Kanpur में मासूम की हत्या: पड़ोसी पर गंभीर शक
Kanpur के बर्रा थाना क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है।
6 वर्षीय आयूष सोनकर, जो अपने घर के बाहर खेल रहा था, अचानक गायब हो गया।
कुछ घंटों की खोजबीन के बाद, पांडु नदी से उसका शव बरामद हुआ।
जांच में यह खुलासा हुआ कि हत्या पड़ोसी युवक शिवम सक्सेना ने की, जिसकी बच्चे की मां पर बुरी नजर थी।
खेलते-खेलते मासूम बना हत्या का शिकार
घटना शुक्रवार शाम हरदेव नगर, स्नेह चौराहा इलाके में हुई।
आयूष अपने घर के बाहर खेल रहा था, तभी अचानक लापता हो गया।
परिवार और पड़ोसियों ने उसे खोजने की कोशिश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला।
रात के समय थक-हारकर परिजनों ने पुलिस को सूचित किया।
पुलिस की शुरुआती कार्रवाई
आयूष की मां ममता सोनकर की शिकायत पर पुलिस ने शिवम सक्सेना के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया।
आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर चौंकाने वाला सच सामने आया।
फुटेज में दिख रहा था कि शिवम सक्सेना बच्चे को अपने साथ ले जाता हुआ नजर आया।
लेकिन जब वह वापस लौटा, तो बच्चा उसके साथ नहीं था।
सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस का संदेह गहरा गया।
शव की बरामदी और फॉरेंसिक जांच
पुलिस की खोजबीन के दौरान पांडु नदी से बच्चे का शव बरामद हुआ।
फॉरेंसिक टीम और वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटा रहे हैं।
शुरुआती जांच में पता चला कि बच्चे की हत्या गला घोंटकर की गई।
शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
पड़ोसी पर हत्या का शक
डीसीपी साउथ, दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि मृतक और आरोपी परिवार एक ही मकान में किराए पर रहते थे।
दोनों परिवारों के बीच अक्सर छोटे विवाद और कहासुनी होती रहती थी।
जांच में यह भी सामने आया कि शिवम सक्सेना, आयूष की मां पर बुरी नजर रखता था, जिसे हत्या का मुख्य कारण माना जा रहा है।
आरोपी की तलाश जारी
मुख्य आरोपी शिवम सक्सेना अभी फरार है।
पुलिस की कई टीमें उसकी खोजबीन में जुटी हैं।
पुलिस ने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सटीक कारण सामने आएगा।
परिवार और पड़ोसियों का दर्द
आयूष के परिवार में अत्यधिक शोक और सदमा है।
माता ममता सोनकर रोते हुए कहती हैं:
हमारा बच्चा खेलते-खेलते हमारी आँखों के सामने हमारे हाथ से निकल गया।
यह दर्द शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता
पड़ोसी भी इस घटना से स्तब्ध हैं।
उन्होंने कहा कि ऐसे जघन्य अपराध ने पूरा मोहल्ला हिला दिया है।
वे पुलिस से कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
छोटी नज़रों के कारण बड़ी त्रासदी
विशेषज्ञ कहते हैं कि कई मामलों में छोटी मानसिक असुरक्षाएं और गलत नजरें किसी की जान ले लेती हैं।
कानपुर की यह घटना स्पष्ट उदाहरण है कि मन की बुरी सोच मासूम की जिंदगी को उजाड़ सकती है।
मनोवैज्ञानिक डॉ. सीमा गुप्ता बताती हैं:
जब किसी के मन में अत्यधिक लोभ ईर्ष्या या गलत नजर होती है,
तो वो अत्यंत भयावह कदम उठा सकता है।
इस घटना में भी यही वजह सामने आई।
पुलिस की अगली कार्रवाई
पुलिस ने इलाके के सभी सीसीटीवी फुटेज खंगाले और आसपास के लोगों से पूछताछ की।
आधिकारिक बयान में कहा गया कि आरोपी के परिवार और मित्रों से भी जानकारी जुटाई जा रही है।
पुलिस का मकसद है कि आरोपी को जल्द से जल्द पकड़कर कानूनी प्रक्रिया के तहत सजा दिलाई जाए।
न्याय की उम्मीद
आयूष की हत्या ने समाज में गहरा सदमा और चिंता पैदा कर दी है।
पड़ोसी, रिश्तेदार और स्थानीय लोग चाहते हैं कि आरोपी को तुरंत पकड़ कर सख्त सजा मिले।
सामाजिक रूप से भी यह घटना सावधानी और जागरूकता की मिसाल बन गई है।
बच्चों की सुरक्षा और सामाजिक चेतना
विशेषज्ञों का मानना है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए:
- पड़ोसियों और परिवार को सतर्क रहना चाहिए।
- सीसीटीवी और सुरक्षा कैमरे बच्चों की सुरक्षा में मददगार हैं।
- शिक्षा और संवाद बच्चों को खतरनाक परिस्थितियों से बचा सकते हैं।
- सामाजिक जागरूकता बढ़ाकर ऐसे अपराधों को रोका जा सकता है।
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