Lucknow Encounter : रोडवेज बस लूट के आरोपी से मुठभेड़, एक घायल, एक फरार, जानिए पुलिस कैसे पहुंची आरोपियों तक
लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में बुधवार देर रात एक सनसनीखेज मुठभेड़ के दौरान रोडवेज लूटकांड में शामिल दो आरोपियों में से एक को पुलिस ने गोली मारकर घायल कर दिया, जबकि दूसरा फरार हो गया। यह कार्रवाई आलमबाग थाना क्षेत्र में देवीखेड़ा रोड पर की गई। पुलिस के अनुसार घायल अभियुक्त का नाम गौरव कन्नौजिया है, जिसे लोकबंधु अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, उसका साथी शुभम उर्फ शिवम् मौके का फायदा उठाकर भाग निकला। इस पूरे ऑपरेशन में पुलिस ने तत्परता से कार्य करते हुए पहले से गिरफ्तार आरोपी पीयूष से पूछताछ के आधार पर दोनों का पता लगाया था।

क्या है पूरा मामला?
मामला लखनऊ के आलमबाग इलाके का है, जहां UPSRTC (उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम) की आजमगढ़ डिपो की एक बस के कंडक्टर से स्कूटी सवार बदमाशों ने लूटपाट की थी। बदमाश ई-टिकट मशीन, कंडक्टर का बैग, मोबाइल और एटीएम कार्ड लेकर फरार हो गए थे। घटना के तुरंत बाद पीड़ित कंडक्टर ने आलमबाग थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई।
पुलिस की सक्रियता और आरोपियों की पहचान

लूट के बाद पुलिस ने तफ्तीश शुरू की और घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान एक आरोपी पीयूष को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पीयूष ने लूट में अपने साथियों गौरव और शुभम का नाम उजागर किया। इसके बाद से पुलिस की कई टीमें इन दोनों की तलाश में जुट गईं।
कैसे हुआ मुठभेड़ का खुलासा?

बुधवार देर रात आलमबाग थाना क्षेत्र के देवीखेड़ा रोड पर चेकिंग के दौरान पुलिस को दो संदिग्ध युवक स्कूटी पर आते हुए दिखे। जब पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की एक गोली गौरव कन्नौजिया को लगी। पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि उसका साथी शुभम अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
मुठभेड़ के बाद क्या मिला पुलिस को?
घटनास्थल से पुलिस को कई अहम सबूत मिले हैं:
- एक बिना नंबर प्लेट की स्कूटी
- एक तमंचा
- दो मोबाइल फोन
- एक जिंदा कारतूस और एक खोखा
- ₹2760 नकद
- बस कंडक्टर का ATM कार्ड
पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया, जिसने सबूतों को इकट्ठा कर जांच शुरू कर दी है।
घायल आरोपी की स्थिति और मेडिकल अपडेट
घायल आरोपी गौरव को पुलिस ने तुरंत लोकबंधु राजनारायण अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत स्थिर है। अस्पताल में पुलिस सुरक्षा के बीच उसका उपचार किया जा रहा है।
FIR और IPC धाराएं
आलमबाग थाने में दर्ज की गई FIR में आरोपियों पर लूट, आर्म्स एक्ट, पुलिस पर हमला, और आपराधिक साजिश जैसी धाराएं लगाई गई हैं। पुलिस अब फरार आरोपी शुभम की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है।
पुलिस अधिकारियों की प्रतिक्रिया
एसपी ट्रांसगोमती ने मीडिया को बताया, “पुलिस की मुस्तैदी से एक बड़े लूटकांड का पर्दाफाश हुआ है। पीयूष की गिरफ्तारी और पूछताछ से मिले इनपुट के बाद गौरव और शुभम का नाम सामने आया। इनमें से एक को पकड़ लिया गया है और दूसरे की गिरफ्तारी जल्द होगी।”
बढ़ते अपराध और पुलिस की रणनीति
हाल के महीनों में लखनऊ में लूट और छिनैती की घटनाएं बढ़ती दिख रही हैं। इस केस में पुलिस की तेजी और सक्रियता ने साफ कर दिया है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लखनऊ पुलिस सतर्क है। मुठभेड़ के जरिए एक आरोपी की गिरफ्तारी से न केवल कंडक्टर को इंसाफ मिला है, बल्कि लखनऊ के यात्रियों में भी एक भरोसा जागा है।
जनता की प्रतिक्रिया
घटना की जानकारी मिलते ही सोशल मीडिया पर लोगों की प्रतिक्रियाएं आने लगीं। कई लोगों ने लखनऊ पुलिस की कार्यवाही की सराहना की। वहीं, कुछ लोगों ने सवाल उठाए कि आखिर इस तरह के अपराधियों को इतनी आसानी से हथियार और स्कूटी कैसे मिल जाते हैं।
आगे की जांच
फॉरेंसिक टीम, तकनीकी शाखा और स्थानीय पुलिस मिलकर इस केस की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं। पुलिस को शक है कि इस गिरोह ने पहले भी इसी तरह की घटनाओं को अंजाम दिया हो सकता है।