संक्षेप में खबर: Indian Post का बड़ा फैसला पंजीकृत डाक सेवा बंद, अब रजिस्टर्ड स्पीड पोस्ट से हवाई मार्ग से पहुंचेगी चिट्ठी भारतीय डाक ने पंजीकृत डाक सेवा बंद की अब रजिस्टर्ड स्पीड पोस्ट से भेजे जाएंगे जरूरी दस्तावेज पत्र हवाई मार्ग से होंगे रवाना, डिलीवरी होगी तेज नई सेवा को भी मिलेगी पूरी कानूनी मान्यता डाक विभाग तेजी से हो रहा डिजिटल
Indian Post अगर आप कोर्ट के समन, कानूनी नोटिस या अन्य जरूरी दस्तावेज भेजने के लिए भारतीय डाक की पंजीकृत डाक सेवा का इस्तेमाल करते थे, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। भारतीय डाक विभाग ने अब इस पारंपरिक सेवा को बंद कर दिया है और इसकी जगह रजिस्टर्ड स्पीड पोस्ट को लागू कर दिया गया है।
अब बदल गया डाक भेजने का तरीका
नोएडा सेक्टर-19 डाक विभाग के सीनियर पोस्ट मास्टर मनोज कुमार के अनुसार, डाक विभाग ने यह कदम सेवा को तेज, आधुनिक और तकनीक आधारित बनाने के लिए उठाया है। अब पंजीकरण सुविधा केवल स्पीड पोस्ट वस्तुओं के साथ मूल्यवर्धित सेवा के रूप में उपलब्ध होगी।
कानूनी मान्यता रहेगी पूरी

डाक विभाग ने साफ किया है कि नई रजिस्टर्ड स्पीड पोस्ट सेवा को भी पहले की तरह पूरी कानूनी मान्यता मिलेगी। यानी कोर्ट समन, सरकारी नोटिस, कानूनी दस्तावेज और अन्य अहम पत्र अब भी वैध माने जाएंगे, बस डिलीवरी का तरीका बदल गया है।
सड़क-रेल नहीं, अब हवाई जहाज से पहुंचेगा पत्र
पहले पंजीकृत डाक सड़क और रेल मार्ग से भेजी जाती थी, जिससे कई बार डिलीवरी में देरी हो जाती थी। अब रजिस्टर्ड स्पीड पोस्ट के जरिए पत्र हवाई मार्ग से भेजे जाएंगे। इससे न केवल समय की बचत होगी, बल्कि ट्रैकिंग भी पहले से ज्यादा सटीक और भरोसेमंद होगी।

1 अक्टूबर को हुई थी घोषणा, अब हुआ लागू
सीनियर पोस्ट मास्टर मनोज कुमार ने बताया कि इस बदलाव की घोषणा 1 अक्टूबर को की गई थी और अब इसे पूरी तरह लागू कर दिया गया है। इसका मकसद ग्राहकों को तेज और पारदर्शी सेवा देना है।
तेजी से डिजिटल हो रहा डाक विभाग
भारतीय डाक विभाग अब डिजिटल युग के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रहा है। देशभर में करीब 1.8 लाख डाक कर्मचारियों को स्मार्टफोन देने की तैयारी चल रही है।
नोएडा में पहले चरण में 5,000 स्मार्टफोन वितरित किए जाएंगे, जबकि फिलहाल 21,000 कर्मचारी अपने निजी स्मार्टफोन से पोस्टमैन मोबाइल एप का उपयोग कर रहे हैं।
पोस्टमैन मोबाइल एप से तुरंत अपडेट
इस मोबाइल एप के जरिए डाकिया डिलीवरी की जानकारी तुरंत सिस्टम में दर्ज करता है। जैसे ही पत्र या पार्सल पहुंचता है, प्राप्तकर्ता को सीधे एसएमएस अलर्ट भी मिल जाता है। इससे न केवल पारदर्शिता बढ़ी है, बल्कि शिकायतों में भी कमी आई है।
भरोसे के साथ अब रफ्तार भी
साफ है कि भारतीय डाक अब सिर्फ भरोसे का प्रतीक नहीं रहना चाहता, बल्कि रफ्तार और तकनीक के मामले में भी नई ऊंचाइयों को छूने की तैयारी में है। रजिस्टर्ड स्पीड पोस्ट इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।