ग्रेटर नोएडा वेस्ट की एक आवासीय सोसायटी में हुई हालिया घटना ने एक बार फिर ऊंची इमारतों में लिफ्ट सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। गैलेक्सी वेगा सोसायटी में चार बच्चियां अचानक लिफ्ट में फंस गईं और लगभग 30 मिनट तक बाहर नहीं निकल सकीं। इस दौरान घबराहट के माहौल में बच्चियों ने खुद को शांत रखने के लिए हनुमान चालीसा का पाठ शुरू कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।
क्या हुआ?
बताया जा रहा है कि 13 जुलाई की रात बच्चियां लिफ्ट से अपने फ्लोर पर जा रही थीं। अचानक लिफ्ट बीच रास्ते में रुक गई। कुछ समय के लिए अंदर अंधेरा भी हो गया, जिससे बच्चियां डर गईं। उन्होंने मदद के लिए आवाज लगाई और इमरजेंसी सहायता का इंतजार किया।
करीब 30 मिनट की मशक्कत के बाद मेंटेनेंस टीम ने लिफ्ट का दरवाजा खोलकर सभी बच्चियों को सुरक्षित बाहर निकाला। राहत की बात यह रही कि किसी को शारीरिक चोट नहीं आई, लेकिन यह अनुभव उनके लिए बेहद डरावना रहा।
वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सामने आने के बाद लोगों ने बच्चियों के साहस की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि कठिन परिस्थिति में उन्होंने धैर्य बनाए रखा और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाया। वहीं, कई लोगों ने इस घटना को लिफ्ट सुरक्षा व्यवस्था की गंभीर लापरवाही बताया।
लिफ्ट सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना के बाद सोसायटी के निवासियों ने लिफ्ट के नियमित रखरखाव और सुरक्षा मानकों को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सभी लिफ्टों की समय-समय पर तकनीकी जांच, ऑटोमैटिक रेस्क्यू सिस्टम की कार्यक्षमता की पुष्टि और आपातकालीन सहायता व्यवस्था को मजबूत किया जाना चाहिए।
ऐसी स्थिति में क्या करें?
यदि कभी लिफ्ट में फंस जाएं, तो घबराने के बजाय शांत रहें। इमरजेंसी बटन दबाएं, इंटरकॉम या मोबाइल फोन से सहायता मांगें और जब तक प्रशिक्षित कर्मचारी न पहुंचें, खुद से लिफ्ट का दरवाजा खोलने की कोशिश न करें।
निष्कर्ष
ग्रेटर नोएडा की यह घटना केवल एक खबर नहीं, बल्कि लिफ्ट सुरक्षा के महत्व की याद दिलाती है। आधुनिक आवासीय सोसायटियों में केवल सुविधाएं होना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि उनका नियमित रखरखाव और सुरक्षा मानकों का पालन भी उतना ही आवश्यक है। समय पर की गई जांच और बेहतर प्रबंधन भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।