संक्षेप में खबर jewar कोतवाली क्षेत्र के थोरा गांव में खेतों में घुसी गाय को भगाने गए 60 वर्षीय बुजुर्ग पर गाय ने अचानक हमला कर दिया। बुजुर्ग को बचाने पहुंचे भतीजे पर भी गाय ने हमला किया। दोनों को अस्पताल ले जाया गया, जहां बुजुर्ग की मौत हो गई, जबकि भतीजे का इलाज जारी है। बाद में गाय को पकड़ने के दौरान उसकी भी मौत हो गई।
jewar के थोरा गांव में गाय का कहर, खेतों में गया बुजुर्ग नहीं लौटा घर
जेवर कोतवाली क्षेत्र के थोरा गांव में बुधवार सुबह एक दर्दनाक हादसे ने पूरे गांव को झकझोर कर रख दिया। खेतों में घुसी गाय को भगाने पहुंचे 60 वर्षीय कृपाल सिंह पर गाय ने अचानक जानलेवा हमला कर दिया। वहीं, उन्हें बचाने आए उनके भतीजे राजेंद्र सिंह को भी गाय ने गंभीर रूप से घायल कर दिया।
खेतों की रखवाली करने गए थे कृपाल सिंह, वहीं हो गया हमला

ग्रामीणों के अनुसार, थोरा गांव निवासी कृपाल सिंह के खेतों में एक गाय लगातार नुकसान कर रही थी। इसी वजह से बुधवार सुबह कृपाल सिंह खेतों की ओर गए थे। जैसे ही उन्होंने गाय को भगाने का प्रयास किया, वैसे ही गाय ने उग्र रूप धारण कर लिया और उन पर सीधा हमला बोल दिया।
चाचा को बचाने दौड़ा भतीजा, खुद भी हुआ घायल
घटना को दूर से देख रहे कृपाल सिंह के भतीजे राजेंद्र सिंह चाचा को बचाने के लिए दौड़ पड़े। हालांकि, गाय इतनी आक्रामक हो चुकी थी कि उसने राजेंद्र पर भी हमला कर दिया। इस हमले में राजेंद्र सिंह को गंभीर चोटें आईं और वह खेत में ही गिर पड़े।
ग्रामीणों ने बचाई जान, लेकिन बुजुर्ग को नहीं बचाया जा सका

दोनों को घायल अवस्था में देख गांव के लोग मौके पर पहुंचे। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने दोनों को गाय के चंगुल से छुड़ाया और तुरंत जेवर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। यहां डॉक्टरों ने कृपाल सिंह को मृत घोषित कर दिया, जबकि राजेंद्र सिंह का इलाज अभी जारी है और उनकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
खूंखार गाय को पकड़ने पहुंची टीम, ऑपरेशन में गाय की मौत
घटना की सूचना मिलने पर ग्रामीणों की शिकायत के बाद यमुना प्राधिकरण की टीम गांव पहुंची। जेसीबी मशीनों की मदद से गाय को घेरने का प्रयास किया गया। इस दौरान गाय की भी मौत हो गई। फिलहाल ग्रामीण मृत गाय का पोस्टमार्टम कराने की मांग कर रहे हैं, ताकि यह पता लगाया जा सके कि आखिर किस बीमारी या कारण से गाय इतनी आक्रामक हो गई थी।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा, गांव में दहशत
पुलिस ने मृतक कृपाल सिंह के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इस घटना के बाद से पूरे थोरा गांव में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि आवारा पशुओं की समस्या लगातार बढ़ रही है और अब यह जानलेवा साबित हो रही है।