Thursday, February 5, 2026

न्यूयॉर्क की ट्रेन में महिला को जिंदा जलाने वाले की गिरफ्तारी पर मस्क ने क्यों लिखा ‘Wow’

by भारतीय Tv
Why did Musk write 'Wow' on the arrest of the man who burnt a woman alive on a New York train?

अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर में रविवार सुबह एक खौफनाक घटना हुई जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। कोनी आइलैंड-स्टिलवेल एवेन्यू स्टेशन पर खड़ी एक सबवे ट्रेन में महिला को जिंदा जला दिया गया। घटना के समय महिला ट्रेन में बैठी थी, जब एक व्यक्ति ने अचानक उसके कपड़ों में लाइटर से आग लगा दी। मौके पर मौजूद अधिकारियों ने तुरंत आग बुझाई, लेकिन महिला ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

इस मामले में ग्वाटेमाला से आए एक अवैध प्रवासी, सबेस्टियन जैपेटा, को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस की जांच के अनुसार, जैपेटा 2018 में एरिजोना के जरिए अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुआ था। हालांकि, न्यूयॉर्क में उसका कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं मिला है। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें आरोपी को महिला को जलते हुए देखते हुए भागते हुए देखा गया।


एलन मस्क ने दी तीखी प्रतिक्रिया

यह मामला तब और तूल पकड़ गया जब दुनिया के सबसे अमीर व्यक्ति, एलन मस्क, ने इस घटना पर अपनी प्रतिक्रिया दी। मस्क ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट को रीट्वीट किया, जिसमें आरोपी के ग्वाटेमाला से अवैध प्रवासी होने की पुष्टि की गई थी।



मस्क ने इस ट्वीट के साथ लिखा, “Wow,” जो उनकी नाराजगी और हैरानी को व्यक्त करता है। मस्क के इस बयान को अमेरिका की मौजूदा आव्रजन नीतियों पर तंज के रूप में देखा जा रहा है। उन्होंने इस मुद्दे को उठाने के लिए अपनी बनाई हुई ‘अमेरिका’ नाम की पॉलिटिकल एक्शन कमेटी (PAC) का सहारा लिया। यह कमेटी सीमाओं की सुरक्षा और सुरक्षित शहरों की वकालत करती है।


ट्रंप और मस्क का अवैध प्रवासियों पर सख्त रुख

डॉनल्ड ट्रंप, जो अपने पिछले कार्यकाल में अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त नीतियों के लिए जाने जाते थे, ने इस मुद्दे पर फिर से ध्यान केंद्रित किया है। ट्रंप ने 2019 में ‘रिमेन इन मेक्सिको’ जैसी योजनाएं लागू की थीं, जिससे शरणार्थियों को अमेरिका में दाखिल होने से पहले मेक्सिको में रुकना पड़ता था।

मस्क और ट्रंप, दोनों ही अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त नीतियों के पक्षधर हैं। न्यूयॉर्क की घटना के बाद, ट्रंप ने संकेत दिया है कि यदि वे राष्ट्रपति बनते हैं, तो राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर अवैध प्रवासियों को बाहर निकालने के लिए सैन्य साधनों का उपयोग करेंगे। मस्क का इस मामले में ट्रंप का समर्थन करना तय माना जा रहा है।


अवैध प्रवासियों पर बढ़ी बहस

न्यूयॉर्क की घटना ने अवैध प्रवासियों के मुद्दे को एक बार फिर से चर्चा में ला दिया है। इस घटना से लोगों में गुस्सा बढ़ा है और देश की सुरक्षा नीतियों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। अमेरिकी आव्रजन और सीमा शुल्क प्रवर्तन (ICE) की 2024 की रिपोर्ट के मुताबिक, इस वित्तीय वर्ष में 2,71,000 से अधिक प्रवासियों को निर्वासित किया गया, जो पिछले एक दशक में सबसे बड़ी संख्या है।

हालांकि, आलोचकों का कहना है कि यह संख्या अभी भी पर्याप्त नहीं है और सख्त कदम उठाने की जरूरत है। न्यूयॉर्क की घटना इस बात का प्रमाण है कि सीमाओं पर सुरक्षा बढ़ाने की आवश्यकता है।


घटना से जुड़े सवाल और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने आरोपी सबेस्टियन जैपेटा को हिरासत में ले लिया है। पूछताछ में पता चला है कि आरोपी का पीड़िता से कोई संबंध नहीं था। उसने महिला के कपड़ों में आग लगाने के लिए लाइटर का इस्तेमाल किया, जिससे वह कुछ ही सेकंड में जलने लगी।

इस खौफनाक घटना ने अमेरिकी नागरिकों को सुरक्षा और अवैध प्रवासियों के मुद्दे पर सोचने पर मजबूर कर दिया है। घटना के बाद से लोगों के बीच गुस्से और भय का माहौल है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि मस्क और ट्रंप जैसे प्रभावशाली व्यक्तित्व इस मामले को आगे कैसे उठाते हैं।

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