संक्षेप में पूरी खबर (Short Summary) Vande Mataram लोकसभा में ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पर चर्चा के दौरान सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने आरोप लगाया कि अयोध्या राम मंदिर कार्यक्रम में उन्हें जानबूझकर नहीं बुलाया गया। उन्होंने कहा कि यह राम भक्तों का अपमान है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जवाब में कांग्रेस पर तुष्टीकरण की राजनीति करने और वंदे मातरम् का अपमान करने का आरोप लगाया। चर्चा के दौरान राजनीतिक तनाव साफ दिखा।
लोकसभा में वंदे मातरम् पर चर्चा के दौरान सपा सांसद अवधेश प्रसाद का छलका दर्द

नई दिल्ली: लोकसभा में सोमवार को आयोजित राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर विशेष चर्चा के दौरान सदन का माहौल भावनात्मक हो गया। चर्चा में हिस्सा लेते हुए समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार पर गंभीर आरोप लगाए और कहा कि अयोध्या राम मंदिर ध्वजारोहण समारोह में उन्हें जानबूझकर आमंत्रित नहीं किया गया।
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अवधेश प्रसाद का आरोप राम मंदिर कार्यक्रम से मुझे इग्नोर किया गया
चर्चा के दौरान सपा सांसद अवधेश प्रसाद ने खुलकर कहा कि
“वंदे मातरम् एकता और भाईचारे का संदेश देता है, लेकिन सरकारें इसके भाव को नहीं निभा रहीं।
उन्होंने कहा कि:
- 25 नवंबर को अयोध्या राम मंदिर में प्रधानमंत्री द्वारा आयोजित ध्वजारोहण समारोह में उन्हें नहीं बुलाया गया
- दीवाली के कार्यक्रम में भी उन्हें निमंत्रण नहीं दिया गया
- यह सिर्फ उनका नहीं, बल्कि अयोध्या के राम भक्तों का अपमान है
अवधेश प्रसाद ने कहा कि ऐसे फैसलों से ‘वंदे मातरम्’ की भावना अधूरी हो जाती है।

राजनाथ सिंह का जवाब—”वंदे मातरम् के साथ अन्याय कांग्रेस की देन”
अवधेश प्रसाद से पहले रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने चर्चा में हिस्सा लिया और कांग्रेस पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा:
- वंदे मातरम् के साथ हुआ अन्याय कोई सामान्य घटना नहीं था
- यह तुष्टीकरण की राजनीति का नतीजा था
- कांग्रेस ने आज़ादी के बाद राष्ट्रगान और राष्ट्रीय गीत को समान सम्मान देने की बात करते हुए वंदे मातरम् को खंडित किया
- बंगाल की धरती पर जहां ‘वंदे मातरम्’ रचा गया, वहीं कांग्रेस ने इसका अपमान किया
- राजनाथ सिंह के भाषण से सदन में राजनीतिक गर्मी बढ़ी और दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक देखने को मिली।
सदन में चर्चा का सार
- ‘वंदे मातरम्’ के 150 वर्ष पूरे होने पर सरकार ने इसे राष्ट्रीय गर्व का क्षण बताया
- विपक्ष ने भी गीत के महत्व को स्वीकार किया
- लेकिन राजनीतिक तकरार चर्चा के केंद्र में रही
- अवधेश प्रसाद का आरोप और राजनाथ सिंह का पलटवार पूरे सत्र में सुर्खियों में रहा
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