Summary (संक्षेप में पूरी खबर) Delhi MCD के 12 MCD वार्डों में हुए उपचुनाव की मतगणना आज कड़ी सुरक्षा के बीच होगी। 51 उम्मीदवारों का भविष्य आज तय होगा। भाजपा जहां 12-0 से जीत का लक्ष्य लेकर चल रही है, वहीं AAP और कांग्रेस भी अपनी खोई जमीन वापस लाने की कोशिश में हैं। वोटिंग इस बार सिर्फ 40% हुई। नतीजे दोपहर तक आने की उम्मीद है।

Delhi MCD उपचुनाव का फैसला आज, 51 उम्मीदवारों की किस्मत खुलेगी
दिल्ली नगर निगम (MCD) के 12 वार्डों में हुए उपचुनाव का रिज़ल्ट आज (3 दिसंबर) कड़ी सुरक्षा के बीच घोषित किया जाएगा। कुल 51 उम्मीदवारों का भाग्य ईवीएम में बंद है, जिसकी गिनती सुबह से शुरू होगी। दोपहर तक सभी नतीजे आने की संभावना है।राज्य चुनाव आयोग ने इसके लिए राजधानी में 10 मतगणना केंद्र बनाए हैं, जहां स्ट्रांग रूम से लेकर एंट्री-एग्ज़िट तक हर व्यवस्था हाई सिक्योरिटी में की गई है।
इस बार सिर्फ 40% मतदान, 26 महिला उम्मीदवारों की एंट्री
उपचुनाव में इस बार सिर्फ 40 प्रतिशत मतदान हुआ, जबकि 2022 के निगम चुनाव में यह आंकड़ा 50.47% था।
कुल 51 उम्मीदवार मैदान में थे, जिनमें से 26 महिलाएं थीं।
- भाजपा ने 8 महिला प्रत्याशी उतारीं
- AAP ने 6 महिला उम्मीदवार
- कांग्रेस ने 5 महिलाओं को टिकट दिया
आयोग ने बताया कि सभी काउंटिंग सेंटरों को सुरक्षा, निगरानी और बेसिक इंफ्रास्ट्रक्चर से पूरी तरह लैस किया गया है।
कहां-कहां बने काउंटिंग सेंटर?
काउंटिंग के लिए दिल्ली में 10 जगहों पर इंतज़ाम किया गया है, जिनमें प्रमुख हैं:
- कंझावला
- पीतमपुरा
- भारत नगर
- सिविल लाइंस
- राउज एवेन्यू
- द्वारका
- नजफगढ़
- गोल मार्केट
- पुष्प विहार
- मंडावली
प्रत्येक सेंटर पर संबंधित वार्डों की गिनती होगी और स्ट्रांग रूम प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन कराया जाएगा।

इस उपचुनाव को माना जा रहा है ‘जनमत संग्रह’
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि MCD उपचुनाव मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता के नेतृत्व वाली भाजपा सरकार के लिए एक बड़ा टेस्ट हैं।
अगर भाजपा को बड़ा फायदा मिलता है, तो निगम में उसकी स्थिति और मजबूत हो जाएगी।
2022 में 250 सीटों पर हुए थे चुनाव, अब भाजपा को चाहिए बहुमत का आंकड़ा
2022 के MCD चुनाव में भाजपा मजबूत पार्टी बनकर उभरी थी।
मौजूदा समय में निगम में इसके 115 पार्षद हैं।
भाजपा का लक्ष्य है कि उपचुनाव में 12-0 की क्लीन स्वीप करे, ताकि निगम में 125 के पूर्ण बहुमत तक पहुंच सके।

AAP और कांग्रेस के लिए भी मुश्किलें और मौके दोनों
AAP के फिलहाल 99 पार्षद हैं।
विधानसभा चुनाव में सत्ता गंवाने के बाद पार्टी इन उपचुनावों को जमीन वापस पाने का मौका मान रही है।
कांग्रेस भी कुछ वार्डों में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद कर रही है।
नतीजों से बदल सकता है दिल्ली का राजनीतिक समीकरण
अगर भाजपा बड़े अंतर से जीतती है तो CM रेखा गुप्ता का कद दिल्ली की राजनीति में और मजबूत होगा।
उनकी ई-बस योजना, स्वास्थ्य बीमा और छठ पूजा व्यवस्थाओं को लेकर सरकार ने सकारात्मक रिपोर्ट कार्ड पेश किया है।
इसके उलट, अगर AAP या कांग्रेस को कुछ वार्ड मिलते हैं, तो भविष्य की नगर राजनीति में नया मोड़ आ सकता है।
एक वाक्य में फुल न्यूज़ का शॉर्ट वर्जन
दिल्ली MCD के 12 वार्डों की मतगणना आज होगी, 51 उम्मीदवारों की किस्मत खुलेगी; भाजपा 12-0 की जीत के लक्ष्य पर, जबकि AAP और कांग्रेस अपनी खोई जमीन वापस पाने की कोशिश में।