संक्षेप (Short Summary) jodhpur में 17 दिन के नवजात की चार मौसियों द्वारा हत्या किए जाने का दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। पिता के अनुसार, बच्चे के हाथ-पैर तोड़े गए, बाल नोंचे गए और गला दबाया गया। मां बाथरूम में थी उसी दौरान वारदात हुई। पुलिस ने चारों मौसियों को हिरासत में लिया है और जादू-टोने के एंगल से भी जांच कर रही है
jodhpur में 17 दिन के मासूम की हत्या: चार मौसियों ने हाथ-पैर तोड़कर गला दबाकर मार डाला
रोते-रोते बेसुध हुई मां, गोद में पकड़े रही बच्चे की लाश
jodhpur से एक रूह कंपा देने वाला मामला सामने आया है, जहां सिर्फ 17 दिन के नवजात बच्चे की बेरहमी से हत्या कर दी गई। मासूम की मां रो-रोकर बेसुध हो गई और घंटों तक अपने बच्चे का शव गोद में लेकर बिलखती रही।बच्चे की चार मौसियों पर हत्या का आरोप है। पुलिस ने चारों महिलाओं को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
नेहरू नगर कॉलोनी में वारदात, जादू-टोने का शक भी

यह घटना जोधपुर की नेहरू नगर कॉलोनी की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इस घर की महिलाएं जादू-टोना करती थीं, और अक्सर उनके घर के बाहर नींबू-मिर्ची देखी जाती थी।पुलिस इस एंगल की भी जांच कर रही है।
मां बाथरूम गई, पीछे से हत्या कर दी गई
जानकारी के मुताबिक, सुमन नाम की महिला डेढ़ महीने पहले अपने मायके आई थी।
उसने 17 दिन पहले बेटे को जन्म दिया था।
पिता पूनाराम ने बताया कि शुक्रवार रात सुमन बाथरूम गई हुई थी। उसी दौरान उसकी चार बहनों ने बच्चे को मार दिया।
पिता का आरोप: पहले हाथ-पांव तोड़े, फिर गला दबाया
रोते हुए पिता ने बताया—मेरी पत्नी ने रात 3:30 बजे फोन किया और कहा कि उसकी बहनों ने मिलकर हमारे बच्चे को मार दिया। पहले मुंह दबाया, फिर हाथ-पैर तोड़ दिए और बाल नोंच दिए।”
उनका दावा है कि चारों मौसियों को सुमन से जलन थी क्योंकि उसकी शादी हो गई थी और दो बच्चे भी थे, जबकि वे चारों अभी तक कुंवारी हैं।
परिवार में पहले से रहते थे झगड़े
पड़ोसियों के अनुसार, सुमन के पिता एयरफोर्स में दिल्ली में नौकरी करते हैं। घर में पहले भी झगड़े होते रहते थे।
कहा जा रहा है कि मां और बेटियां अक्सर पिता हरिराम के दिल्ली से लौटने पर उनसे लड़ती थीं।

चारों मौसियां हिरासत में, FIR दर्ज
रातानाडा एसएचओ रामकृष्ण के अनुसार—हमें सुबह करीब 5:30 बजे बच्चे की हत्या की सूचना मिली। पिता ने अपनी सालियों पर हत्या का आरोप लगाया है। FIR दर्ज कर ली गई है और चारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
राजस्थान में शिशु मृत्यु दर अब भी चिंता का विषय
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS) के मुताबिक—
- 2014 में 1000 में से 39 बच्चों की मौत होती थी।
- 2023 में यह आंकड़ा घटकर 27 पर आ गया है।
हालांकि यह दर घटी है, लेकिन बच्चों की सुरक्षा और स्वास्थ्य अभी भी एक बड़ा मुद्दा बना हुआ है।
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