संक्षेप में पूरी खबर Uttar Pradesh का पहला ग्रीन एयरपोर्ट—नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट—जल्द शुरू होने वाला है। यह एयरपोर्ट भारतीय सांस्कृतिक डिजाइन, सोलर एनर्जी, DigiYatra, सेल्फ बैग ड्रॉप, EV चार्जिंग, शॉपिंग–डाइनिंग सुविधाओं और पर्यावरण-अनुकूल तकनीक से पूरी तरह लैस है। योगी सरकार प्रोजेक्ट की निगरानी कर रही है और इसे यूपी की नई वैश्विक पहचान के रूप में विकसित किया जा रहा है।
यूपी को मिलने जा रहा है पहला ग्रीन एयरपोर्ट, तैयारियां अंतिम चरण में
उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का क्षण अब बहुत करीब है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के ड्रीम प्रोजेक्ट नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट (NIA) के जल्द शुरू होने की तैयारी तेज हो गई है। यह एयरपोर्ट न सिर्फ प्रदेश का पहला ग्रीन एयरपोर्ट होगा, बल्कि भारतीय संस्कृति और आधुनिक तकनीक का सबसे आकर्षक मिश्रण भी पेश करेगा। एयरपोर्ट पर उतरते ही यात्रियों को उत्तर भारत की विरासत, कला और आतिथ्य का एहसास कराया जाएगा।यमुना प्राधिकरण के एसीईओ शैलेन्द्र कुमार भाटिया के मुताबिक, यह एयरपोर्ट यूपी की वैश्विक पहचान को नई ऊंचाई देने के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री स्वयं प्रोजेक्ट की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं और हाल ही में निरीक्षण भी कर चुके हैं।

भारतीय संस्कृति की आत्मा से जुड़ा अनोखा डिजाइन घाट और हवेली की झलक
एयरपोर्ट की वास्तुकला इसकी सबसे बड़ी खूबी होगी। टर्मिनल बिल्डिंग में ऐसी डिज़ाइन तैयार की गई है, जो बनारस और हरिद्वार के प्रसिद्ध घाटों की याद दिलाती है। प्रवेश द्वार पर चौड़ी सीढ़ियां उस आध्यात्मिक स्पर्श को जीवंत करती हैं, जो यात्रियों को पहली नज़र में ही भारतीय संस्कृति से जोड़ देती हैं।
अंदर प्रवेश करते ही यात्रियों को हवेली शैली का विशाल आंगन दिखेगा। यह डिजाइन न सिर्फ खूबसूरत है, बल्कि प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन को ध्यान में रखते हुए बनाया गया है। टर्मिनल की सफेद तरंगाकार छत यूपी की प्रमुख नदियों के शांत प्रवाह का प्रतीक मानी जा रही है। उद्देश्य साफ है—हर यात्री को एक आत्मीय, शांत और सहज अनुभव देना।
पूरी तरह टेक-सक्षम DigiYatra और सेल्फ बैग-ड्रॉप से होगी तेज़ यात्रा
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भविष्य की यात्रा जरूरतों को ध्यान में रखकर डिज़ाइन किया गया है। यहां हर कदम पर तकनीक यात्रियों की सुविधा का ध्यान रखेगी।
- सेल्फ बैग-ड्रॉप मशीनें लंबी कतार की झंझट कम करेंगी।
- सेल्फ बोर्डिंग गेट्स बोर्डिंग प्रक्रिया को बेहद तेज बनाएंगे।
- DigiYatra सुविधा की वजह से यात्री बिना किसी दस्तावेज़ दिखाए बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन से ही आगे बढ़ सकेंगे।
- स्मार्ट साइनेज और डिजिटल प्रोसेस यह सुनिश्चित करेंगे कि हर यात्री तनावमुक्त और सहज यात्रा का अनुभव पा सके।

शॉपिंग और डाइनिंग का ऐसा अनुभव, जो सिर्फ ट्रांजिट नहीं—एक सांस्कृतिक यात्रा होगा
यात्रियों के लिए एयरपोर्ट पर भोजन, शॉपिंग और सांस्कृतिक अनुभव को खास रूप दिया गया है। यहां मिलेगा—
- यूपी और भारत के असली पारंपरिक स्वाद
- ग्लोबल क्यूज़ीन का मिश्रण
- ड्यूटी-फ्री स्टोर्स और प्रीमियम ब्रांड्स
- यूपी के हस्तशिल्प—बनारसी सिल्क, चिकनकारी, अतर और स्थानीय कलाकृतियाँ
- योजना का उद्देश्य साफ है—यात्री सिर्फ उड़ान के इंतज़ार में न रहें, बल्कि उत्तर भारत की समृद्ध सांस्कृतिक दुनिया को करीब से महसूस करें।
ग्रीन एयरपोर्ट का परफेक्ट उदाहरण—सौर ऊर्जा से लेकर EV चार्जिंग तक
नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को पर्यावरण-सतत विकास के मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है।
- सौर ऊर्जा और ऑफ-ग्रिड विंड सिस्टम से बिजली की जरूरत पूरी की जाएगी।
- वर्षा जल संचयन और अत्याधुनिक सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट पर्यावरण संरक्षण को मजबूत करेंगे।
- पूरे परिसर में EV चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा मिले।
- डिजाइन ऐसी है कि प्राकृतिक रोशनी का अधिकतम उपयोग हो सके, जिससे ऊर्जा की बचत होगी।
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