US Tariff पर अमेरिका ने दी बड़ी राहत! व्यापार समझौते के लिए भारत को दिया और वक्त, अब कब से होगा लागू
अमेरिका ने भारत को टैरिफ को लेकर बड़ी राहत दी है। दोनों देशों के बीच चल रही व्यापार बातचीत को देखते हुए अमेरिका ने भारत को और समय देने का फैसला किया है। इस फैसले के तहत अब नए व्यापार समझौते की शर्तें लागू होने में कुछ और समय लगेगा, जिससे भारतीय व्यापारियों और निर्यातकों को रणनीति तय करने का मौका मिलेगा। यह कदम द्विपक्षीय व्यापार को और मजबूत बनाने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर जल्द फैसला होने की उम्मीद और बढ़ गई है. अमेरिका ने एक तरफ तो 14 देशों पर सीधे टैरिफ ठोक दिया और दूसरी ओर भारत को इस महीने की और मोहलत दे दी है.
बांग्लादेश, जापान सहित दुनिया के 14 देशों पर सीधे टैरिफ ठोकने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को लेकर बड़ा दिल दिखाया है. अमेरिका के साथ जारी व्यापार समझौते की बातचीत को अंतिम रूप देने के लिए और राहत का फैसला किया गया. ट्रंप प्रशासन ने मंगलवार को बताया कि भारत पर टैरिफ लगाने के मामले में 1 अगस्त तक छूट दी गई है. तब तक दोनों देश ट्रेड डील पर किसी अंतरिम फैसले तक पहुंच सकते हैं.

ट्रंप प्रशासन की ओर से कहा गया कि अमेरिका के जवाबी शुल्क के निलंबन को एक अगस्त तक बढ़ाने से भारतीय निर्यातकों को राहत मिलेगी. साथ ही भारत और अमेरिका को अंतरिम व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए लंबित मुद्दों को सुलझाने के लिए भी ज्यादा समय मिलेगी. इससे पहले ट्रंप प्रशासन ने सोमवार को विभिन्न देशों को ‘पत्र’ भेजे जिसमें उन देशों के उत्पादों पर अमेरिका द्वारा लगाए जाने वाले टैरिफ का ब्योरा है. इन देशों में भारत को शामिल नहीं किया गया और अब उसे 1 अगस्त तक छूट का भी ऐलान हो गया है.
किन देशों पर लगाए टैरिफ

अमेरिका ने फिलहाल बांग्लादेश, बोस्निया एंड हर्जेगोविना, कंबोडिया, इंडोनेशिया, जापान, कजाकिस्तान, लाओ पीपुल्स डेमोक्रेटिक रिपब्लिक, मलेशिया, सर्बिया, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और ट्यूनीशिया को ट्रंप के हस्ताक्षरित पत्र भेजे हैं. अमेरिका के राष्ट्रपति ने एक अलग कार्यकारी आदेश में कई अन्य देशों पर बढ़ाए गए शुल्क को टालने की अवधि एक अगस्त तक बढ़ा दी है. शुल्क पर दी गई 90 दिन की छूट 9 जुलाई को खत्म हो रही है.
अमेरिका के लिए जरूरी है भारत
इस निर्णय पर टिप्पणी करते हुए निर्यातकों ने कहा कि जवाबी शुल्क लगाने को नौ जुलाई से एक अगस्त तक स्थगित करना अमेरिका की अपने व्यापारिक साझेदारों के साथ रचनात्मक रूप से जुड़ने की इच्छा को दर्शाता है. भारतीय निर्यात संगठन महासंघ (फियो) के महानिदेशक अजय सहाय ने कहा कि यह वार्ता के लिए एक विस्तारित अवसर प्रदान करता है, जिससे हमारे वार्ताकारों को शेष विवादास्पद मुद्दों को सुलझाने में मदद मिल सकती है
भारत के कड़े रुख पर झुका अमेरिका
सहाय ने कहा कि प्रस्तावित शुल्क के दायरे में करीब 12 देश आते हैं. हालांकि, यदि भारत इस महीने के अंत तक अमेरिका के साथ कम से कम वस्तुओं पर बीटीए (द्विपक्षीय व्यापार समझौता) को अंतिम रूप दे देता है तो तुलनात्मक रूप से अधिक फायदे में होगा. अंतरराष्ट्रीय व्यापार विशेषज्ञ विश्वजीत धर ने कहा कि यह भारत के लिए राहत की बात है. अमेरिका की यह प्रतिक्रिया भारत द्वारा कुछ मुद्दों पर कड़ा रुख अपनाने के कारण आई है. फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट ऑर्गनाइजेशन (फियो) के अध्यक्ष एवं लुधियाना स्थित इंजीनियरिंग निर्यातक ने कहा कि हालांकि यह एक छोटी सी राहत है, लेकिन हमें और अधिक की उम्मीद है.
ट्रंप बहुत अप्रत्याशित व्यक्ति
मुंबई स्थित निर्यातक एवं टेक्नोक्राफ्ट इंडस्ट्रीज (इंडिया) के संस्थापक शरद कुमार सराफ ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ‘बहुत अप्रत्याशित’ व्यक्ति हैं. सराफ ने कहा कि शुल्क निलंबन की अवधि बहुत कम है. भारतीय निर्यातकों को निर्यात बढ़ाने के लिए नए बाजार तलाशने चाहिए. भारत और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर बातचीत कर रहे हैं. उन्होंने सितंबर-अक्टूबर तक पहले चरण को पूरा करने का लक्ष्य रखा है. भारत ने अंतरिम व्यापार समझौते पर अमेरिकी अधिकारियों के समक्ष अपना रुख पहले ही स्पष्ट कर दिया है और अब फैसला अमेरिका को करना है. 2021-22 से अमेरिका भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार रहा है. 2024-25 में यह कारोबार 131.84 अरब डॉलर रहा था.
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