संक्षेप (Summary) Nishant Kumar बिहार से राज्यसभा चुनाव के लिए NDA की सूची लगभग तैयार है। JDU से निशांत कुमार का नाम चर्चा में है। मजबूत विधानसभा गणित के चलते NDA के चार सीटें जीतने की संभावना जताई जा रही है। निशांत की सक्रिय राजनीति में एंट्री को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है।
Nishant Kumar के बेटे निशांत की ‘ग्रैंड एंट्री’? सियासत में नई हलचल
पटना। बिहार की सियासत में एक बड़ा नाम तेजी से चर्चा में है— Nishant Kumar। सूत्रों के मुताबिक, उन्हें Janata Dal United (JDU) की ओर से राज्यसभा भेजा जा सकता है।अगर ऐसा होता है, तो यह उनकी सक्रिय राजनीति में औपचारिक एंट्री मानी जाएगी। वहीं, इससे बिहार की राजनीति में एक नई पीढ़ी की शुरुआत भी समझी जा रही है।
NDA की संभावित लिस्ट लगभग तैयार
सूत्रों के अनुसार, बिहार से राज्यसभा चुनाव के लिए National Democratic Alliance (NDA) ने अपनी सूची लगभग फाइनल कर ली है। संभावित उम्मीदवारों में—

- Bharatiya Janata Party (BJP) से: शिवेश राम और पवन सिंह
- Rashtriya Lok Morcha (RLM) से: उपेंद्र कुशवाहा
- Janata Dal United (JDU) से: रामनाथ ठाकुर और निशांत कुमार
इन नामों का चयन जातीय और क्षेत्रीय समीकरणों के साथ-साथ राजनीतिक संतुलन को ध्यान में रखकर किया गया है।
विधानसभा गणित NDA के पक्ष में
राज्यसभा चुनाव में विधायक वोट देते हैं। इसलिए विधानसभा में बहुमत सबसे अहम होता है।2025 के विधानसभा चुनाव के बाद बिहार में NDA की स्थिति बेहद मजबूत बताई जा रही है। गठबंधन के पास 200 से ज्यादा विधायक हैं।एक राज्यसभा सीट जीतने के लिए 41 विधायकों के वोट की जरूरत होती है। ऐसे में NDA के लिए चार सीटें जीतना लगभग तय माना जा रहा है।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर विपक्ष एकजुट नहीं हुआ, तो NDA पांचवीं सीट पर भी दावा ठोक सकता है।
सार्वजनिक मंचों पर दिखने लगे निशांत
पिछले साल विधानसभा चुनाव परिणाम के बाद से निशांत कुमार कई सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आए हैं।पटना के गांधी मैदान में हुए शपथ ग्रहण समारोह में भी वे आगे की पंक्ति में बैठे दिखे थे। जब उनसे राजनीति में आने को लेकर सवाल पूछा गया था, तो उन्होंने मुस्कराकर जवाब टाल दिया था।हालांकि, जेडीयू कार्यकर्ताओं के बीच लंबे समय से उन्हें सक्रिय राजनीति में लाने की मांग उठती रही है।
पोस्टर, नारे और सोशल मीडिया कैंपेन

पटना समेत कई जिलों में “नीतीश सेवक, मांगे निशांत” जैसे पोस्टर और बैनर लगाए गए। सोशल मीडिया पर भी उन्हें पार्टी का भविष्य और संभावित उत्तराधिकारी बताया जाता रहा है।समर्थकों का दावा है कि बड़ी संख्या में लोग उन्हें सक्रिय राजनीति में देखना चाहते हैं।
जल्द हो सकता है आधिकारिक ऐलान
फिलहाल उम्मीदवारों को लेकर अंतिम निर्णय दिल्ली और पटना स्तर पर बातचीत के बाद होगा। लेकिन जिस तरह से अंदरखाने चर्चा तेज है, उससे संकेत मिल रहे हैं कि औपचारिक ऐलान जल्द हो सकता है।अगर निशांत कुमार को राज्यसभा भेजा जाता है, तो यह बिहार की राजनीति में एक नई पारी की शुरुआत होगी।
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