संक्षेप में पूरी खबर Prayagraj के नैनी में भारत तिब्बत सहयोग मंच युवा विभाग की बैठक सम्पन्नसंगठन विस्तार, युवाओं की भागीदारी और आगामी कार्यक्रमों पर चर्चामुक्त कैलाश–आज़ाद तिब्बत, सुरक्षित भारत” विषय रहा केंद्र मेंआरएसएस के 100 वर्ष और वंदे मातरम् के 150 वर्ष पर विशेष आयोजनों की तैयारी युवाओं से राष्ट्रहित और भारत–तिब्बत मैत्री को मजबूत करने का आह्वान
Prayagraj मुक्त कैलाश–आज़ाद तिब्बत, सुरक्षित भारत: प्रयागराज में युवाओं का मंथन
प्रयागराज के नैनी स्थित माधव ज्ञान केंद्र में भारत तिब्बत सहयोग मंच के युवा विभाग की एक महत्वपूर्ण संगठनात्मक बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का उद्देश्य संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करना, युवाओं की सक्रिय भागीदारी बढ़ाना और आने वाले कार्यक्रमों की स्पष्ट रूपरेखा तय करना रहा।

संगठन निर्माण से लेकर विस्तार तक पर खुली चर्चा
बैठक में संगठन के ढांचे को मजबूत करने, नए युवाओं को जोड़ने और विचारधारात्मक गतिविधियों को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने पर विस्तृत चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि निरंतर संवाद और रचनात्मक कार्यक्रम ही संगठन की वास्तविक ताकत बनते हैं।
ऐतिहासिक अवसरों पर युवाओं की जिम्मेदारी
बैठक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष और वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर विशेष कार्यक्रम आयोजित करने पर सहमति बनी। इन आयोजनों को राष्ट्रभक्ति, सांस्कृतिक चेतना और वैचारिक जागरूकता से जोड़ते हुए युवाओं की भूमिका को केंद्र में रखने पर जोर दिया गया।
मुख्य अतिथि का संदेश: विचार से ही परिवर्तन

मुख्य अतिथि एवं युवा विभाग के राष्ट्रीय अध्यक्ष अर्पित एम मुदगल ने अपने संबोधन में कहा—मुक्त कैलाश और आज़ाद तिब्बत केवल राजनीतिक विषय नहीं हैं। यह भारत की सांस्कृतिक चेतना, आध्यात्मिक विरासत और राष्ट्रीय सुरक्षा से गहराई से जुड़े प्रश्न हैं। युवाओं का दायित्व है कि वे इस विचार को जन-जन तक पहुँचाएँ और भारत–तिब्बत मैत्री को नई ऊर्जा दें।”
उन्होंने यह भी कहा कि तिब्बत की स्वतंत्रता और भारत की सुरक्षा एक-दूसरे के पूरक हैं, और संगठन का हर कार्यकर्ता इसी संकल्प के साथ आगे बढ़े।
बैठक का मुख्य उद्देश्य और वैचारिक दिशा

बैठक का मुख्य विषय “मुक्त कैलाश–आज़ाद तिब्बत, सुरक्षित भारत” रहा। इस अवसर पर संघ जिला प्रचारक मंगल जी ने संघ शताब्दी वर्ष के संदर्भ में पंच प्रवर्तन पर प्रकाश डाला और युवाओं से वैचारिक अनुशासन के साथ कार्य करने का आह्वान किया।
मंचासीन अतिथि और कार्यकर्ताओं की सक्रिय भागीदारी
कार्यक्रम में प्रान्त अध्यक्ष विजय पांडेय, प्रान्त महामंत्री डॉ. अमित राय सहित अनेक पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे। प्रान्त मंत्री अजय मिश्रा, आचार्य शुभम दुबे, प्रान्त सह प्रचार प्रमुख विजेंद्र पाठक, जिलाध्यक्षों और अन्य प्रमुख कार्यकर्ताओं ने भी अपने विचार साझा किए।
सामरिक और सांस्कृतिक रिश्तों पर रणनीतिक मंथन
बैठक के अंत में राष्ट्रीय स्तर पर भारत और तिब्बत के सामरिक व सांस्कृतिक संबंधों को सुदृढ़ करने के लिए विभिन्न रणनीतियों पर चर्चा की गई। साथ ही, युवाओं को इस अभियान का वाहक बनाने पर सहमति बनी
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