Mokama में सियासी उबाल: Bhartiya TV से बोले पीयूष प्रियदर्शी कभी भी हो सकती है मेरी गिरफ्तारी
Mokama बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मोकामा में सियासी तापमान चरम पर पहुंच गया है। जनसुराज पार्टी के प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी ने एक बड़े बयान में कहा है कि “कभी भी मेरी गिरफ्तारी हो सकती है”। उन्होंने यह बात Bhartiya TV से बातचीत में कही और इसके पीछे अनंत सिंह का दबाव बताया।
शनिवार देर रात जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह की गिरफ्तारी के बाद पूरे मोकामा में तनाव का माहौल है। वहीं, दुलारचंद यादव हत्याकांड ने राजनीतिक समीकरणों को और उलझा दिया है। चुनाव आयोग से लेकर बिहार पुलिस तक हर स्तर पर हलचल तेज है।
दुलारचंद यादव की हत्या से मोकामा में मचा सियासी तूफान
कुछ दिन पहले मोकामा में दुलारचंद यादव की हत्या ने राजनीतिक माहौल को हिला कर रख दिया था। बताया जाता है कि इस हत्याकांड के बाद से ही इलाके में जनसुराज और जेडीयू के समर्थकों के बीच तनाव बढ़ गया। पुलिस ने इसे चुनावी प्रतिद्वंद्विता से जुड़ा मामला माना है।
हत्याकांड के बाद चुनाव आयोग ने सख्त कदम उठाते हुए मोकामा के एसपी को हटा दिया और दो थाना प्रभारियों को निलंबित कर दिया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि पूरे क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखी जाए और चुनाव निष्पक्ष तरीके से हो।

Bhartiya TV से बोले पीयूष प्रियदर्शी अनंत सिंह के दबाव में हो रही कार्रवाई”
Bhartiya TV से बात करते हुए जनसुराज प्रत्याशी पीयूष प्रियदर्शी ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ राजनीतिक साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा,
“मुझे डर है कि किसी भी वक्त मेरी गिरफ्तारी हो सकती है। जो कुछ हो रहा है, वह सब अनंत सिंह के दबाव में हो रहा है।”
उन्होंने यह भी कहा कि अनंत सिंह और उनके लोगों द्वारा खुलेआम गुंडागर्दी की जा रही है और प्रशासन जानबूझकर आंखें मूंदे बैठा है।
पीयूष ने कहा कि अगर प्रशासन पहले कार्रवाई करता तो आज इतनी बड़ी घटना नहीं होती।
“जनता पढ़े-लिखे और ईमानदार प्रत्याशी को चुने”
पीयूष प्रियदर्शी ने अपने बयान में जनता से अपील की कि वे ऐसे व्यक्ति को चुनें जो शिक्षित और ईमानदार हो, न कि डर और दबाव में वोट दें।
उन्होंने कहा,

“मोकामा की जनता अब जाग चुकी है। हमें डराने की कोशिश की जा रही है, लेकिन हम जनता की आवाज बनकर रहेंगे।”
प्रियदर्शी ने यह भी कहा कि उनके पास अनंत सिंह और उनके गुर्गों के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, जिन्हें वे समय आने पर सार्वजनिक करेंगे।
अनंत सिंह की गिरफ्तारी से हिल गया मोकामा
शनिवार देर रात पटना पुलिस ने जेडीयू प्रत्याशी अनंत सिंह को मोकामा स्थित उनके आवास से गिरफ्तार कर लिया।
डीजीपी विनय कुमार सिंह के अनुसार, पटना एसएसपी के नेतृत्व में लगभग 150 पुलिसकर्मियों की टीम ने यह कार्रवाई की।
गिरफ्तारी के दौरान भारी पुलिस बल तैनात था ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
अनंत सिंह को मेडिकल जांच के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
उनके घर से कुछ इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।
डीजीपी का बयान — “चाहे कोई भी हो, दोषी बख्शा नहीं जाएगा”
बिहार के डीजीपी विनय कुमार सिंह ने कहा कि दुलारचंद यादव हत्याकांड में जो भी आरोपी पाए जाएंगे, उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जाएगा,
“चाहे वह पीयूष प्रियदर्शी हों या कोई और, कानून से कोई ऊपर नहीं है।”
उन्होंने यह भी कहा कि चुनावी माहौल में किसी भी प्रकार की हिंसा या भय फैलाने की कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डीजीपी ने कहा कि चुनाव आयोग और पुलिस मिलकर काम कर रहे हैं ताकि वोटिंग पूरी तरह शांतिपूर्ण और निष्पक्ष हो सके।
चुनाव आयोग ने दिखाया सख्त रवैया
दुलारचंद यादव हत्या के बाद चुनाव आयोग ने तत्काल एक्शन लिया।
- मोकामा के एसपी को हटा दिया गया,
- दो थाना प्रभारियों को निलंबित किया गया,
- और पूरे इलाके में फ्लैग मार्च निकालने के निर्देश दिए गए।
आयोग ने कहा कि किसी भी उम्मीदवार को हिंसा या डर का माहौल बनाने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
मोकामा बना सियासी हॉटस्पॉट
बिहार में पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को होनी है। उससे पहले मोकामा अब सियासी हॉटस्पॉट बन गया है।
यहां जनसुराज पार्टी के पीयूष प्रियदर्शी और जेडीयू के अनंत सिंह के बीच सीधा मुकाबला माना जा रहा है।
अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने इस मुकाबले को और भी चर्चित बना दिया है।
स्थानीय लोग बताते हैं कि मोकामा में हमेशा से राजनीति “हथियार और ताकत” के इर्द-गिर्द घूमती रही है, लेकिन इस बार शिक्षा और विकास का मुद्दा भी केंद्र में है।
जनसुराज पार्टी इसका फायदा उठाने की कोशिश में है, वहीं जेडीयू अब अपने उम्मीदवार की गिरफ्तारी से डैमेज कंट्रोल में जुटी है।
प्रशासनिक अलर्ट और सुरक्षा बढ़ाई गई
हादसे और गिरफ्तारी के बाद पूरे मोकामा में पुलिस ने सख्त सुरक्षा व्यवस्था कर दी है।
सभी प्रमुख मार्गों और संवेदनशील बूथों पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है।
ड्रोन निगरानी की भी व्यवस्था की गई है ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी तुरंत पकड़ी जा सके।
वोटिंग से ठीक पहले प्रशासन नहीं चाहता कि किसी भी तरह का विवाद चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करे।
जनता में बढ़ी बेचैनी, नेताओं में बयानबाजी तेज
इस पूरे घटनाक्रम के बाद जनता में बेचैनी है। कुछ लोग अनंत सिंह की गिरफ्तारी को राजनीतिक साजिश बता रहे हैं, जबकि कुछ इसे कानून का सही कदम मान रहे हैं।
इधर, राजनीतिक पार्टियों के बीच भी बयानबाजी तेज हो गई है।
जेडीयू नेताओं का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है, वहीं जनसुराज समर्थक इसे राजनीतिक प्रतिशोध का नाम दे रहे हैं।
चुनावी समीकरणों पर असर?
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस घटनाक्रम का असर मोकामा की सीट पर पड़ सकता है।
अनंत सिंह जहां अपने क्षेत्र में “जन नेता” के रूप में जाने जाते हैं, वहीं उनकी गिरफ्तारी उनके समर्थकों में असंतोष पैदा कर सकती है।
दूसरी ओर, पीयूष प्रियदर्शी इस स्थिति को “पीड़ित बनाम ताकतवर” के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं।
अगर यह रणनीति काम कर गई, तो मोकामा का परिणाम अप्रत्याशित भी हो सकता है।
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