उत्तर प्रदेश में उपचुनावों का शेड्यूल घोषित हो चुका है, लेकिन मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर चुनाव की तारीख का ऐलान नहीं हुआ है। 13 नवंबर को यूपी की 9 सीटों पर वोटिंग होगी, लेकिन मिल्कीपुर विधानसभा सीट पर चुनाव को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। चुनाव आयोग ने बताया कि मिल्कीपुर में उपचुनाव की तारीख का ऐलान हाईकोर्ट में चल रहे केस के कारण नहीं हो पाया है।
क्या है मिल्कीपुर का मामला?
मिल्कीपुर सीट से पूर्व विधायक गोरखनाथ बाबा ने 2022 विधानसभा चुनाव के नतीजे को लेकर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। उन्होंने समाजवादी पार्टी के नेता अवधेश प्रसाद की जीत को चुनौती दी है। यह मामला कोर्ट में लंबित होने की वजह से चुनाव आयोग ने अभी तक इस सीट पर उपचुनाव की तारीख का ऐलान नहीं किया है। – भारतीय टीवी
मिल्कीपुर सीट पर कौन होंगे प्रत्याशी?
मिल्कीपुर विधानसभा सीट से समाजवादी पार्टी ने सांसद अवधेश प्रसाद के बेटे अजीत प्रसाद को प्रत्याशी बनाया है। अवधेश प्रसाद ने लोकसभा चुनाव जीतने के बाद विधानसभा की सदस्यता से इस्तीफा दिया था, जिसके चलते यह सीट खाली हुई है। अब अजीत प्रसाद इस सीट पर समाजवादी पार्टी की तरफ से चुनाव लड़ेंगे। – भारतीय टीवी
यूपी की इन 9 सीटों पर होंगे उपचुनाव
13 नवंबर को यूपी के 9 विधानसभा सीटों पर उपचुनाव होंगे। इन सीटों में कानपुर की सीसामऊ, प्रयागराज की फूलपुर, मैनपुरी की करहल, मिर्जापुर की मझवां, अंबेडकरनगर की कटेहरी, गाजियाबाद सदर, अलीगढ़ की खैर, मुरादाबाद की कुंदरकी और मुजफ्फरनगर की मीरापुर सीट शामिल हैं। इन सभी सीटों पर 23 नवंबर को नतीजे घोषित किए जाएंगे। –
कांग्रेस का आरोप: बीजेपी को हार का डर
कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि बीजेपी मिल्कीपुर सीट पर उपचुनाव से भाग रही है। कांग्रेस का कहना है कि जैसे 2019 के लोकसभा चुनाव में अवधेश प्रसाद ने बीजेपी को हराया था, वैसे ही अब उपचुनाव में हार के डर से यह चुनाव नहीं कराए जा रहे हैं। हालांकि, चुनाव आयोग का कहना है कि चुनाव टलने की वजह कोर्ट का लंबित मामला है।