Wednesday, February 4, 2026

समंदर से आ रहा दानव ‘दाना’, ओडिशा-बंगाल में हाई अलर्ट, ट्रेनें कैंसल

by भारतीय Tv
Odisha Cyclone

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने ‘दाना’ चक्रवात के मद्देनजर ओडिशा और पश्चिम बंगाल सहित पांच राज्यों में 56 टीमों की तैनाती की है। चक्रवात के आज शाम ओडिशा के तट पर पहुंचने की संभावना है, जबकि इसकी प्रक्रिया 24 अक्टूबर की रात से 25 अक्टूबर की सुबह तक चलेगी। ओडिशा सरकार ने तटीय इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का काम तेज कर दिया है।


चक्रवात दाना का असर और संभावित क्षेत्र

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि चक्रवात ‘दाना’ 18 किमी/घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर पश्चिम की ओर बढ़ रहा है। यह चक्रवात ओडिशा और पश्चिम बंगाल के कई जिलों पर प्रभाव डालेगा। ओडिशा में भितरकनिका राष्ट्रीय उद्यान और धामरा बंदरगाह के बीच तट पर इसके टकराने की संभावना है, जहां हवाएं 120 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी। साथ ही, दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भारी बारिश की चेतावनी भी जारी की गई है।


ओडिशा के 14 जिलों पर पड़ेगा चक्रवात का असर

आईएमडी के पूर्वानुमान के अनुसार, ओडिशा के 14 जिलों में चक्रवात दाना का असर देखने को मिलेगा। ये जिले हैं:

  • अंगुल, पुरी, नयागढ़, खोरधा, कटक, जगतसिंहपुर, केंद्रपाड़ा, जाजपुर, भद्रक, बालासोर, क्योंझर, ढेंकनाल, गंजम और मयूरभंज।

इन क्षेत्रों में भारी बारिश और तूफान की स्थिति बन सकती है, जिससे स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा उपाय तेज कर दिए हैं।

Odisha Cyclone  Hight Alert
समंदर से आ रहा दानव 'दाना', ओडिशा-बंगाल में हाई अलर्ट, ट्रेनें कैंसल 8

पश्चिम बंगाल में प्रभावित जिले

पश्चिम बंगाल में दाना चक्रवात का सबसे ज्यादा असर दक्षिण 24 परगना, उत्तर 24 परगना, पूर्व मेदिनीपुर, पश्चिम मेदिनीपुर, बांकुरा, झाड़ग्राम और हुगली जिलों पर पड़ेगा। यहां भी प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और राहत बचाव कार्य तेज किए जा रहे हैं।


चक्रवात के दौरान उठेंगी दो मीटर ऊंची लहरें

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि चक्रवात के तट पर टकराने के दौरान समुद्र में दो मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिससे तटीय इलाकों में भारी तबाही हो सकती है। चक्रवात के कारण होने वाली बारिश के चलते कई जिलों में येलो अलर्ट जारी किया गया है।


राहत और बचाव कार्यों के लिए एनडीआरएफ की टीमें तैनात

एनडीआरएफ ने ओडिशा में संवेदनशील इलाकों में 288 बचाव दल तैनात किए हैं, जो लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने और आपात स्थिति में राहत कार्य करने में जुटे हैं। पश्चिम बंगाल में भी राहत टीमें अलर्ट पर हैं।


प्रशासन द्वारा की जा रही विशेष तैयारियां

चक्रवात दाना से निपटने के लिए ओडिशा सरकार ने 23 से 25 अक्टूबर तक सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं। साथ ही, स्कूल और जन शिक्षा विभाग को भी 14 प्रभावित जिलों में सभी स्कूल बंद रखने का निर्देश दिया गया है।

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क्या हैं तैयारियां

  • तटरक्षक बल की तैयारी: चक्रवात ‘दाना’ के मद्देनजर भारतीय तटरक्षक बल ने पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों पर हाई अलर्ट जारी किया है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तैयारी की गई है।
  • रक्षा मंत्रालय का बयान: रक्षा मंत्रालय के अनुसार, चक्रवात ‘दाना’ के 24-25 अक्टूबर को पश्चिम बंगाल और ओडिशा के तटों से टकराने की संभावना है, जिसके चलते कई एहतियाती कदम उठाए गए हैं।
  • आपदा राहत टीम हाईअलर्ट पर: तटरक्षक बल की आपदा राहत टीम हाईअलर्ट पर है और आपात स्थिति में सहायता, बचाव और राहत कार्य के लिए पूरी तरह तैयार है।
  • मछुआरों और नाविकों के लिए चेतावनी: तटरक्षक बल मछुआरों और नाविकों को मौसम की चेतावनी और सुरक्षा सलाह दे रहा है, और उन्हें तुरंत किनारे लौटने और सुरक्षित स्थान पर रहने की हिदायत दी जा रही है।
  • पूर्वी रेलवे का फैसला: चक्रवात के कारण पूर्वी रेलवे ने सियालदह मंडल में 150 से ज्यादा लोकल ट्रेनें रद्द कर दी हैं, यह कदम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।
  • भुवनेश्वर हवाई अड्डे पर उड़ानें प्रभावित: भुवनेश्वर स्थित बीजू पटनायक अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर 16 घंटों के लिए उड़ानों का संचालन निलंबित कर दिया गया है, जिससे यात्रियों को सावधान किया जा रहा है।
  • ओडिशा में कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द: ओडिशा सरकार ने चक्रवात की गंभीरता को देखते हुए 23 से 25 अक्टूबर तक सभी सरकारी कर्मचारियों की छुट्टियां रद्द कर दी हैं।
  • स्कूल बंद करने का निर्देश: ओडिशा सरकार ने चक्रवात प्रभावित 14 जिलों में 23 से 25 अक्टूबर तक स्कूल बंद रखने का निर्देश जारी किया है, ताकि लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
  • मौसम विभाग की चेतावनी: भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने बताया कि चक्रवात ‘दाना’ 120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तट से टकरा सकता है, जिससे भारी नुकसान की आशंका है।
  • लहरों की ऊंचाई: चक्रवात के तट पर पहुंचने के दौरान समुद्र में लगभग दो मीटर ऊंची लहरें उठ सकती हैं, जिससे तटीय इलाकों में खतरा बढ़ सकता है।

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