते रहना सबसे बड़ा जोखिम होता है। उलानबटार में सुरक्षित लैंडिंग कर पायलट ने यात्रियों की जान बचाई। यही एक प्रशिक्षित टीम की पहचान है।”
सोशल मीडिया पर यात्रियों ने जताया भरोसा – एयर इंडिया पर और बढ़ा विश्वास
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इस घटना की खबर सामने आने के बाद कई यात्रियों ने सोशल मीडिया पर एयर इंडिया की तारीफ की। एक यूजर ने लिखा –
“थोड़ी देर हुई, लेकिन सुरक्षा से बड़ी कोई बात नहीं। धन्यवाद Air India!”
दूसरे ने कहा –
“सैन फ्रांसिस्को से इतनी लंबी उड़ान के बीच अगर कोई गड़बड़ी का अंदेशा भी हो तो सतर्क रहना जरूरी है। एयर इंडिया की टीम को सलाम।”
RPF जवान ने ट्रेन में महिला का छीना फोन लेकिन वजह सुनकर सब बोले – सही किया
कहते हैं कि कभी-कभी सबक सिखाने का सबसे अच्छा तरीका होता है — प्रैक्टिकल उदाहरण। हाल ही में ऐसा ही कुछ हुआ जब एक RPF जवान ने ट्रेन में सफर कर रही महिला का फोन खिड़की से झटके में छीन लिया, और फिर मुस्कुराकर बोला — “अब समझ आई गलती?” यह घटना न तो कोई चोरी थी, न बदतमीजी — बल्कि यह थी एक जागरुकता मुहिम, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गई।
ट्रेन में बढ़ती स्नैचिंग को लेकर RPF का अनोखा प्रयोग
रेलवे में मोबाइल फोन और गहनों की स्नैचिंग के मामले बढ़ते जा रहे हैं। खासकर खिड़की वाली सीट पर बैठे यात्री अक्सर मोबाइल बाहर निकालकर वीडियो कॉल या रील बनाते रहते हैं। ऐसे में बाहर खड़े बदमाश झटके में फोन छीनकर भाग जाते हैं।
इसी बात को लेकर RPF जवान ने एक ‘प्रैक्टिकल लेसन’ दिया, ताकि यात्री खुद समझ सकें कि उनकी यह लापरवाही कितनी खतरनाक हो सकती है।
वीडियो में क्या दिखा – एक झटके में छीन लिया फोन
वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि प्लेटफॉर्म पर RPF अधिकारी खड़ा है, और ट्रेन में बैठी एक महिला अपने फोन पर व्यस्त है। अचानक जवान खिड़की से हाथ डालता है और उसका मोबाइल झपट लेता है।
पहले तो महिला घबरा जाती है, उसका चेहरा डर से सफेद पड़ जाता है। लेकिन कुछ ही सेकंड में जवान मुस्कुराते हुए फोन लौटाता है और कहता है — “मैडम, अगर मैं चोर होता तो आपका फोन गया समझिए।”
महिला भी हंसते हुए समझ जाती है कि यह जागरुकता बढ़ाने की कवायद थी।
सोशल मीडिया पर छा गया वीडियो – लोग बोले ‘वाह! ऐसा सबक हर स्टेशन पर देना चाहिए’
यह वीडियो Instagram यूजर @choudhary0409 द्वारा पोस्ट किया गया था। सिर्फ 24 घंटे के भीतर इसे 3 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं। वीडियो के कमेंट सेक्शन में लोगों ने RPF जवान की सोच की जमकर तारीफ की।
एक यूजर ने लिखा,
“ऐसे ही सिखाना चाहिए, वरना लोग नहीं मानते।”
दूसरे ने लिखा,
“मैडम के तो एक पल के लिए प्राण निकल गए होंगे, लेकिन सबक बढ़िया मिला!”
तीसरे ने लिखा,
“थ्योरी नहीं, प्रैक्टिकल से समझाना ज्यादा असरदार होता है। RPF को सलाम।”
हर साल 12,000 से ज्यादा मोबाइल चोरी – NCRB की चौंकाने वाली रिपोर्ट
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) के मुताबिक, भारत में हर साल करीब 12,000 से अधिक मोबाइल फोन चोरी की रिपोर्ट दर्ज होती है। इनमें से ज्यादातर घटनाएं ट्रेन और रेलवे प्लेटफॉर्म पर होती हैं।
रिपोर्ट बताती है कि ज्यादातर मामलों में चोरी स्नैचिंग के जरिए होती है, जब यात्री फोन को खिड़की या ट्रेन के दरवाजे के पास इस्तेमाल करते हैं। RPF की यह पहल इसीलिए की गई है ताकि लोग “सावधानी ही सुरक्षा” के सिद्धांत को समझें।
थ्योरी से ज्यादा असरदार’ साबित हुआ यह तरीका
आमतौर पर रेलवे में यात्रियों को चेतावनी देने के लिए बोर्ड लगाए जाते हैं — “खिड़की से फोन बाहर न निकालें”, “सामान की सुरक्षा स्वयं करें।”
लेकिन ज्यादातर लोग इन चेतावनियों को नज़रअंदाज कर देते हैं।
RPF अधिकारी ने सोचा कि क्यों न इस बार थोड़ा हटके अंदाज अपनाया जाए? नतीजा — वीडियो वायरल, संदेश सीधा और असर गहरा।
महिला ने दी जवान को धन्यवाद, बोलीं – अब कभी नहीं करूँगी ऐसी गलती
वीडियो के आखिर में देखा जा सकता है कि महिला मुस्कुराकर जवान को धन्यवाद देती है। वह कहती है,
“थैंक यू सर, अब मैं कभी खिड़की के पास फोन नहीं चलाऊंगी।”
इस घटना ने न सिर्फ उस महिला को, बल्कि लाखों लोगों को सबक दे दिया कि एक छोटी-सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है।
क्यों जरूरी है यह जागरुकता मुहिम?
भारत में हर दिन औसतन 30 से ज्यादा मोबाइल चोरी के मामले दर्ज होते हैं।
इनमें से करीब 60% केस रेलवे स्टेशन और ट्रेनों से जुड़े होते हैं।
एक बार चोरी होने के बाद मोबाइल वापस मिलना लगभग नामुमकिन होता है।
चोरी के मोबाइल कई बार क्राइम नेटवर्क में इस्तेमाल होते हैं।
इसलिए यह पहल सिर्फ यात्रियों की सुरक्षा के लिए नहीं, बल्कि साइबर अपराधों को रोकने का भी तरीका है।
RPF का संदेश – ‘सावधानी ही सुरक्षा है’
RPF ने इस वीडियो के जरिए यात्रियों को कुछ खास बातें याद दिलाई हैं:
खिड़की के पास फोन या गहने का इस्तेमाल न करें।
ट्रेन रुकने या प्लेटफॉर्म पर खड़ी होने के दौरान मोबाइल बाहर न निकालें।
अजनबियों से बातचीत में व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।
किसी संदिग्ध व्यक्ति को देखकर तुरंत रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कॉल करें।
लोगों की प्रतिक्रियाएं – ‘ऐसी मुहिमें पूरे देश में चलाई जानी चाहिए’
वीडियो वायरल होने के बाद सोशल मीडिया पर जनता ने भी RPF का समर्थन किया। कई लोगों ने लिखा कि यह सिर्फ एक मजेदार वीडियो नहीं, बल्कि रियल-लाइफ सेफ्टी लेसन है।
एक यात्री ने ट्वीट किया –
“ऐसे वीडियो देखकर हमें समझ आता है कि थोड़ी सी लापरवाही कैसे बड़ा नुकसान कर सकती है।”
दूसरे ने कहा –
“अगर हर प्लेटफॉर्म पर ऐसे ‘प्रैक्टिकल क्लासेज़’ हों तो अपराध कम हो जाएंगे।”
RPF अधिकारी बोले – हमारा मकसद किसी को डराना नहीं, सिखाना है”
जब इस वीडियो के बारे में मीडिया ने पूछा तो RPF अधिकारी ने कहा:
“हम यात्रियों को डराना नहीं चाहते, बल्कि उन्हें यह समझाना चाहते हैं कि असली खतरा कितना पास है।”
उन्होंने बताया कि रेलवे सुरक्षा बल अब ऐसे जागरुकता अभियानों को नियमित रूप से चलाने की योजना बना रहा है।
इंटरनेट पर ट्रेंड कर रहा है #RPFViralVideo
वीडियो के वायरल होने के बाद हैशटैग #RPFViralVideo और #SafetyFirst ट्रेंड करने लगे। कई यूजर्स ने इसे शेयर करते हुए लिखा —
“RPF ने किया कमाल, ऐसे समझाने वाले पुलिसवाले हर स्टेशन पर चाहिए।”
कुछ ने इसे “भारत में सबसे अच्छा सोशल अवेयरनेस वीडियो” बताया।
थोड़ी सी सतर्कता से बचेगा आपका कीमती फोन
RPF का यह वीडियो सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि एक मजबूत संदेश है — सावधानी ही सुरक्षा है।
ट्रेन में सफर करते समय:
फोन या कीमती सामान को खिड़की या दरवाजे के पास न रखें।
यात्रा के दौरान अपने आसपास के लोगों पर नजर रखें।
जरूरत पड़ने पर RPF या रेलवे हेल्पलाइन से तुरंत संपर्क करें।
Madarsaमें नकली नोटों का खजाना इमाम निकला मास्टरमाइंड खंडवा पुलिस के उड़े होश
मध्य प्रदेश के खंडवा जिले से एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। पुलिस ने रविवार को एक मदरसे में छापा मारकर लाखों रुपये के नकली नोट बरामद किए हैं। ये नकली नोट किसी आम जगह से नहीं बल्कि इमाम जुबेर अंसारी के कमरे से मिले, जिससे पुलिस भी दंग रह गई।
सोशल मीडिया वीडियो से खुला राज, पुलिस ने की छापेमारी
पूरा मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक संदिग्ध वीडियो वायरल हुआ। वीडियो की जानकारी मिलते ही खंडवा पुलिस हरकत में आई और जावर थाना क्षेत्र के ग्राम पैठिया स्थित मदरसे पर छापा मारा। जांच के दौरान पुलिस को वहां से 19 लाख रुपये से अधिक की फेक करेंसी मिली।
Madarsa में मिला नकली नोटों का खजाना: इमाम निकला सरगना खंडवा पुलिस के हाथ लगी 19 लाख से ज्यादा की फेक करेंसी 24
एएसपी महेंद्र तारनेकर के अनुसार, नकली नोटों की गिनती अभी भी जारी है और बरामदगी की कुल राशि इससे कहीं अधिक हो सकती है।
महाराष्ट्र में भी पकड़ा गया था नकली नोटों का गिरोह
पुलिस जांच में सामने आया कि इमाम जुबेर अंसारी और उसका साथी कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के मालेगांव में गिरफ्तार किए गए थे। दोनों के पास से 10 लाख रुपये के नकली नोट मिले थे। पुलिस ने बताया कि दोनों आरोपी बुरहानपुर जिले के रहने वाले हैं और नकली नोटों को लेकर मालेगांव जा रहे थे।
Madarsa में मिला नकली नोटों का खजाना: इमाम निकला सरगना खंडवा पुलिस के हाथ लगी 19 लाख से ज्यादा की फेक करेंसी 25
खंडवा पुलिस को महाराष्ट्र पुलिस से मिली बड़ी सूचना
महाराष्ट्र पुलिस की कार्रवाई के बाद खंडवा पुलिस को अहम जानकारी मिली। सूचना के आधार पर टीम ने पैठिया गांव स्थित मदरसे में दबिश दी। छापेमारी के दौरान इमाम के कमरे से नकली नोटों की कई गड्डियां बरामद हुईं।
एएसपी तारनेकर ने बताया कि मामले में विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।
पुलिस अब नेटवर्क के बाकी सदस्यों की तलाश में
पुलिस को शक है कि यह कोई बड़े नेटवर्क का हिस्सा है जो नकली नोटों को राज्य के अलग-अलग हिस्सों में फैलाने का काम कर रहा था। फिलहाल खंडवा पुलिस अन्य संदिग्धों की तलाश में जुटी है, ताकि पूरे गिरोह को बेनकाब किया जा सके।
स्थानीय लोगों में दहशत और हैरानी
इस खुलासे के बाद गांव के लोग स्तब्ध हैं। लोगों का कहना है कि उन्होंने कभी नहीं सोचा था कि उनके बीच चलने वाला मदरसा इस तरह की गतिविधियों में लिप्त हो सकता है। पुलिस अब मदरसे के रिकॉर्ड और वहां आने-जाने वालों की भी जांच कर रही है।
PM Modi लॉन्च करेंगे 1 लाख करोड़ की स्कीम रिसर्च और डेवलपमेंट को मिलेगा बड़ा बूस्ट
PM Modi देश के वैज्ञानिक और औद्योगिक भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहे हैं। सोमवार को पीएम मोदी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम से एक लाख करोड़ रुपये की रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (RDI) स्कीम की शुरुआत करेंगे। यह योजना देश के निजी क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई है।
इसके साथ ही प्रधानमंत्री इमर्जिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC) 2025 का उद्घाटन करेंगे और लोगों को संबोधित करेंगे। यह आयोजन देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार, साझेदारी और प्रगति के नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।
विज्ञान और टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम
RDI स्कीम का मुख्य उद्देश्य भारत को इनोवेशन और टेक्नोलॉजी का वैश्विक केंद्र बनाना है। इसके तहत निजी क्षेत्र, रिसर्च संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप्स को जोड़ते हुए एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा, जो नए विचारों को जमीनी स्तर पर उतारेगा।
सरकार का मानना है कि रिसर्च और डेवलपमेंट में निवेश ही भविष्य की अर्थव्यवस्था की नींव है। प्रधानमंत्री मोदी कई बार कह चुके हैं कि “जो राष्ट्र विज्ञान और नवाचार को प्राथमिकता देता है, वही आगे बढ़ता है।”
तीन दिनों तक चलेगा “ESTIC 2025” कॉन्क्लेव
यह प्रतिष्ठित कॉन्क्लेव 3 से 5 नवंबर 2025 तक आयोजित किया जाएगा। इसमें देश-विदेश से जुड़े प्रमुख वैज्ञानिक, उद्योगपति, इनोवेटर्स, रिसर्चर, नीति निर्माता और नोबेल पुरस्कार विजेता भाग लेंगे।
कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ाना है, बल्कि युवा इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स को एक ऐसा मंच देना है जहां वे अपने विचार साझा कर सकें, मेंटरशिप प्राप्त करें और उद्योग जगत से जुड़कर अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ा सकें।
11 प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगी चर्चा
प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, इस सम्मेलन में विचार-विमर्श 11 प्रमुख विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा:
एडवांस मटेरियल्स और मैन्युफैक्चरिंग
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
बायो-मैन्युफैक्चरिंग
ब्लू इकोनॉमी
डिजिटल कम्युनिकेशन
इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग
एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी
एनर्जी, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन
हेल्थ एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी
क्वांटम साइंस एंड टेक्नोलॉजी
स्पेस टेक्नोलॉजी
इन क्षेत्रों में भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न संस्थानों और निजी कंपनियों को मिलकर काम करने के अवसर दिए जाएंगे।
शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के लिए साझा मंच
ईएसटीआईसी 2025 केवल एक सम्मेलन नहीं बल्कि शोधकर्ताओं, उद्योगों और सरकार के बीच साझेदारी को मजबूत करने वाला एक साझा मंच है। यहां पर प्रमुख वैज्ञानिक, शोधकर्ता और युवा उद्यमी अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे।
इस आयोजन में कई पैनल चर्चाएं होंगी, जिनमें भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम को कैसे अधिक आत्मनिर्भर बनाया जाए, इस पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, “ESTIC 2025 एक ऐसा मंच है जहां युवा इनोवेटर्स को उद्योग से जुड़ने, नए समाधान प्रदर्शित करने और भविष्य की दिशा तय करने का मौका मिलेगा।”
प्रधानमंत्री मोदी का विजन — “Make in India से लेकर Innovate in India तक”
Pm Modi लॉन्च करेंगे 1 लाख करोड़ की Rdi स्कीम, रिसर्च और डेवलपमेंट को मिलेगा बड़ा बूस्ट, भारत बनेगा इनोवेशन हब 33
पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार “Innovate in India” की अवधारणा को बढ़ावा दिया है। सरकार का मानना है कि केवल ‘मेक इन इंडिया’ ही नहीं, बल्कि ‘इनोवेट इन इंडिया’ भी देश को वैश्विक तकनीकी शक्ति बनाएगा।
इस स्कीम से भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी युवाओं को वित्तीय सहायता, अनुसंधान सुविधाएं और वैश्विक सहयोग के अवसर मिलेंगे।
1 लाख करोड़ रुपये का निवेश क्यों है खास?
RDI स्कीम के तहत 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश सरकार और निजी क्षेत्र दोनों मिलकर करेंगे। इसका उद्देश्य केवल सरकारी लैब्स तक सीमित नहीं, बल्कि निजी संस्थानों, स्टार्टअप्स और MSMEs तक रिसर्च कल्चर को फैलाना है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्कीम से भारत की GDP में तकनीकी योगदान बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और विदेशी निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा।
भारत का R&D सेक्टर — अब तेजी से बढ़ रहा है
पिछले दशक में भारत ने अंतरिक्ष, डिजिटल टेक्नोलॉजी, फार्मा और एग्रीकल्चर रिसर्च में उल्लेखनीय प्रगति की है। ISRO के मिशन चंद्रयान और आदित्य-L1, और AI आधारित कृषि समाधानों ने दुनिया को दिखाया है कि भारत अब तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनने की राह पर है।
RDI स्कीम इन सफलताओं को और आगे बढ़ाएगी, ताकि भारत वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी हब बन सके।
इनोवेशन को मिलेगी गति, युवाओं को मिलेगा मौका
इस योजना का सबसे बड़ा फायदा देश के युवाओं को होगा। विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में रिसर्च करने वाले छात्र अब अपने प्रोजेक्ट्स के लिए सरकारी और निजी फंडिंग प्राप्त कर सकेंगे।
यह स्कीम ऐसे इनोवेटर्स को प्रोत्साहित करेगी जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन टेक्नोलॉजी, बायोटेक, और डिजिटल हेल्थ जैसे क्षेत्रों में नए समाधान लेकर आएंगे।
उद्योग और सरकार के बीच सहयोग से बढ़ेगी प्रगति
Pm Modi लॉन्च करेंगे 1 लाख करोड़ की Rdi स्कीम, रिसर्च और डेवलपमेंट को मिलेगा बड़ा बूस्ट, भारत बनेगा इनोवेशन हब 34
ESTIC 2025 में इस बात पर भी जोर दिया जाएगा कि उद्योग जगत और सरकार के बीच सहयोग कैसे बढ़ाया जाए। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने पहले ही सेमीकंडक्टर मिशन, ड्रोन पॉलिसी और AI मिशन जैसी योजनाओं के जरिए कई नए रास्ते खोले हैं।
अब RDI स्कीम उन सभी प्रयासों को एक साथ जोड़कर भारत को वैश्विक अनुसंधान शक्ति बनाने की दिशा में अग्रसर करेगी।
वैश्विक विशेषज्ञों की भागीदारी से मिलेगा अनुभव
इस कॉन्क्लेव में अमेरिका, जापान, जर्मनी, इज़राइल और फ्रांस जैसे देशों के वैज्ञानिक और उद्योग प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। इससे भारत को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और तकनीकी साझेदारी के नए अवसर मिलेंगे।
कई वैश्विक टेक कंपनियां भी इस कार्यक्रम में अपने इनोवेशन प्रदर्शित करेंगी, जो भारत में सहयोग के नए रास्ते खोलेंगी।
प्रधानमंत्री मोदी का संदेश – “युवा भारत, इनोवेशन भारत”
प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि 21वीं सदी का भारत “युवा भारत, इनोवेशन भारत” है। देश की ऊर्जा और बुद्धिमत्ता को दिशा देने के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं ला रही है।
उन्होंने कहा था, “हमारे युवा वैज्ञानिक दुनिया के हर मंच पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं। अब हमें अपने शोध को अपने देश की प्रगति से जोड़ना होगा।”
नीति निर्माताओं का मानना – “भारत बनेगा R&D का ग्लोबल सेंटर”
नीति आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “RDI स्कीम भारत को आने वाले दशक में R&D और इनोवेशन का हब बना सकती है। यह योजना केवल फंडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विचार, क्रियान्वयन और सहयोग के बीच पुल का काम करेगी।”
उन्होंने बताया कि देश में 400 से अधिक यूनिवर्सिटी और 1000 से ज्यादा स्टार्टअप इस स्कीम के तहत आवेदन करने के योग्य होंगे।
अंत में – विज्ञान से विकास की नई दिशा
ESTIC 2025 और RDI स्कीम मिलकर भारत के विज्ञान और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रहे हैं। इस पहल से न केवल देश के वैज्ञानिक समुदाय को मजबूती मिलेगी, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा बनेगी।
यह कहना गलत नहीं होगा कि यह योजना भारत को आत्मनिर्भर से आगे बढ़ाकर “वैश्विक इनोवेशन लीडर” बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।
Gujarat जा रहे बेकाबू ट्रक ने रिक्शा और बाइक को मारी जोरदार टक्कर, वसई में छाया मातम
Gujarat महाराष्ट्र के वसई इलाके में रविवार को हुए एक भीषण सड़क हादसे ने सभी को झकझोर कर रख दिया। नालासोपारा पूर्व स्थित पेल्हार इलाके में एक तेज रफ्तार ट्रक ने रिक्शा और मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में रिक्शा सवार पिता-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाइक सवार व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है।
पुलिस के अनुसार, हादसा उस समय हुआ जब ट्रक मुंबई से गुजरात की दिशा में जा रहा था। तेज रफ्तार और अनियंत्रित ट्रक ने अचानक सामने से जा रहे रिक्शा को टक्कर मारी और फिर बाइक को भी अपनी चपेट में ले लिया। यह टक्कर इतनी भयानक थी कि रिक्शा के परखच्चे उड़ गए और मौके पर अफरातफरी मच गई।
हादसे में पिता-पुत्र की मौत, तीसरा व्यक्ति गंभीर रूप से घायल
इस दिल दहला देने वाली दुर्घटना में रिक्शा सवार सहजाद उस्मानी और उनके बेटे आतिफ उस्मानी की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों पेल्हार के रहने वाले थे और रोजमर्रा के काम के सिलसिले में जा रहे थे। हादसे में बाइक सवार एक अन्य व्यक्ति भी गंभीर रूप से घायल हुआ, जिसे नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
डॉक्टरों ने बताया कि घायल की हालत नाजुक है और उसे विशेष चिकित्सा देखरेख में रखा गया है। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए।
Gujarat जा रहे बेकाबू ट्रक ने रिक्शा और बाइक को मारी टक्कर: पिता-बेटे की दर्दनाक मौत बाइक सवार घायल 42
सड़क पर गूंजा दर्द का सन्नाटा, चकनाचूर हुआ रिक्शा
घटनास्थल से जो वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है, वह हादसे की भयावहता बयां कर रहा है। फुटेज में दिख रहा है कि ट्रक की टक्कर इतनी जोरदार थी कि रिक्शा पूरी तरह से मलबे में तब्दील हो गया। सड़क पर टूटे शीशे, मुड़े हुए लोहे के टुकड़े और फेंके गए सामान इस बात की गवाही दे रहे थे कि टक्कर कितनी भयानक थी।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि हादसा इतना तेज था कि आसपास के लोग कुछ समझ पाते, उससे पहले ही रिक्शा और बाइक दोनों उछलकर सड़क किनारे जा गिरे। ट्रक के ड्राइवर ने ब्रेक लगाने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी।
लोगों ने मिलकर घायल को अस्पताल पहुंचाया
हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने मौके पर पहुंचकर मदद शुरू की। घायल व्यक्ति को तुरंत सड़क किनारे से निकालकर ऑटो के जरिए नजदीकी अस्पताल भेजा गया। वहीं, पुलिस ने शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया।
घटना के बाद सड़क पर लंबा जाम लग गया। पुलिस ने यातायात को नियंत्रित करने के लिए अतिरिक्त जवानों को मौके पर तैनात किया।
हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल, लोगों में गुस्सा
इस दर्दनाक हादसे का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखकर लोग गुस्से में हैं और प्रशासन से कड़े कदम उठाने की मांग कर रहे हैं। कई यूजर्स ने सड़क पर ट्रकों की बेकाबू रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग पर सवाल उठाए हैं।
एक प्रत्यक्षदर्शी ने कहा, “ट्रक इतनी तेज़ गति से आया कि देखने वालों की रूह कांप गई। रिक्शा के टुकड़े उड़ गए, किसी को बचने का मौका ही नहीं मिला।”
पेल्हार पुलिस ने की कार्रवाई, ट्रक चालक की तलाश जारी
घटना की जानकारी मिलते ही पेल्हार पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने बताया कि हादसे में शामिल ट्रक मुंबई से गुजरात की ओर जा रहा था। हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया।
पुलिस ने ट्रक को कब्जे में लेकर चालक की तलाश शुरू कर दी है। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी चालक की पहचान की जा सके।
एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “हम ट्रक मालिक से पूछताछ कर रहे हैं। चालक की पहचान कर ली गई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार किया जाएगा।”
सड़क पर सुरक्षा की बड़ी चिंता
यह हादसा एक बार फिर सड़क सुरक्षा पर सवाल उठाता है। मुंबई से गुजरात जाने वाले हाइवे पर अकसर भारी वाहनों की तेज रफ्तार से दुर्घटनाएं होती रहती हैं। स्थानीय लोग और यात्रियों का कहना है कि सड़क पर स्पीड लिमिट का पालन नहीं किया जाता और रात के समय ट्रक ड्राइवर अक्सर नींद या थकान की वजह से नियंत्रण खो देते हैं।
एक दुकानदार ने बताया, “हम रोज इसी सड़क पर हादसे देखते हैं। कई बार शिकायत की, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकलता। जब तक सख्त निगरानी नहीं होगी, ये हादसे रुकने वाले नहीं हैं।”
हादसे के बाद परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
सहजाद उस्मानी और उनके बेटे आतिफ की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। उनके घर में मातम का माहौल है। पड़ोसियों के मुताबिक, सहजाद मेहनती व्यक्ति थे और अपने बेटे के साथ रोज रिक्शा चलाते थे।
परिवार के सदस्यों ने कहा कि “सहजाद सुबह अपने बेटे के साथ निकले थे, हमें क्या पता था कि वो कभी वापस नहीं आएंगे।” उनके रिश्तेदारों और दोस्तों ने प्रशासन से न्याय की मांग की है।
प्रशासन से उठी मांग सड़क पर लगे स्पीड ब्रेकर और कैमरे
इस हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने मांग की है कि इस सड़क पर स्पीड ब्रेकर और निगरानी कैमरे लगाए जाएं। लोगों का कहना है कि अगर पुलिस और ट्रांसपोर्ट विभाग मिलकर इस मार्ग की निगरानी बढ़ाएं तो ऐसी घटनाएं कम हो सकती हैं।
एक सामाजिक कार्यकर्ता ने कहा, “हर महीने इस सड़क पर कोई न कोई हादसा होता है। ट्रकों की स्पीड लिमिट तय है, लेकिन कोई उसका पालन नहीं करता। जब तक कड़े कानून और उनका पालन नहीं होगा, निर्दोष लोग ऐसे ही मरते रहेंगे।”
सड़क हादसों में बढ़ोतरी, आंकड़े कर रहे हैं चौंकाने वाला खुलासा
महाराष्ट्र में सड़क हादसों के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं। परिवहन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, पिछले साल की तुलना में इस वर्ष 12% ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं हुई हैं। इनमें से ज्यादातर मामले तेज रफ्तार और लापरवाह ड्राइविंग से जुड़े हुए हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि ड्राइवरों को नियमित रूप से ट्रैफिक सेफ्टी ट्रेनिंग दी जानी चाहिए और ट्रक कंपनियों को अपने वाहनों में ऑटोमैटिक स्पीड लिमिटर लगाने चाहिए।
पुलिस ने दिया बयान – सख्त कार्रवाई होगी
पेल्हार पुलिस स्टेशन के इंस्पेक्टर ने कहा, “हमने ट्रक को जब्त कर लिया है और चालक की पहचान हो चुकी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पीड़ित परिवार को हर संभव मदद दी जाएगी।”
उन्होंने आगे कहा कि इस सड़क पर ट्रैफिक पुलिस की गश्त बढ़ाई जाएगी ताकि भविष्य में ऐसे हादसों को रोका जा सके।
लोगों में गुस्सा और भय दोनों
इलाके में इस घटना के बाद लोगों में भय और गुस्सा दोनों देखा गया। आसपास के लोगों का कहना है कि यह सड़क रोजमर्रा की यात्रा के लिए जरूरी है, लेकिन इसकी हालत और यातायात व्यवस्था बेहद खराब है।
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“हर बार हम यही सुनते हैं कि जांच जारी है, लेकिन हालात जस के तस हैं। हमें सिर्फ रिपोर्ट नहीं, ठोस कार्रवाई चाहिए,” एक स्थानीय निवासी ने कहा।
सरकार से उठी मांग –ट्रक चालकों के लिए कड़ी सजा
हादसे के बाद नागरिकों और सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं ने सरकार से मांग की है कि ट्रक चालकों की लापरवाही पर सख्त सजा दी जाए। कई लोगों ने ट्वीट किया कि ऐसे मामलों में केवल जुर्माना नहीं, बल्कि जेल की सजा होनी चाहिए ताकि कोई भी ड्राइवर नियमों की अनदेखी न करे।
सड़क सुरक्षा के लिए जरूरी कदम
विशेषज्ञों का मानना है कि सड़क सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाना बेहद जरूरी है। इसके साथ ही सड़क किनारे स्पीड कैमरे, पर्याप्त लाइटिंग और सड़क के रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाना चाहिए।
अगर प्रशासन और जनता मिलकर काम करें, तो सड़कें सुरक्षित बन सकती हैं और ऐसी दर्दनाक घटनाओं से बचा जा सकता है।
Delhi में ऑटो ड्राइवर की चाकू मारकर हत्या, गोकलपुरी में मचा हड़कंप
Delhi राजधानी दिल्ली में अपराध एक बार फिर सिर उठाने लगा है। रविवार दोपहर उत्तर-पूर्वी दिल्ली के गोकलपुरी इलाके में एक 47 वर्षीय ऑटो ड्राइवर की चाकू से हत्या कर दी गई। इस वारदात ने इलाके में दहशत फैला दी है। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है।
बृजपुरी पुलिया के पास हुआ खून से सना हादसा
यह दर्दनाक घटना रविवार दोपहर करीब 3:55 बजे गोकलपुरी थाने के इलाके में बृजपुरी पुलिया के पास हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, ऑटो ड्राइवर पर कुछ लोगों ने अचानक हमला कर दिया। मौके पर अफरातफरी मच गई और देखते ही देखते सारा इलाका पुलिस की गाड़ियों के सायरन से गूंज उठा।
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सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। लेकिन तब तक घायल ड्राइवर को उसके दोस्तों ने गंभीर हालत में जीटीबी अस्पताल पहुंचा दिया था, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पहचान हुई – भागीरथी विहार के रहने वाले थे देव शर्मा
पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान देव शर्मा (47) के रूप में हुई है, जो राम चंद्र लाल के बेटे थे और भागीरथी विहार इलाके में रहते थे। देव शर्मा पेशे से ऑटो ड्राइवर थे और अपने परिवार के अकेले कमाने वाले सदस्य थे।
स्थानीय लोगों के अनुसार, देव शर्मा इलाके में शांत स्वभाव के व्यक्ति थे और हर रोज की तरह उस दिन भी ऑटो चलाने निकले थे। लेकिन दोपहर में यह वारदात उनके जीवन की आखिरी सवारी साबित हुई।
फोरेंसिक टीम जुटी साक्ष्य इकट्ठा करने में
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत फोरेंसिक टीम को मौके पर बुलाया। टीम ने घटनास्थल से खून के नमूने, कपड़ों के टुकड़े और हथियार के निशान जैसी चीज़ों को सबूत के रूप में जब्त किया।
मौके की वीडियोग्राफी की गई और आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस का मानना है कि सीसीटीवी से इस वारदात की अहम कड़ी मिल सकती है।
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पुलिस ने दर्ज किया मामला, एक शख्स हिरासत में
गोकलपुरी थाना पुलिस ने इस वारदात को लेकर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक, एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पुलिस सूत्रों का कहना है कि शुरुआती जांच में यह मामला पुरानी रंजिश या पैसे के विवाद से जुड़ा हो सकता है। हालांकि, अधिकारियों ने अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है।
दिल्ली में बढ़ते स्ट्रीट क्राइम से बढ़ी चिंता
दिल्ली में हाल के महीनों में हत्या, झगड़े और स्ट्रीट क्राइम के मामलों ने पुलिस की नींद उड़ा दी है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, जहां राजधानी में मर्डर और डकैती के मामलों में मामूली कमी आई है, वहीं स्नैचिंग, मोबाइल चोरी और ऑनलाइन धोखाधड़ी जैसी घटनाओं में तेज़ी से इजाफा हुआ है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि राजधानी में बढ़ती डिजिटल डिपेंडेंसी और आसान मोबिलिटी के कारण अपराधियों के लिए वारदात करना आसान हो गया है। वहीं, आर्थिक अपराधों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
इलाके में दहशत, लोग बोले – “शाम ढलते ही डर लगता है बाहर निकलने में”
गोकलपुरी और बृजपुरी इलाके के स्थानीय लोगों ने बताया कि यहां शाम ढलते ही माहौल असुरक्षित महसूस होता है। अक्सर यहां झगड़े, चोरी और लूट जैसी घटनाएं सामने आती रहती हैं।
एक स्थानीय दुकानदार ने कहा, “हमने पहले भी पुलिस को कई बार शिकायत दी है कि यहां असामाजिक तत्व घूमते रहते हैं। लेकिन कोई सख्त कार्रवाई नहीं होती। अब ऑटो ड्राइवर की हत्या ने तो हमें झकझोर कर रख दिया है।”
पुलिस ने बढ़ाई गश्त, लगाए अतिरिक्त जवान
इस घटना के बाद दिल्ली पुलिस ने गोकलपुरी इलाके में गश्त बढ़ा दी है। देर रात तक इलाके में पीसीआर वैन और बीट पेट्रोलिंग टीमें सक्रिय देखी गईं। पुलिस ने आसपास के इलाकों में संदिग्ध लोगों की तलाशी भी शुरू कर दी है।
अधिकारियों ने बताया कि आने वाले कुछ दिनों में इलाके में पुलिस की उपस्थिति और बढ़ाई जाएगी ताकि लोग सुरक्षित महसूस करें और अपराधियों में डर पैदा हो।
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से खुलेगा हत्या का राज
पुलिस ने देव शर्मा के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। डॉक्टरों की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का पता चल पाएगा। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि वारदात में कितने लोग शामिल थे और हमला कितनी बार किया गया।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम सभी पहलुओं पर जांच कर रहे हैं। तकनीकी साक्ष्य और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।”
परिवार में मातम, पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल
देव शर्मा की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर जैसे पहाड़ टूट पड़ा। उनकी पत्नी और दो छोटे बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल है। परिजनों ने मांग की है कि हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर सख्त सजा दी जाए।
एक रिश्तेदार ने कहा, “देव बहुत मेहनती इंसान थे। घर के खर्च पूरे करने के लिए रोज सुबह जल्दी ऑटो लेकर निकल जाते थे। हमें समझ नहीं आ रहा कि किसी ने उनके साथ इतनी बेरहमी क्यों की।”
राजधानी में घटे बड़े अपराध, लेकिन छोटी वारदातें बढ़ीं
दिल्ली पुलिस का दावा है कि मर्डर और डकैती जैसी गंभीर वारदातों में पिछले वर्ष की तुलना में गिरावट आई है। लेकिन सड़क पर होने वाले अपराध, जेबकटी, स्नैचिंग और मोबाइल चोरी जैसी घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।
साइबर फ्रॉड और फाइनेंशियल स्कैम में भी तेजी से इजाफा हुआ है। पुलिस ने बताया कि इन अपराधों को रोकने के लिए साइबर सेल, एंटी-स्नैचिंग स्क्वॉड और स्पेशल सर्विलांस यूनिट्स को और मजबूत किया गया है।
पुलिस की नई रणनीति: तकनीक और जनता दोनों की मदद
दिल्ली पुलिस अब अपराध नियंत्रण के लिए तकनीक और समुदाय, दोनों पर फोकस कर रही है। नई तकनीकों के ज़रिए अपराधियों की पहचान तेज़ी से करने के लिए ‘इंटिग्रेटेड सर्विलांस नेटवर्क’ तैयार किया जा रहा है।
इसके अलावा पुलिस ने स्थानीय आरडब्ल्यूए (रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन) और बाजार संघों से भी सहयोग मांगा है ताकि हर गली-मोहल्ले में निगरानी बढ़ाई जा सके।
राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
दिल्ली जैसे बड़े महानगर में दिन-दहाड़े हत्या की यह वारदात सवाल खड़े करती है कि आखिर अपराधियों के हौसले इतने बुलंद क्यों हैं। जब पुलिस चौकसी का दावा कर रही है, तब भी अपराधी खुलेआम वारदात को अंजाम दे रहे हैं।
शहरवासी अब पुलिस से सिर्फ गिरफ्तारी नहीं, बल्कि ठोस सुरक्षा इंतज़ाम की उम्मीद कर रहे हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
Varanasi , लखनऊ और सहारनपुर को नई वंदे भारत का तोहफा पीएम मोदी 7 नवंबर को दिखाएंगे हरी झंडी
Varanasi भारत में रेल नेटवर्क का चेहरा तेजी से बदल रहा है, और इस बदलाव की सबसे बड़ी पहचान बन चुकी है — वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेन। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अब एक बार फिर उत्तर प्रदेश और देश के यात्रियों के लिए एक नया तोहफा देने जा रहे हैं। 7 नवंबर को प्रधानमंत्री मोदी तीन नई वंदे भारत ट्रेनों को हरी झंडी दिखाएंगे, जिनमें से दो ट्रेनें यूपी के अलग-अलग हिस्सों को जोड़ेगी और एक ट्रेन दिल्ली से चलकर पंजाब तक का सफर तय करेगी।
यूपी के करीब 20 शहर होंगे कनेक्ट
इन नई ट्रेनों से उत्तर प्रदेश के करीब 20 से ज्यादा शहर सीधे जुड़ जाएंगे। इनमें वाराणसी, लखनऊ, सहारनपुर, प्रयागराज, चित्रकूट, बांदा, महोबा, सीतापुर, मुरादाबाद और बरेली जैसे प्रमुख स्टेशन शामिल हैं। रेल मंत्रालय ने शुक्रवार रात को इन तीनों ट्रेनों का विस्तृत रूट और टाइमटेबल जारी किया।
पीएम मोदी करेंगे वाराणसी से हरी झंडी
जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी वाराणसी से खुद वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाएंगे। यह आयोजन वाराणसी के मडुवाडीह रेलवे स्टेशन पर होगा। इसके साथ ही, प्रधानमंत्री वर्चुअली लखनऊ-सहारनपुर और फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस को भी रवाना करेंगे।
यह मौका खास इसलिए भी होगा क्योंकि यह पहला अवसर होगा जब प्रधानमंत्री अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी से किसी वंदे भारत ट्रेन को लॉन्च करेंगे।
वाराणसी-खजुराहो वंदे भारत एक्सप्रेस का टाइमटेबल
यह ट्रेन नंबर 26422/26421 होगी, जो प्रतिदिन चलेगी और यात्रियों को एक तेज़, आरामदायक और आधुनिक यात्रा अनुभव देगी।
वाराणसी कैंट से रवाना: सुबह 5:25 बजे
विंध्याचल रेलवे स्टेशन: 6:55 बजे
प्रयागराज छिवकी स्टेशन: 8:00 बजे
चित्रकूट धाम: 10:05 बजे
बांदा: 11:08 बजे
महोबा: 12:08 बजे
खजुराहो पहुंचने का समय: दोपहर 1:10 बजे
वापसी में —
खजुराहो से रवाना: दोपहर 3:00 बजे
महोबा: 4:18 बजे
बांदा: 5:13 बजे
चित्रकूट धाम: 6:13 बजे
प्रयागराज छिवकी: रात 8:20 बजे
विंध्याचल: 9:10 बजे
वाराणसी कैंट पहुंचने का समय: रात 11:00 बजे
Varanasi, लखनऊ और सहारनपुर को मिली नई वंदे भारत एक्सप्रेस का तोहफा | पीएम मोदी करेंगे हरी झंडी | जानिए ट्रेन रूट, टाइमटेबल और खासियत 60
इस रूट पर ट्रेन करीब 8 घंटे का सफर तय करेगी, जिससे यात्रियों को खजुराहो जैसे ऐतिहासिक शहर तक जल्दी और आराम से पहुंचने का मौका मिलेगा।
लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस: पश्चिम और अवध का कनेक्शन
दूसरी ट्रेन लखनऊ-सहारनपुर वंदे भारत एक्सप्रेस (26503/26504) उत्तर प्रदेश के दो बड़े क्षेत्रों — अवध और पश्चिमी यूपी — को जोड़ने का काम करेगी। यह ट्रेन हफ्ते में छह दिन (सोमवार को छोड़कर) चलेगी।
टाइमटेबल:
लखनऊ से रवाना (26504): सुबह 5:55 बजे
सीतापुर: 7:10 बजे
शाहजहांपुर: 8:40 बजे
बरेली: 9:35 बजे
मुरादाबाद: 11:05 बजे
नजीबाबाद: 12:10 बजे
सहारनपुर पहुंचने का समय: दोपहर 12:45 बजे
वापसी में —
सहारनपुर से रवाना (26503): दोपहर 3:00 बजे
नजीबाबाद: 3:35 बजे
मुरादाबाद: 5:10 बजे
बरेली: 6:05 बजे
शाहजहांपुर: 7:00 बजे
सीतापुर: 8:30 बजे
लखनऊ पहुंचने का समय: रात 9:55 बजे
यह ट्रेन यात्रा समय को कम करने के साथ-साथ क्षेत्रीय व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा देगी।
फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस भी होगी शामिल
तीसरी ट्रेन फिरोजपुर-दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस (26462/61) दिल्ली और पंजाब के बीच तेज रफ्तार का नया विकल्प बनेगी। यह ट्रेन दोनों राज्यों के बीच व्यापार और आवागमन को और सुगम बनाएगी।
यूपी में अब तक चल रही वंदे भारत ट्रेनें
यूपी पहले से ही कई वंदे भारत ट्रेनों से जुड़ा है। राज्य में इन ट्रेनों ने यात्रा की परिभाषा बदल दी है। यहां चल रही प्रमुख वंदे भारत ट्रेनों की सूची इस प्रकार है —
वाराणसी-नई दिल्ली वंदे भारत एक्सप्रेस (22435/22436)
आनंद विहार-देहरादून (22457/22458)
रानी कमलापति-निजामुद्दीन (20171/20172)
अयोध्या-आनंद विहार (22425/22426)
गोरखपुर-प्रयागराज (22549/22550)
पटना-गोमती नगर (22345/22346)
लखनऊ-देहरादून (22545/22546)
रांची-वाराणसी (20887/20888)
उदयपुर-आगरा कैंट (20981/20982)
मेरठ-लखनऊ (22490/22489)
वाराणसी-देवघर (22500/22499)
गोरखपुर-पाटलिपुत्र (26502/26501)
आगरा कैंट-वाराणसी (20176/20175)
अब तीन नई ट्रेनों के जुड़ने के बाद उत्तर प्रदेश वंदे भारत नेटवर्क का सबसे बड़ा केंद्र बन जाएगा।
आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी ट्रेनें
नई वंदे भारत ट्रेनों में अत्याधुनिक सुविधाएं होंगी, जैसे —
ऑटोमैटिक स्लाइडिंग डोर
जीपीएस बेस्ड यात्री सूचना प्रणाली
आरामदायक रिक्लाइनिंग सीटें
पर्सनल रीडिंग लाइट्स
वाई-फाई सुविधा
अत्याधुनिक सुरक्षा सेंसर
बेहतर एयर कंडीशनिंग सिस्टम
रेल मंत्रालय का दावा है कि नई पीढ़ी की ये ट्रेनें न केवल तेज़ हैं, बल्कि पहले की तुलना में 10% तक अधिक ऊर्जा कुशल भी हैं।
वंदे भारत स्लीपर ट्रेन भी तैयार
हाल ही में इंटरनेट पर वंदे भारत स्लीपर ट्रेन का वीडियो वायरल हुआ था। इसे एक व्लॉगर ने अंदर से दिखाया, जिसमें लग्जरी कोच, नाइट लाइट्स और आरामदायक बर्थ की झलक दिखाई दी। उम्मीद की जा रही है कि अगले साल तक यह ट्रेन भी यात्रियों के लिए उपलब्ध होगी।
पीएम मोदी का लक्ष्य – हर राज्य में वंदे भारत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य है कि देश के हर राज्य को वंदे भारत एक्सप्रेस से जोड़ा जाए। पिछले दो साल में ही वंदे भारत नेटवर्क ने 30 से ज्यादा शहरों को कवर किया है। अब यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और पंजाब जैसे राज्यों पर खास फोकस है।
यात्रियों में उत्साह
इन नई ट्रेनों की घोषणा के बाद यात्रियों में खासा उत्साह है। वाराणसी और लखनऊ के स्टेशन पर वंदे भारत की लॉन्चिंग को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। लोगों का कहना है कि यह न केवल तेज यात्रा का अनुभव देगा बल्कि धार्मिक, पर्यटन और व्यापारिक यात्रा को भी आसान बनाएगा।
नतीजा – यूपी बनेगा वंदे भारत का हब
तीन नई ट्रेनों के साथ, उत्तर प्रदेश अब देश में सबसे ज्यादा वंदे भारत ट्रेनों वाला राज्य बन जाएगा। यह राज्य न सिर्फ राजधानी दिल्ली बल्कि मध्य प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और पंजाब से भी सुपरफास्ट रेल नेटवर्क के जरिए जुड़ेगा।
PM Modi पटना में पीएम मोदी का मेगा रोड शो: जनसैलाब ने दिखाई अपार श्रद्धा, महिलाओं ने उतारी आरती
PM Modi बिहार की राजधानी पटना रविवार शाम एक ऐतिहासिक पल की साक्षी बनी, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का मेगा रोड शो हुआ। यह दृश्य किसी त्योहार से कम नहीं था — चारों ओर “मोदी-मोदी” के नारे, सड़कों पर झंडों की लहराती कतारें और जनता का उमड़ा सैलाब। शहर के हर कोने में लोग सिर्फ एक झलक पाने को बेताब दिखे।
पीएम मोदी का यह रोड शो दिनकर गोलंबर से शुरू होकर गांधी मैदान के पास उद्योग भवन तक पहुंचा। लगभग चार किलोमीटर लंबी इस यात्रा में लोगों ने अपने नेता का स्वागत पुष्पवर्षा, नारे और दीप जलाकर किया।
दिनकर गोलंबर पर दी श्रद्धांजलि, फिर शुरू हुआ जनसमर्थन का प्रवाह
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सबसे पहले दिनकर गोलंबर पहुंचे, जहां उन्होंने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। वहां से उन्होंने रोड शो की शुरुआत की। उनके साथ केंद्रीय मंत्री ललन सिंह, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष दिलीप जायसवाल और सांसद रविशंकर प्रसाद सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
पीएम मोदी ने हाथ में भाजपा का चुनाव चिह्न “कमल” का निशान थामा हुआ था, जो जनता के बीच आशा और विश्वास का प्रतीक बन गया।
‘मोदी-जिंदाबाद’ और ‘जय श्रीराम’ के नारों से गूंजा पटना
जैसे ही प्रधानमंत्री का काफिला आगे बढ़ा, पूरा पटना “मोदी-जिंदाबाद”, “भारत माता की जय” और “जय श्रीराम” के नारों से गूंज उठा। लोगों की भीड़ इतनी थी कि सड़कों के दोनों ओर कई किलोमीटर तक सिरों का समुद्र नजर आ रहा था।
सुरक्षा घेरे के बीच भी लोग पीएम की एक झलक देखने के लिए दीवारों पर चढ़े हुए थे। बच्चे हाथों में झंडे लहराते दिखे तो महिलाएं बालकनी से फूल बरसा रही थीं।
महिलाओं ने घरों से उतारी आरती, सड़कों पर दिखा अभूतपूर्व उत्साह
इस रोड शो की सबसे खास झलक थी – महिलाओं का उत्साह। कई महिलाओं ने अपने घरों की बालकनियों और दुकानों के सामने दीप जलाए और पीएम मोदी की आरती उतारी। उनके चेहरों पर जो भावनाएं थीं, वो इस बात का प्रतीक थीं कि प्रधानमंत्री के प्रति जनता में कितना भरोसा और लगाव है।
पटना की गलियों में बच्चों की हंसी, बुजुर्गों का आशीर्वाद और युवाओं की आवाज़ों ने इस रोड शो को एक जनोत्सव में बदल दिया।
सुरक्षा व्यवस्था रही अभेद्य, प्रशासन ने रखा कड़ा पहरा
रोड शो के दौरान सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए थे। शहर के मुख्य मार्गों पर बैरिकेडिंग लगाई गई, और पुलिसकर्मी हर मोड़ पर तैनात रहे। ड्रोन कैमरों और सीसीटीवी से पूरे मार्ग की निगरानी की जा रही थी। प्रशासन की कोशिश थी कि किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न हो और जनता को असुविधा न पहुंचे।
इसके अलावा, पटना पुलिस ने एंबुलेंस और मेडिकल टीम को भी सतर्क रखा, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तुरंत सहायता पहुंच सके।
भाजपा समर्थकों का जोश, हर कदम पर स्वागत मंच
जहां-जहां से पीएम मोदी का काफिला गुजरा, वहां लोगों ने उनका स्वागत किया। भाजपा कार्यकर्ताओं ने जगह-जगह मंच सजाए, जिनसे लोग फूल बरसाते और नारे लगाते दिखे। “मोदी है तो मुमकिन है” और “फिर एक बार मोदी सरकार” जैसे बैनर पूरे मार्ग पर लहराते रहे।
कई स्थानों पर महिलाओं ने पारंपरिक ढोलक की थाप पर लोकगीत गाए, तो युवाओं ने “भारत माता की जय” के नारे लगाए। यह रोड शो सिर्फ राजनीतिक नहीं बल्कि एक जनमहायात्रा जैसा प्रतीत हुआ।
पटना की जनता ने दिखाया मोदी प्रेम, कैमरों में कैद हुए ऐतिहासिक पल
रोड शो के दौरान सबसे भावनात्मक दृश्य तब देखने को मिला जब एक बुजुर्ग महिला प्रधानमंत्री के सामने folded hands में खड़ी होकर आशीर्वाद देती नजर आई। पीएम मोदी ने भी झुककर उनका अभिवादन किया, और इस क्षण को कैमरों ने हमेशा के लिए कैद कर लिया।
लोग अपने मोबाइल और कैमरे से इस पल को रिकॉर्ड करने में लगे थे। सोशल मीडिया पर भी #ModiInPatna और #BiharWithModi जैसे हैशटैग ट्रेंड करने लगे।
एनडीए प्रत्याशियों के लिए मांगा समर्थन, कहा – “जनता ही मेरी शक्ति”
पीएम मोदी ने अपने रोड शो के दौरान जनता को संबोधित करते हुए कहा,
“आपका यह स्नेह, यह आशीर्वाद, यह विश्वास ही मेरी सबसे बड़ी ताकत है। एनडीए की जीत बिहार की प्रगति का मार्ग प्रशस्त करेगी।”
उन्होंने आगे कहा कि बिहार की धरती ने हमेशा लोकतंत्र को मजबूती दी है, और इस बार भी जनता राष्ट्रहित में सही निर्णय लेगी।
रोड शो के पीछे का राजनीतिक संदेश
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह रोड शो सिर्फ चुनावी रणनीति नहीं बल्कि जनता से सीधा जुड़ाव स्थापित करने का एक तरीका था। पीएम मोदी का यह प्रदर्शन भाजपा के आत्मविश्वास को दिखाता है, खासकर तब जब बिहार में एनडीए अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रहा है।
इस रोड शो के जरिए भाजपा ने स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी राज्य में पूरी मजबूती से चुनावी मैदान में उतर रही है।
पटना की जनता बोली – “मोदी हमारे दिलों में हैं”
स्थानीय नागरिकों का कहना था कि पीएम मोदी का रोड शो उनके जीवन का अविस्मरणीय पल था। एक महिला ने कहा, “हमने पहली बार किसी प्रधानमंत्री को इतने करीब से देखा। उनके लिए आरती उतारना सौभाग्य की बात थी।” वहीं एक युवा ने कहा, “मोदी जी हमारे रोल मॉडल हैं, उनका जोश हमें प्रेरणा देता है।”
रोड शो ने तोड़ा रिकॉर्ड, जनसैलाब ने रचा इतिहास
पटना के इतिहास में यह पहला मौका था जब किसी रोड शो में इतनी बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। राजनीतिक पंडितों का कहना है कि यह जनसमर्थन भविष्य के चुनावी परिणामों की झलक दे रहा है।
लोगों ने यह भी बताया कि उन्होंने पहले कभी ऐसा नजारा नहीं देखा था — एक तरफ सैकड़ों लोग झूमते-गाते, दूसरी तरफ प्रधानमंत्री का मुस्कुराता चेहरा, जो सबका आशीर्वाद स्वीकार कर रहा था।
Mokama में सियासी उबाल: Bhartiya TV से बोले पीयूष प्रियदर्शी कभी भी हो सकती है मेरी गिरफ्तारी
Mokama बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मोकामा में सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी ने एक बड़े बयान में कहा है कि “कभी भी मेरी गिरफ्तारी हो सकती है”। उन्होंने यह बात Bhartiya TV से बातचीत में कही और इसके पीछे अनंत सिंह का दबाव बताया।
शनिवार देर रात जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद पूरे मोकामा में तनाव का माहौल है। वहीं, दुलारचंद यादव हत्याकांड ने राजनीतिक समीकरणों को और उलझा दिया है। चुनाव आयोग से लेकर बिहार पुलिस तक हर स्तर पर हलचल तेज है।
दुलारचंद यादव की हत्या से मोकामा में मचा सियासी तूफान
कुछ दिन पहले मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या ने राजनीतिक माहौल को हिला कर रख दिया था। बताया जाता है कि इस हत्याकांड के बाद से ही इलाके में जनसुराज और जेडीयू के समर्थकों के बीच तनाव बढ़ गया। पुलिस ने इसे चुनावी प्रतिद्वंद्विता से जुड़ा मामला माना है।
हत्याकांड के बाद चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए मोकामा के एसपी को हटा दिया और दो थाना प्रभारियों को निलंबित कर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखी जाए और चुनाव निष्पक्ष तरीके से हो।
Mokama में बढ़ा सियासी बवाल: कभी भी हो सकती है मेरी गिरफ्तारी Bhartiya Tv से बोले पीयूष प्रियदर्शी अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा तनाव 73
Bhartiya TV से बोले पीयूष प्रियदर्शी अनंत सिंह के दबाव में हो रही कार्रवाई”
Bhartiya TV से बात करते हुए जनसुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा,
“मुझे डर है कि किसी भी वक्त मेरी गिरफ्तारी हो सकती है। जो कुछ हो रहा है, वह सब अनंत सिंह के दबाव में हो रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अनंत सिंह और उनके लोगों द्वारा खुलेआम गुंडागर्दी की जा रही है और प्रशासन जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है। पीयूष ने कहा कि अगर प्रशासन पहले कार्रवाई करता तो आज इतनी बड़ी घटना नहीं होती।
“जनता पढ़े-लिखे और ईमानदार प्रत्याशी को चुने”
पीयूष प्रियदर्शी ने अपने बयान में जनता से अपील की कि वे ऐसे व्यक्ति को चुनें जो शिक्षित और ईमानदार हो, न कि डर और दबाव में वोट दें। उन्होंने कहा,
“मोकामा की जनता अब जाग चुकी है। हमें डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम जनता की आवाज बनकर रहेंगे।”
प्रियदर्शी ने यह भी कहा कि उनके पास अनंत सिंह और उनके गुर्गों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, जिन्हें वे समय आने पर सार्वजनिक करेंगे।
अनंत सिंह की गिरफ्तारी से हिल गया मोकामा
शनिवार देर रात पटना पुलिस ने जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह को मोकामा स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया। डीजीपी विनय कुमार सिंह के अनुसार, पटना एसएसपी के नेतृत्व में लगभग 150 पुलिसकर्मियों की टीम ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तारी के दौरान भारी पुलिस बल तैनात था ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
अनंत सिंह को मेडिकल जांच के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उनके घर से कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
डीजीपी का बयान — “चाहे कोई भी हो, दोषी बख्शा नहीं जाएगा”
बिहार के डीजीपी विनय कुमार सिंह ने कहा कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में जो भी आरोपी पाए जाएंगे, उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा,
“चाहे वह पीयूष प्रियदर्शी हों या कोई और, कानून से कोई ऊपर नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी माहौल में किसी भी प्रकार की हिंसा या भय फैलाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीजीपी ने कहा कि चुनाव आयोग और पुलिस मिलकर काम कर रहे हैं ताकि वोटिंग पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हो सके।
चुनाव आयोग ने दिखाया सख्त रवैया
दुलारचंद यादव हत्या के बाद चुनाव आयोग ने तत्काल एक्शन लिया।
मोकामा के एसपी को हटा दिया गया,
दो थाना प्रभारियों को निलंबित किया गया,
और पूरे इलाके में फ्लैग मार्च निकालने के निर्देश दिए गए।
आयोग ने कहा कि किसी भी उम्मीदवार को हिंसा या डर का माहौल बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मोकामा बना सियासी हॉटस्पॉट
बिहार में पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को होनी है। उससे पहले मोकामा अब सियासी हॉटस्पॉट बन गया है। यहां जनसुराज पार्टी के पीयूष प्रियदर्शी और जेडीयू के अनंत सिंह के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है। अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने इस मुकाबले को और भी चर्चित बना दिया है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि मोकामा में हमेशा से राजनीति “हथियार और ताकत” के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन इस बार शिक्षा और विकास का मुद्दा भी केंद्र में है। जनसुराज पार्टी इसका फायदा उठाने की कोशिश में है, वहीं जेडीयू अब अपने उम्मीदवार की गिरफ्तारी से डैमेज कंट्रोल में जुटी है।
प्रशासनिक अलर्ट और सुरक्षा बढ़ाई गई
हादसे और गिरफ्तारी के बाद पूरे मोकामा में पुलिस ने सख्त सुरक्षा व्यवस्था कर दी है। सभी प्रमुख मार्गों और संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ड्रोन निगरानी की भी व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी तुरंत पकड़ी जा सके।
वोटिंग से ठीक पहले प्रशासन नहीं चाहता कि किसी भी तरह का विवाद चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करे।
जनता में बढ़ी बेचैनी, नेताओं में बयानबाजी तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जनता में बेचैनी है। कुछ लोग अनंत सिंह की गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे कानून का सही कदम मान रहे हैं। इधर, राजनीतिक पार्टियों के बीच भी बयानबाजी तेज हो गई है। जेडीयू नेताओं का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है, वहीं जनसुराज समर्थक इसे राजनीतिक प्रतिशोध का नाम दे रहे हैं।
चुनावी समीकरणों पर असर?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर मोकामा की सीट पर पड़ सकता है। अनंत सिंह जहां अपने क्षेत्र में “जन नेता” के रूप में जाने जाते हैं, वहीं उनकी गिरफ्तारी उनके समर्थकों में असंतोष पैदा कर सकती है। दूसरी ओर, पीयूष प्रियदर्शी इस स्थिति को “पीड़ित बनाम ताकतवर” के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।
अगर यह रणनीति काम कर गई, तो मोकामा का परिणाम अप्रत्याशित भी हो सकता है।
Jodhpur में दर्दनाक हादसा: ट्रेलर से टकराई तेज रफ्तार बस, 18 लोगों की दर्दनाक मौत
Jodhpur राजस्थान के जोधपुर जिले के फलोदी इलाके में रविवार सुबह एक भीषण सड़क हादसा हुआ जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर कर रख दिया। यहां एक तेज रफ्तार टूरिस्ट बस खड़े ट्रेलर से टकरा गई। हादसा इतना भयानक था कि मौके पर ही कई लोगों की मौत हो गई और कई अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
फलोदी के मतोड़ा क्षेत्र में हुआ हादसा
जानकारी के मुताबिक यह हादसा जोधपुर के फलोदी उपखंड के मतोड़ा क्षेत्र में भारतमाला एक्सप्रेस-वे पर हुआ। बताया जा रहा है कि श्रद्धालु बीकानेर के कोलायत दर्शन करके सूरसागर वापस लौट रहे थे। रास्ते में बस ने नियंत्रण खो दिया और सड़क किनारे खड़े ट्रेलर में जा घुसी।
टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि बस का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। चश्मदीदों के अनुसार, टक्कर के बाद बस में चीख-पुकार मच गई और लोग बाहर निकलने के लिए संघर्ष करने लगे।
Jodhpur में भीषण सड़क हादसा: ट्रेलर से टकराई तेज रफ्तार बस, 18 श्रद्धालुओं की मौत, Cm भजनलाल शर्मा ने जताया शोक 81
पुलिस और प्रशासन मौके पर
हादसे की सूचना मिलते ही फलोदी थाना पुलिस, पुलिस कमिश्नर ओम प्रकाश और एमडीएम अस्पताल के सुपरिंटेंडेंट विकास राजपुरोहित सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। घायलों को तुरंत ट्रॉमा सेंटर और अन्य नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है।
थाना अधिकारी अमानाराम ने बताया कि इस हादसे में 18 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 3 से 4 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। घायलों का इलाज जारी है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जताया शोक
राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने हादसे पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने जोधपुर के कलेक्टर और एसपी को निर्देश दिए हैं कि घायलों को ग्रीन कॉरिडोर बनाकर जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाया जाए और उन्हें बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराई जाए।
सीएम ने पोस्ट कर कहा — “जोधपुर जिले में हुए सड़क हादसे की खबर से मन व्यथित है। दिवंगत आत्माओं की शांति और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की ईश्वर से प्रार्थना करता हूं।”
जांच में जुटी पुलिस
पुलिस ने बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि बस की रफ्तार बहुत तेज थी और चालक ने नियंत्रण खो दिया था। आसपास के चश्मदीदों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि हादसे की सटीक वजह का पता लगाया जा सके।