Pahalgam Attack: कैसे कन्फर्म हुआ कि ये तीनों आतंकियों ने ही पहलगाम में 26 टूरिस्टों को मारा? अमित शाह ने बताया राइफल कनेक्शन
जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 26 टूरिस्टों की दर्दनाक हत्या मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। गृह मंत्री अमित शाह ने बताया कि इस हमले में शामिल तीनों आतंकियों की पहचान राइफल कनेक्शन के जरिए हुई। उन्होंने कहा कि घटनास्थल से मिली राइफलों की जांच से आतंकियों के नेटवर्क और उनकी लोकेशन का पता चला। एनआईए और अन्य जांच एजेंसियों ने इन सुरागों के आधार पर आतंकी ठिकानों पर छापेमारी की है। शाह के इस बयान से साफ हो गया कि सुरक्षा एजेंसियों के पास पुख्ता सबूत हैं और जल्द ही पूरे मॉड्यूल का पर्दाफाश किया जाएगा।

पहलगाम हमले के गुनहगार आतंकियों को ऑपरेशन महादेव में मार गिराया गया. अमित शाह ने संसद में बताया कि राइफल कनेक्शन और एफएसएल रिपोर्ट से पुष्टि हुई कि ये आतंकी पहलगाम अटैक के जिम्मेदार थे.
पहलगाम हमले के गुनहगार आतंकियों को मौत के घाट उतार दिया गया. सुलेमान शाह और अन्य दो आतंकियों को ऑपरेशन महादेव के तहत मारे गए. अब ये कैसे कन्फर्म हुआ कि ये तीनों आतंकियों ने ही पहलगाम में 26 टूरिस्टों को मारा था? इसे लेकर अमित शाह ने संसद में विस्तार से बताया है. उन्होंने राइफल कनेक्शन से समझाया है कि कैसे राइफल की नाली और खोखो से मैच किया गया था, तब जाकर कन्फर्म हुआ कि ऑपरेशन महादेव में मारे गए आतंकी ही पहलगाम अटैक के आतंकी थे. एफएसएल रिपोर्ट ने भी इसकी पुष्टि की.
लोकसभा में ऑपरेशन सिंदूर पर अमित शाह ने मंगलवार को चर्चा में हिस्सा लिया. इस दौरान उन्होंने साफ कर दिया कि ऑपरेशन महादेव में मारे गए तीनों आतंकी ही पहलगाम में अटैक करने वाले आतंकी थे. उन्होंने आतंकियों के पास से बरामद एके-47 और एम-9 कर्बाइन की जांच से कन्फर्म किया. पहलगाम अटैक के बाद जिन राइफल की नाली और खोखो को रिकवर किया था, उसे चंडीगढ़ एफएसएल में टेस्टिंग के लिए भेज दिया गया था. टेस्ट में यह बात सामने आई कि उसी हथियार से पहलगाम अटैक हुआ था, जो ऑपरेशन महादेव के दौरान उनके पास से मिले थे.

गृह मंत्री अमित शाह ने कहा बताया कि जम्मू कश्मीर पुलिस, सीआरपीएफ और सेना ने ऑपरेशन महादेव को अंजाम दिया. आतंकियों के पास से तीन राइफलें बरामद की गईं. आतंकी सुलेमान, जिबरान और अफजाल को ढेर किया गया. आतंकियों के पास से वो राइफलें भी बरामद की गईं, जिससे पहलगाम में हमला किया गया था. उन्होंने बताया कि आतंकियों के पास से एम9 अमेरिकन राइफल्स और दो एके-47 बरामद किया गया है. आतंकियों के पास से जो कारतूस बरामद किए गए, उनकी पुष्टि वैज्ञानिकों से कराई गई. इसमें कन्फर्म हुआ कि इन हथियारों से ही पहलगाम अटैक हुआ था.
अमित शाह ने ऑपरेशन सिंदूर पर कहा, ‘जिस दिन लश्कर और टीआरएफ ने जिम्मेदारी ली, उसी दिन नेशनल इन्वेस्टिगेटिंग एजेंसी को जांच का आदेश दिया गया.. इसकी सजा दर 96 फीसदी थी. आतंकी देश छोड़कर न जाने पाएं… ये प्राथमिकता थी. हमने यह सुनिष्चित किया. मृतक के परिजनों की फॉरेंसिक रिपोर्ट मैच की गई.. 1000 से ज्यादा लोगों के बयान दर्ज किए गए, स्केच बनाया गया, 22 जून को शरण देनेवाले लोगों की पहचान की गई. उन्होने खुलासा आतंकियों की भूमिका के बारे में खुलासा किया. मारे गए आतंकियों की पहचान हो गई है. एफएसएल रिपोर्ट आ गई है.
केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा, ‘मारे गए पाकिस्तानी के वोटर नंबर, रायफल, पाकिस्तान की चाकलेट… सब डीटेल हमारे सामने है. बावजूद इसके देश का पूर्व गृह मंत्री पाकिस्तान को क्लीन चिट क्यों दे रहा है.. पाकिस्तान के आतंकी नहीं थे तो पाकिस्तान पर हमला क्यों किया.. ये बोला इन्होंने. कांग्रेस के नेता चिदंबरम ने पाकिस्तान को बचाने का षणयंत्र रचा है. पहलगाम आतंकी हमला और ऑपरेशन सिंदूर.. कल राजनाथ जी के स्पीच के बाद विपक्षी दलों को ऑपरेशन सिंदूर की सफलता और प्रासंगिकता समझ में आ जाएगी.
ऐसा मुझे लगा लेकिन ऐसा नहीं हुआ.’
अमित शाह ने आगे कहा, ’25 भारतीय और 1 नेपाली पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए. मैं तुरंत श्रीनगर पहुंच गया.. सीसीएस की 23 अप्रैल की बैठक में कांग्रेस के ब्लंडर सिंधु जल समझौता जो जारी था, उसको रद्द किया. जहां पर आतंकी छुपे थे, उन तक हम पहुंचे का हमने संकल्प लिया.’
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