Vaishno Devi मार्ग पर बड़ा हादसा: अर्धकुंवारी में लैंडस्लाइड कई श्रद्धालुओं की मौत और घायल
Vaishno Devi की यात्रा पर निकले श्रद्धालुओं के लिए मंगलवार का दिन बेहद दर्दनाक साबित हुआ। अर्धकुंवारी मार्ग पर अचानक पहाड़ दरक गया और भूस्खलन की चपेट में आने से कई लोगों की मौत हो गई, जबकि दर्जनों श्रद्धालु घायल हैं। हादसे का मंजर इतना भयावह था कि वहां मौजूद लोगों की आंखों में डर और दर्द साफ झलक रहा था।

अचानक पहाड़ दरका श्रद्धालु दबे
26 अगस्त की दोपहर करीब 3 बजे भारी बारिश के बीच यह हादसा हुआ। अर्धकुंवारी इलाके में इंद्रप्रस्थ भोजनालय के पास अचानक पहाड़ का बड़ा हिस्सा गिर पड़ा। चंद सेकंड बाद ही बड़े-बड़े पत्थर और मलबा नीचे गिरने लगे और श्रद्धालुओं को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पत्थरों ने शेड को चीरते हुए लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। कई यात्री मौके पर ही गिर पड़े, जबकि बाकी लोग अपनी जान बचाने के लिए भागते नजर आए।
चश्मदीदों की आंखों में अब भी वो मंजर
हादसे के गवाह बने एक श्रद्धालु ने बताया कि वे अपने परिवार और दोस्तों के साथ लौट रहे थे, तभी पहाड़ टूटने लगा। उनकी आंखों के सामने कई यात्री दब गए। वहीं, हरियाणा से आए अमित कुमार ने कहा, “ऐसा लगा मानो पूरा पहाड़ हमारे ऊपर गिर जाएगा, लेकिन मां वैष्णो देवी की कृपा से मेरी जान बच गई।

राहत और बचाव कार्य जारी
घटना की जानकारी मिलते ही श्राइन बोर्ड की आपदा प्रबंधन टीम और पुलिस ने बचाव अभियान शुरू किया। घायलों को मलबे से बाहर निकालकर तुरंत कटड़ा और नारायणा अस्पताल पहुंचाया गया। अब तक 9 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हो चुकी है और 21 लोग घायल हैं, जिनमें कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
एक महीने में दूसरी बड़ी त्रासदी

यह घटना वैष्णो देवी मार्ग पर पिछले एक महीने में दूसरी बड़ी आपदा है। इससे पहले 21 जुलाई को बाणगंगा क्षेत्र में भूस्खलन हुआ था, जिसमें एक यात्री की मौत हुई थी और नौ लोग घायल हुए थे। वहीं, किश्तवाड़ में भी इसी महीने भूस्खलन की घटनाएं हुईं, जिनमें कई जानें गईं।
प्रशासन और नेताओं की प्रतिक्रिया

हादसे की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने आपात बैठक बुलाई और अधिकारियों को राहत कार्य तेज करने के निर्देश दिए। गृहमंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने भी शोक व्यक्त किया और स्थानीय प्रशासन को हर संभव मदद देने का आश्वासन दिया।
बारिश बनी आफत, यात्रा स्थगित
मौसम विभाग पहले ही भारी बारिश की चेतावनी जारी कर चुका था। हादसे के बाद फिलहाल यात्रा स्थगित कर दी गई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जम्मू-कश्मीर के कई जिलों में स्कूल-कॉलेज भी बंद कर दिए गए हैं।
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