Jhalawar Children Death : में बढ़ता जा रहा है बच्चों की मौत का आंकड़ा, अब तक 7 की मौत, वसुंधरा राजे अस्पताल पहुंची
राजस्थान के झालावाड़ जिले में बच्चों की रहस्यमयी मौतों ने चिंता बढ़ा दी है। अब तक 7 मासूमों की जान जा चुकी है, जिससे इलाके में दहशत का माहौल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे खुद अस्पताल पहुंचीं और मेडिकल अधिकारियों से पूरी जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग भी एक्टिव मोड में आ चुका है और मामले की जांच शुरू हो गई है। स्थानीय लोग प्रशासन से जल्द ठोस कदम उठाने की मांग कर रहे हैं।

झालावाड़ जिले में आज बड़ा हादसा हो गया. यहां के पीपलोदी गांव में सरकारी स्कूल की छत गिर जाने से कई बच्चे मलबे में दब गए हैं. इसमें छह बच्चों की दर्दनाक मौत हो गई. पुलिस प्रशासन के आलाधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं. मौके पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है.
झालावाड़. राजस्थान के झालावाड़ जिले में शुक्रवार सुबह एक बड़ा हादसा हो गया है. यहां स्कूल पढ़ने आए बच्चों अचानक से छत आकर गिर गई. बताया जा रहा है कि जब यह हादसा हुआ था तो स्कूल के अंदर 60 से 70 बच्चे मौजूद थे. स्कूल की छत गिरने की सूचना मिलते ही आसपास के लोगों ने बच्चों को निकालने का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया और शुरुआती रेस्क्यू ऑपरेशन में कई बच्चों को निकाला जा चुका है लेकिन इसमें हादसे में 7 बच्चों की मलबे के नीचे दबने के चलते मौत हो चुकी है. इस हादसे में घायल 12 बच्चों की हालत गंभीर बताई जा रही है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री भजनलाल ने इस हादसे पर दुख जताया है. बताया जा रहा है कि सीएम घटनास्थल का दौरा भी कर सकते हैं.
Nobody is accountable as tragedies continue to take innocent lives.
— Satish Acharya (@satishacharya) July 25, 2025
It's heart-breaking to see young children love lives just because adults were careless & irresponsible.
Seven children lost lives after the roof of a govt school in Jhalawar (Rajasthan) collapsed on them.… pic.twitter.com/lxzGJ9aGF5
राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे देर शाम झालावाड़ जिला अस्पताल पहुंची जहां घायल बच्चों का इलाज हो रहा है. इस बीच अस्पताल रणभूमि बन चुका है. यहां प्रदर्शनकारी जमे हुए हैं और पुलिस से उनकी झड़प की भी सूचना है.
– झालवाड़ स्कूल हादसे के बाद सीएम भजनलाल शर्मा एक्शन में आ गए हैं. वे आज दोपहर 3.30 बजे उच्चस्तरीय बैठक लेंगे. इसमें वे सरकारी भवनों की स्थिति की समीक्षा करेंगे. बैठक में वीसी के माध्यम से जिला कलेक्टर्स, संभागीय आयुक्त और अन्य अधिकारियों से बात करेंगे. बैठक में मुख्य सचिव, सभी एसीएस और सचिव भी मौजूद रहेंगे.
पूर्व सीएम वसुंधरा राजे ने कहा कि पीपलोदी मनोहरथाना के स्कूल भवन में हुआ हादसा अत्यंत दुःखद और पीड़ादायक है. जनहानि और कई बच्चों के घायल होने का समाचार हृदयविदारक है. ईश्वर से प्रार्थना है कि दिवंगत मासूम आत्माओं को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिजनों को इस असहनीय पीड़ा को सहन करने की शक्ति दें. घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करती हूं
पीपलोदी गांव स्कूल हादसे पर लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने भी गहरा दुख व्यक्त किया है. बिरला ने दिवंगत बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह पीड़ा अत्यंत असहनीय है. शोक-संतप्त परिवारों के प्रति व्यक्त की गहरी संवेदना और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना करता हूं.
झालावाड़ हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने भी दुख जताया है. उन्होंने कहा कि राजस्थान के झालावाड़ में एक विद्यालय की छत गिरने से कई विद्यार्थियों की मृत्यु और घायल होने का समाचार अत्यंत दुखद है. मेरी प्रार्थना है कि ईश्वर शोक संतप्त परिवारजनों को यह पीड़ा सहन करने की शक्ति प्रदान करें. मैं इस दुर्घटना में घायल हुए विद्यार्थियों के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करती हूं.
राजस्थान के झालावाड़ में एक विद्यालय की छत गिरने से कई विद्यार्थियों की मृत्यु और घायल होने का समाचार अत्यंत दुखद है। मेरी प्रार्थना है कि ईश्वर शोक संतप्त परिवारजनों को यह पीड़ा सहन करने की शक्ति प्रदान करें। मैं इस दुर्घटना में घायल हुए विद्यार्थियों के शीघ्र स्वस्थ होने की…
— President of India (@rashtrapatibhvn) July 25, 2025
झालावाड़ हादसे के बाद शिक्षा विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि बच्चे अब जर्जर स्कूलों में नहीं पढ़ेंगे. इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति ना हो इसके लिए शिक्षा निदेशक सीताराम जाट ने जारी किए हैं. जर्जर स्कूलों का विकल्प ढूंढने को कहा गया है.
-मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा भी झालावाड़ जाएंगे. वे करीब डेढ़ बजे जयपुर से झालावाड़ के लिए रवाना होंगे. मुख्यमंत्री घायल बच्चों और उनके परिजनों से मिलेंगे. इसके साथ ही इस स्कूल भवन का निरीक्षण करेंगे.
झालावाड़ के पीपलोदी में विद्यालय की छत गिरने से हुआ दर्दनाक हादसा अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है।
— Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) July 25, 2025
घायल बच्चों के समुचित उपचार सुनिश्चित करने हेतु संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
ईश्वर दिवंगत दिव्य आत्माओं को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल परिजनों…
झालावाड हादसे में एक और बच्चे की मौत हो गई है. बताया जा रहा है कि मलबे के नीचे से बच्चों को निकलाने के दौरान एक और छात्र की लाश निकली है. जिसे पास के अस्पताल ले जाया गया था जहां डॉक्टरों से उसे मृत घोषित कर दिया है. इस हादसे में अब तक 7 बच्चों की मौत हो चुकी है.
हादसे के बाद जेसीबी से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया गया है. मौके पर लोगों की भारी भीड़ लगी है. बच्चों को निकालने का काम जारी है.
जानकारी के अनुसार हादसा शुक्रवार को सुबह स्कूल शुरू होने के कुछ समय बाद करीब साढ़े आठ बजे हो गया. उस समय स्कूल में करीब 70 बच्चे मौजूद थे. छत गिरते ही वहां बड़ा धमाका हुआ. यह स्कूल काफी पुरानी है. इलाके में बीते दिनों भारी बारिश हुई थी. उसके बाद से स्कूल की बिल्डिंग में सीलन भी आ रखी थी. आज सुबह बच्चे कक्षाओं में बैठे पढ़ रहे थे. उसी दौरान एक कक्षा की छत अचानक भरभराकर नीचे आ गिरी. इससे वहां बैठे बच्चे उसमें दब गए. हादसा होते ही स्कूल अफरातफरी मच गई. वहीं ग्रामीणों को इसकी सूचना मिलते ही वे कांप उठे.
झालावाड़ के मनोहर थाना क्षेत्र में स्कूल भवन की छत गिरने से हुए हृदय विदारक हादसे में कई बच्चों की दु:खद मृत्यु एवं दर्जनों बच्चों के मलबे में दबे होने की ख़बर सुनकर मन व्यथित और पीड़ा में है।
— Govind Singh Dotasra (@GovindDotasra) July 25, 2025
ये सिर्फ हादसा नहीं, हत्या है! भाजपा सरकार के कॉलेप्स सिस्टम की आपराधिक लापरवाही का…
हादसे की उच्च स्तरीय जांच के आदेश
शिक्षा मंत्री मदन दिलावर दो दिवसीय दौरे पर भरतपुर हैं. उन्होंने अपना दौरा रद्द कर दिया है. वे झालावाड़ पहुंच रहे हैं. दिलावार ने हादसे को लेकर दुख जताते हुए इसकी उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. इसके साथ ही सभी घायलों का निशुल्क हो इलाज इसके के भी निर्देश दिए गए हैं. मौके पर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को भी भेजा गया है. शिक्षा मंत्री ने कहा कि हादसा किस वजह से हुआ इसकी जांच कराई जा रही है.
गंभीर घायलों को झालावाड मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया है
स्कूल हादसे में गंभीर घायल हुए बच्चों को झालावाड मेडिकल कॉलेज अस्पताल लाया गया है. बाकी घायल बच्चों का मनोहरथाना के सरकारी अस्पताल में उपचार जारी है. मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भाजपा और कांग्रेस के नेताओं की भी भीड़ लग गई है. संभागीय आयुक्त राजेंद्र सिंह शेखावत भी घटना स्थल के लिए रवाना हुए हैं. संभागीय आयुक्त ने एसडीआरएफ की टीम को मौके पर पहुंचने के निर्देश दिए हैं.
लोगों ने जबर्दस्त गुस्सा
हादसे के बाद जिला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और प्रशासनिक अधिकारी घटनास्थल पर डटे हुए हैं. मलबे में दबे सभी बच्चों को बाहर निकाल लिया गया है. संभागीय आयुक्त ने घायल बच्चों से मिलकर उनसे कुशलक्षेम पूछी. हादसे के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन और शिक्षा विभाग के प्रति जबर्दस्त गुस्सा नजर आ रहा है.
The mishap at a school in Jhalawar, Rajasthan, is tragic and deeply saddening. My thoughts are with the affected students and their families in this difficult hour. Praying for the speedy recovery of the injured. Authorities are providing all possible assistance to those…
— PMO India (@PMOIndia) July 25, 2025
जेसीबी की मदद से हटाया जा रहा है मलबा
हादसे की सूचना मिलते ही ग्रामीण भागकर स्कूल पहुंचे. वहां के हालात देखकर वहां महिलाओं ने रोना धोना शुरू कर दिया. बाद में हाथोंहाथ पुलिस और प्रशासन को हादसे की सूचना दी गई. इस पर पुलिस प्रशासन जेसीबी तथा रेस्क्यू के अन्य साधन लेकर मौके पर पहुंचा. बाद में जेसीबी की मदद से मलबा हटाने का काम शुरू किया गया.
स्थानीय अस्पताल के स्टाफ को किया अलर्ट
प्रशासन के आलाधिकारी भी मौक पर पहुंच रहे हैं. घायल बच्चों को स्थानीय अस्पताल ले जाया जा रहा है. गंभीर रूप से घायल बच्चों को हायर सेंटर रेफर किया गया है. मलबे में बच्चों की तलाश की जा रही है. स्कूल गए जो बच्चे अभी तक नहीं मिले हैं उनके परिजनों में कोहराम मचा हुआ है. हादसा की सूचना के बाद स्थानीय अस्पताल के स्टाफ को भी अलर्ट कर दिया गया है. राजस्थान में भारी बारिश के बाद बीते दिनों कई सरकारी स्कूलों में हादसे हो चुके हैं. हालांकि उनमें कोई जनहानि नहीं हुई थी. लेकिन झालावाड़ का हादसा बड़ा दर्द दे गया है.
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