Friday, March 20, 2026

PM Modi लॉन्च करेंगे 1 लाख करोड़ की RDI स्कीम, रिसर्च और डेवलपमेंट को मिलेगा बड़ा बूस्ट, भारत बनेगा इनोवेशन हब

by Sujal
PM Modi दिल्ली के भारत मंडपम में 1 लाख करोड़ रुपये की रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (RDI) स्कीम लॉन्च करेंगे। इस स्कीम से देश में रिसर्च, साइंस और टेक्नोलॉजी के क्षेत्र को मिलेगा नया आयाम।

PM Modi लॉन्च करेंगे 1 लाख करोड़ की स्कीम रिसर्च और डेवलपमेंट को मिलेगा बड़ा बूस्ट

PM Modi देश के वैज्ञानिक और औद्योगिक भविष्य को मजबूत करने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाने जा रहे हैं। सोमवार को पीएम मोदी राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के भारत मंडपम से एक लाख करोड़ रुपये की रिसर्च डेवलपमेंट एंड इनोवेशन (RDI) स्कीम की शुरुआत करेंगे। यह योजना देश के निजी क्षेत्र में रिसर्च और डेवलपमेंट (R&D) को बढ़ावा देने के लिए तैयार की गई है।

इसके साथ ही प्रधानमंत्री इमर्जिंग साइंस एंड टेक्नोलॉजी इनोवेशन कॉन्क्लेव (ESTIC) 2025 का उद्घाटन करेंगे और लोगों को संबोधित करेंगे। यह आयोजन देश में विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में नवाचार, साझेदारी और प्रगति के नए अध्याय की शुरुआत मानी जा रही है।


विज्ञान और टेक्नोलॉजी में आत्मनिर्भर भारत की दिशा में बड़ा कदम

RDI स्कीम का मुख्य उद्देश्य भारत को इनोवेशन और टेक्नोलॉजी का वैश्विक केंद्र बनाना है। इसके तहत निजी क्षेत्र, रिसर्च संस्थानों, विश्वविद्यालयों और स्टार्टअप्स को जोड़ते हुए एक ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया जाएगा, जो नए विचारों को जमीनी स्तर पर उतारेगा।

सरकार का मानना है कि रिसर्च और डेवलपमेंट में निवेश ही भविष्य की अर्थव्यवस्था की नींव है। प्रधानमंत्री मोदी कई बार कह चुके हैं कि “जो राष्ट्र विज्ञान और नवाचार को प्राथमिकता देता है, वही आगे बढ़ता है।”


तीन दिनों तक चलेगा “ESTIC 2025” कॉन्क्लेव

यह प्रतिष्ठित कॉन्क्लेव 3 से 5 नवंबर 2025 तक आयोजित किया जाएगा। इसमें देश-विदेश से जुड़े प्रमुख वैज्ञानिक, उद्योगपति, इनोवेटर्स, रिसर्चर, नीति निर्माता और नोबेल पुरस्कार विजेता भाग लेंगे।

कार्यक्रम का उद्देश्य न केवल वैज्ञानिक सहयोग को बढ़ाना है, बल्कि युवा इनोवेटर्स और स्टार्टअप्स को एक ऐसा मंच देना है जहां वे अपने विचार साझा कर सकें, मेंटरशिप प्राप्त करें और उद्योग जगत से जुड़कर अपनी परियोजनाओं को आगे बढ़ा सकें।


11 प्रमुख क्षेत्रों पर केंद्रित होगी चर्चा

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, इस सम्मेलन में विचार-विमर्श 11 प्रमुख विषयगत क्षेत्रों पर केंद्रित रहेगा:

  1. एडवांस मटेरियल्स और मैन्युफैक्चरिंग
  2. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI)
  3. बायो-मैन्युफैक्चरिंग
  4. ब्लू इकोनॉमी
  5. डिजिटल कम्युनिकेशन
  6. इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग
  7. एग्रीकल्चर टेक्नोलॉजी
  8. एनर्जी, पर्यावरण और जलवायु परिवर्तन
  9. हेल्थ एंड मेडिकल टेक्नोलॉजी
  10. क्वांटम साइंस एंड टेक्नोलॉजी
  11. स्पेस टेक्नोलॉजी

इन क्षेत्रों में भारत को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए विभिन्न संस्थानों और निजी कंपनियों को मिलकर काम करने के अवसर दिए जाएंगे।


शोधकर्ताओं और उद्योग जगत के लिए साझा मंच

ईएसटीआईसी 2025 केवल एक सम्मेलन नहीं बल्कि शोधकर्ताओं, उद्योगों और सरकार के बीच साझेदारी को मजबूत करने वाला एक साझा मंच है। यहां पर प्रमुख वैज्ञानिक, शोधकर्ता और युवा उद्यमी अपने प्रोजेक्ट प्रस्तुत करेंगे।

इस आयोजन में कई पैनल चर्चाएं होंगी, जिनमें भारत के विज्ञान और प्रौद्योगिकी इकोसिस्टम को कैसे अधिक आत्मनिर्भर बनाया जाए, इस पर विस्तृत चर्चा की जाएगी।

केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा, “ESTIC 2025 एक ऐसा मंच है जहां युवा इनोवेटर्स को उद्योग से जुड़ने, नए समाधान प्रदर्शित करने और भविष्य की दिशा तय करने का मौका मिलेगा।”


प्रधानमंत्री मोदी का विजन — “Make in India से लेकर Innovate in India तक”

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Pm Modi लॉन्च करेंगे 1 लाख करोड़ की Rdi स्कीम, रिसर्च और डेवलपमेंट को मिलेगा बड़ा बूस्ट, भारत बनेगा इनोवेशन हब 8

पिछले कुछ वर्षों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कई बार “Innovate in India” की अवधारणा को बढ़ावा दिया है। सरकार का मानना है कि केवल ‘मेक इन इंडिया’ ही नहीं, बल्कि ‘इनोवेट इन इंडिया’ भी देश को वैश्विक तकनीकी शक्ति बनाएगा।

इस स्कीम से भारत के वैज्ञानिक और तकनीकी युवाओं को वित्तीय सहायता, अनुसंधान सुविधाएं और वैश्विक सहयोग के अवसर मिलेंगे।


1 लाख करोड़ रुपये का निवेश क्यों है खास?

RDI स्कीम के तहत 1 लाख करोड़ रुपये का निवेश सरकार और निजी क्षेत्र दोनों मिलकर करेंगे। इसका उद्देश्य केवल सरकारी लैब्स तक सीमित नहीं, बल्कि निजी संस्थानों, स्टार्टअप्स और MSMEs तक रिसर्च कल्चर को फैलाना है।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस स्कीम से भारत की GDP में तकनीकी योगदान बढ़ेगा, रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे और विदेशी निवेशकों का भरोसा भी मजबूत होगा।


भारत का R&D सेक्टर — अब तेजी से बढ़ रहा है

पिछले दशक में भारत ने अंतरिक्ष, डिजिटल टेक्नोलॉजी, फार्मा और एग्रीकल्चर रिसर्च में उल्लेखनीय प्रगति की है। ISRO के मिशन चंद्रयान और आदित्य-L1, और AI आधारित कृषि समाधानों ने दुनिया को दिखाया है कि भारत अब तकनीकी रूप से आत्मनिर्भर बनने की राह पर है।

RDI स्कीम इन सफलताओं को और आगे बढ़ाएगी, ताकि भारत वैश्विक स्तर पर टेक्नोलॉजी हब बन सके।


इनोवेशन को मिलेगी गति, युवाओं को मिलेगा मौका

इस योजना का सबसे बड़ा फायदा देश के युवाओं को होगा। विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों में रिसर्च करने वाले छात्र अब अपने प्रोजेक्ट्स के लिए सरकारी और निजी फंडिंग प्राप्त कर सकेंगे।

यह स्कीम ऐसे इनोवेटर्स को प्रोत्साहित करेगी जो आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ग्रीन टेक्नोलॉजी, बायोटेक, और डिजिटल हेल्थ जैसे क्षेत्रों में नए समाधान लेकर आएंगे।


उद्योग और सरकार के बीच सहयोग से बढ़ेगी प्रगति

Prime Minister Narendra Modi To Launch Rs 12,000 Crore Development Projects  In Bihar, Bengal Today
Pm Modi लॉन्च करेंगे 1 लाख करोड़ की Rdi स्कीम, रिसर्च और डेवलपमेंट को मिलेगा बड़ा बूस्ट, भारत बनेगा इनोवेशन हब 9

ESTIC 2025 में इस बात पर भी जोर दिया जाएगा कि उद्योग जगत और सरकार के बीच सहयोग कैसे बढ़ाया जाए। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने पहले ही सेमीकंडक्टर मिशन, ड्रोन पॉलिसी और AI मिशन जैसी योजनाओं के जरिए कई नए रास्ते खोले हैं।

अब RDI स्कीम उन सभी प्रयासों को एक साथ जोड़कर भारत को वैश्विक अनुसंधान शक्ति बनाने की दिशा में अग्रसर करेगी।


वैश्विक विशेषज्ञों की भागीदारी से मिलेगा अनुभव

इस कॉन्क्लेव में अमेरिका, जापान, जर्मनी, इज़राइल और फ्रांस जैसे देशों के वैज्ञानिक और उद्योग प्रतिनिधि भी भाग लेंगे। इससे भारत को अंतरराष्ट्रीय अनुभव और तकनीकी साझेदारी के नए अवसर मिलेंगे।

कई वैश्विक टेक कंपनियां भी इस कार्यक्रम में अपने इनोवेशन प्रदर्शित करेंगी, जो भारत में सहयोग के नए रास्ते खोलेंगी।


प्रधानमंत्री मोदी का संदेश – “युवा भारत, इनोवेशन भारत”

प्रधानमंत्री मोदी का मानना है कि 21वीं सदी का भारत “युवा भारत, इनोवेशन भारत” है। देश की ऊर्जा और बुद्धिमत्ता को दिशा देने के लिए सरकार लगातार नई योजनाएं ला रही है।

उन्होंने कहा था, “हमारे युवा वैज्ञानिक दुनिया के हर मंच पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं। अब हमें अपने शोध को अपने देश की प्रगति से जोड़ना होगा।”


नीति निर्माताओं का मानना – “भारत बनेगा R&D का ग्लोबल सेंटर”

नीति आयोग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “RDI स्कीम भारत को आने वाले दशक में R&D और इनोवेशन का हब बना सकती है। यह योजना केवल फंडिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विचार, क्रियान्वयन और सहयोग के बीच पुल का काम करेगी।”

उन्होंने बताया कि देश में 400 से अधिक यूनिवर्सिटी और 1000 से ज्यादा स्टार्टअप इस स्कीम के तहत आवेदन करने के योग्य होंगे।


अंत में – विज्ञान से विकास की नई दिशा

ESTIC 2025 और RDI स्कीम मिलकर भारत के विज्ञान और टेक्नोलॉजी क्षेत्र में एक नया अध्याय लिखने जा रहे हैं। इस पहल से न केवल देश के वैज्ञानिक समुदाय को मजबूती मिलेगी, बल्कि यह भविष्य की पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा बनेगी।

यह कहना गलत नहीं होगा कि यह योजना भारत को आत्मनिर्भर से आगे बढ़ाकर “वैश्विक इनोवेशन लीडर” बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम है।

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