संक्षेप (Short Summary): Javed Akhtar ने धर्मेंद्र के निधन पर अपनी भावुक यादें साझा करते हुए कहा कि उनके जाने से एक युग का अंत हो गया है। उन्होंने बताया कि करियर के शुरुआती दिनों में धर्मेंद्र ने उन्हें बिना किसी कारण हमेशा सम्मान और गर्मजोशी से पेश आकर प्रभावित किया था। जावेद अख्तर ने कहा कि आज की फिल्म इंडस्ट्री दो महत्वपूर्ण गुणों—गरिमा (Dignity) और विनम्रता (Humility)—में मात खा रही है, जिन्हें हर किसी को धर्मेंद्र से सीखना चाहिए। उन्होंने धर्मेंद्र को एक अनोखे अभिनेता और बेहद विनम्र इंसान बताया, जिनकी कमी हमेशा खलेगी।
Javed Akhtar धर्मेंद्र से क्या सीख सकती है फिल्म इंडस्ट्री जावेद अख्तर ने बताया—किन दो बातों पर मात खा रहे लोग
हिंदी सिनेमा के महानायक धर्मेंद्र के निधन ने पूरे फिल्म जगत को शोक में डुबो दिया है। 89 वर्ष की उम्र में बॉलीवुड के “ही-मैन” ने अंतिम सांस ली और इसके बाद से कई सेलेब्स अपनी यादें और अनुभव साझा कर रहे हैं। इसी कड़ी में मशहूर लेखक और गीतकार जावेद अख्तर ने एनडीटीवी से खास बातचीत करते हुए धर्मेंद्र के लिए अपनी भावनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने उनके निधन को “एक युग का अंत” बताया।
पूरी इंडस्ट्री सदमे में है—जावेद अख्तर की भावुक प्रतिक्रिया
जावेद अख्तर इस समय मुंबई में नहीं हैं, लेकिन खबर सुनते ही उनकी आवाज़ में दर्द साफ महसूस हुआ। उन्होंने कहा—
हम सदमे में हैं… पूरी फिल्म इंडस्ट्री सदमे में है। धर्मेंद्र की मौत के साथ एक युग का अंत हो गया है। वह दिग्गजों में से एक थे।”अख्तर बताते हैं कि वह धर्मेंद्र से तब मिले थे जब वह खुद अपने करियर की शुरुआत कर रहे थे। यह मुलाकात सिर्फ याद नहीं, बल्कि एक सीख बनकर उनके जीवन में हमेशा के लिए रह गई।
मैं क्लैपर बॉय था… वह सुपरस्टार थे—पहली मुलाकात की कहानी
जावेद अख्तर ने बताया कि बॉम्बे आने के शुरुआती दिनों में वह एक क्लैपर बॉय थे।
उनकी दूसरी फिल्म ‘यकीन’ थी जिसमें धर्मेंद्र सुपरस्टार थे और जावेद को सिर्फ 175 रुपये मिलता था।
इसके बावजूद धर्मेंद्र ने उनके साथ हमेशा सम्मान और गर्मजोशी से पेश आए।जावेद कहते हैं—उनके पास मेरे साथ अच्छा व्यवहार करने की कोई वजह नहीं थी, लेकिन उन्होंने मेरे साथ इंसानियत दिखाई। ऐसे लोग बहुत कम मिलते हैं।”

वह घटना जिसे जावेद अख्तर कभी नहीं भूले
जावेद अख्तर ने एक ऐसी घटना साझा की जिसने धर्मेंद्र के चरित्र को उनके दिल में हमेशा के लिए स्थापित कर दिया।उन्होंने बताया— एक बार वह मुझ पर चिल्लाए। बाद में उन्होंने खुद मुझे फोन करके माफी मांगी। मुझे समझ नहीं आया कि इतना बड़ा स्टार मुझसे क्यों माफी मांग रहा है। वह सच में अलग इंसान थे।”उन्होंने कहा,जब आप कुछ नहीं होते और लोग आपको नहीं जानते, तब कोई आपको इज्जत नहीं देता। लेकिन धर्मेंद्र ऐसे नहीं थे—वह दिल के बहुत बड़े थे।”
फिल्म इंडस्ट्री धर्मेंद्र से क्या सीख सकती है? जावेद अख्तर ने बताई दो बड़ी बातें
जब उनसे पूछा गया कि इंडस्ट्री धर्मेंद्र से क्या सीख सकती है, तो जावेद अख्तर ने दो शब्दों का ज़िक्र किया—
1. गरिमा (Dignity)
2. विनम्रता (Humility)
उन्होंने कहा—आज इंडस्ट्री में इन दो चीज़ों की भारी कमी है। धर्मेंद्र की पर्सनैलिटी में यह दोनों खूबियाँ कूट-कूटकर भरी थीं, और यही उन्हें दूसरों से अलग बनाती थीं।”
“ही-मैन थे, लेकिन दिल से एक जेंटलमैन—जावेद अख्तर
धर्मेंद्र की पर्सनैलिटी को याद करते हुए जावेद अख्तर ने कहा—वह एक अनोखे एक्टर और अनोखे इंसान थे। उनमें एक रुतबा था जिसकी इज्जत हर कोई करता था, लेकिन वह बेहद विनम्र और शांत स्वभाव के थे। वह ही-मैन कहे जाते थे, लेकिन असल में वह सॉफ्ट, जेंटल और बेहद प्यारे इंसान थे।उन्होंने आगे कहा—
उनका देसी सेंस ऑफ ह्यूमर कमाल का था। वह हर आम आदमी से जुड़ते थे. ऐसे लोग बार-बार नहीं आते।”
धर्मेंद्र के जाने से एक युग का अंत—इंडस्ट्री में खालीपन
जावेद अख्तर के शब्दों में—
आज सच में एक युग का अंत हो गया है। ऐसे कलाकार और ऐसे इंसान बहुत कम पैदा होते हैं।”
धर्मेंद्र न सिर्फ एक महान अभिनेता थे, बल्कि अपनी विनम्रता, शालीनता और इंसानियत की वजह से हर दिल में जगह बना चुके थे।
उनके जाने से फिल्म इंडस्ट्री में ऐसा खालीपन आ गया है जिसे भरना आसान नहीं होगा।
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