संक्षेप में खबर
Dadri में संपत्ति कर निर्धारण के लिए ड्रोन आधारित GIS सर्वे शुरू आवासीय, व्यावसायिक और रिक्त संपत्तियों का होगा डिजिटल मूल्यांकन नई और पहले छूटी संपत्तियां भी कर के दायरे में आएंगी प्रति वर्ग फीट के आधार पर होगा संपत्ति कर निर्धारण GIS से बढ़ेगी पारदर्शिता और नगर विकास की रफ्तार संपत्ति कर भुगतान जल्द होगा ऑनलाइ
Dadri में संपत्ति कर के लिए ड्रोन सर्वे शुरू, नगर पालिका बढ़ाएगी राजस्व और सुविधाएं
दादरी नगर पालिका परिषद ने शहर के विकास की दिशा में एक बड़ा और आधुनिक कदम उठाया है। अब नगर क्षेत्र में संपत्ति कर के निर्धारण के लिए ड्रोन आधारित GIS सर्वे शुरू कर दिया गया है। इस तकनीक के जरिए न केवल नगर पालिका की आय बढ़ेगी, बल्कि नागरिकों को भी बेहतर और पारदर्शी सुविधाएं मिल सकेंगी।
नगर पालिका का कहना है कि यह सर्वे शहर की वास्तविक स्थिति को सामने लाने में मदद करेगा।
ड्रोन से होगी हर संपत्ति की डिजिटल पहचान
नगरपालिका परिषद भौगोलिक सूचना प्रणाली यानी GIS के माध्यम से नगर क्षेत्र की हर आवासीय, व्यावसायिक और रिक्त संपत्ति का डिजिटल सर्वे करा रही है। ड्रोन तकनीक की मदद से पूरे नगर क्षेत्र की मैपिंग की जाएगी, जिससे संपत्तियों का सटीक मूल्यांकन संभव हो सकेगा।
इस प्रक्रिया में वे संपत्तियां भी सामने आएंगी, जो अब तक संपत्ति कर के दायरे में नहीं थीं।

बोर्ड बैठक के फैसले के बाद शुरू हुआ सर्वे
दादरी नगरपालिका की अधिशासी अधिकारी शालिनी गुप्ता ने बताया कि 24 दिसंबर 2024 को पारित बोर्ड बैठक के निर्णय के तहत यह सर्वे शुरू किया गया है।
उन्होंने कहा कि नगर दादरी क्षेत्र में स्थित सभी प्रकार की संपत्तियों के स्वकर निर्धारण को व्यवस्थित और पारदर्शी बनाने के लिए यह कदम उठाया गया है।
सर्वे का कार्य एक निजी कंपनी को सौंपा गया है, जो आधुनिक डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल कर रही है।
पुरानी और नई दोनों संपत्तियों पर लगेगा वास्तविक कर
GIS सर्वे के माध्यम से जहां नए भवन संपत्ति कर के दायरे में आएंगे, वहीं पुराने भवनों पर भी उनके वास्तविक क्षेत्रफल और उपयोग के आधार पर संपत्ति कर निर्धारित किया जाएगा।
दादरी नगर क्षेत्र लगभग आठ वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। नगर पालिका के गठन के बाद सीमा का विस्तार नहीं हुआ, लेकिन आसपास की आबादी तेजी से बढ़ी है। इससे कई बाहरी इलाकों में रहने वाले लोगों को नगर पालिका की सुविधाएं नहीं मिल पा रही थीं।

प्रति वर्ग फीट के हिसाब से होगा मूल्यांकन
सर्वे पूरा होने के बाद भवनों का मूल्यांकन प्रति वर्ग फीट के आधार पर किया जाएगा। उसी के अनुसार संपत्ति कर लागू होगा।
बाहरी क्षेत्रों में बनी संपत्तियों को भी अब नगर पालिका के रिकॉर्ड में शामिल किया जाएगा, जिससे वहां के निवासियों को नगर सेवाओं का लाभ मिल सके।
GIS सिस्टम से बढ़ेगी पारदर्शिता और विकास की रफ्तार
अधिशासी अधिकारी ने बताया कि GIS सर्वे में आधुनिक सॉफ्टवेयर, हार्डवेयर और उन्नत डाटा संग्रहण तकनीकों का उपयोग किया जा रहा है।
इस प्रणाली के लागू होने से नगर पालिका को कराधान, आधारभूत ढांचे की योजना, संपत्ति प्रबंधन और भविष्य की विकास योजनाओं के लिए सटीक और भरोसेमंद डाटा मिलेगा।
इससे प्रशासनिक कार्यों में पारदर्शिता बढ़ेगी और नागरिक सुविधाओं में सुधार होगा।
जल्द ऑनलाइन होगा संपत्ति कर भुगतान
सर्वे के बाद जिन संपत्तियों पर अब तक स्वकर नहीं लगा है, उन्हें कर के दायरे में लाया जाएगा।
नगर पालिका संपत्ति कर भुगतान की प्रक्रिया को जल्द ही ऑनलाइन करने की तैयारी में है, ताकि नागरिकों को किसी तरह की परेशानी न हो।
नगर के विकास में मील का पत्थर बनेगी यह परियोजना
नगर पालिका अध्यक्ष गीता शर्मा ने बताया कि GIS सर्वे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है।
उन्होंने कहा कि यह परियोजना नगर के योजनाबद्ध विकास और बेहतर प्रशासन की दिशा में एक अहम कदम है।
इस सर्वे के तहत संपत्तियों के साथ-साथ सड़कों, नालियों, भवनों और अन्य शहरी संरचनाओं का भी डिजिटल रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा, जो आने वाले समय में दादरी के विकास के लिए बेहद उपयोगी साबित होगा।